MP: ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में बदली दर्शन व्यवस्था, अब 10 फीट दूर से होंगे दर्शन, हर मिनट मिल रहा लाभ
खंडवा के ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में सावन की भीड़ को देखते हुए नई दर्शन व्यवस्था लागू की गई है। अब श्रद्धालु 10 फीट दूर से दर्शन कर रहे हैं। प्रशासन के अनुसार इससे प्रति मिनट 100 से अधिक श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन का लाभ मिल रहा है।
खंडवा के ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में सावन की भीड़ को देखते हुए नई दर्शन व्यवस्था लागू की गई है। अब श्रद्धालु 10 फीट दूर से दर्शन कर रहे हैं। प्रशासन के अनुसार इससे प्रति मिनट 100 से अधिक श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन का लाभ मिल रहा है।
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मध्य प्रदेश के खंडवा जिले की धार्मिक नगरी ओंकारेश्वर में शनिवार से जिला प्रशासन ने ज्योतिर्लिंग श्री ओंकारेश्वर मंदिर की दर्शन व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव लागू किया है। पिछले करीब दो माह से चल रहे सुखदेव मुनि द्वार के चौड़ीकरण का कार्य पूरा होने के बाद एकादशी के अवसर से नई व्यवस्था के तहत आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू कर दिए गए।
नई व्यवस्था के अनुसार अब श्रद्धालुओं को भगवान ओंकारेश्वर के करीब 10 फीट की दूरी से दर्शन कराए जा रहे हैं, जबकि उनकी निकासी चांदी द्वार से की जा रही है। सावन माह में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए जिला कलेक्टर ऋषव गुप्ता के निर्देश पर यह व्यवस्था लागू की गई है। प्रशासन का दावा है कि इससे प्रत्येक मिनट 100 से अधिक श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन का लाभ मिल रहा है।
गाजियाबाद से आए श्रद्धालु गौरव सिंह ने बताया कि वे पहले भी कई बार ओंकारेश्वर दर्शन के लिए आ चुके हैं, लेकिन इस बार का अनुभव सबसे अलग रहा। उन्होंने कहा कि भले ही दर्शन पहले की तुलना में कुछ दूरी से हो रहे हैं, लेकिन व्यवस्था इतनी सुचारु है कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही। इसके लिए उन्होंने जिला प्रशासन का आभार जताया।
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दिल्ली से दर्शन करने पहुंचीं श्रद्धालु ईशा शर्मा ने कहा कि वह पहले भी एक बार ओंकारेश्वर आ चुकी हैं, लेकिन इस बार उन्हें मन भरकर भगवान के दर्शन करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि ऐसा महसूस हो रहा था जैसे भगवान और वह आमने-सामने हों। उनके अनुसार, आज का अनुभव शब्दों में बयां करना मुश्किल है और दर्शन व्यवस्था बेहद उत्कृष्ट है।
जिला कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि सावन माह को ध्यान में रखते हुए दर्शन व्यवस्था में बदलाव किए गए हैं। अब श्रद्धालु सुखदेव मुनि द्वार से तीन कतारों में मंदिर में प्रवेश कर रहे हैं और चांदी द्वार से बाहर निकल रहे हैं। इससे पहले की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक श्रद्धालु प्रति मिनट दर्शन कर पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अगले तीन दिनों में वीआईपी और शीघ्र दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी अलग क्यू मैनेजमेंट लागू किया जाएगा। वे निकासी द्वार से प्रवेश कर लकड़ी द्वार से बाहर निकलेंगे, जिससे दर्शन व्यवस्था और अधिक सुगम होगी।
