Omkareshwar News: यहां 108 कुण्डीय श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ व शिव महापुराण कथा का होगा आयोजन, ये सब होगा खास
ओंकारेश्वर क्षेत्र के बड़वाह नगर में 19 से 28 फरवरी तक 108 कुण्डीय श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ एवं श्री शिव महापुराण कथा का भव्य आयोजन किया जाएगा। नर्मदा तट पर होने वाले इस दस दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान में अखण्ड हरिनाम संकीर्तन, शोभायात्रा और काशी की तर्ज पर नर्मदा महाआरती आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
विस्तार
ओंकारेश्वर न्यूज 108 कुण्डीय श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ के साथ श्री शिव महापुराण कथा होगी जानें डिटेल्स
ओंकारेश्वर में यज्ञ संस्कृति को भारतीय संस्कृति, ऋषि संस्कृति और देव संस्कृति के रूप में जाना जाता है। ‘यज्ञ’ को भारत सहित सम्पूर्ण विश्व की देव परंपराओं में चौबीसवां अवतार भी माना गया है। इसी परंपरा को साकार करते हुए ओंकारेश्वर क्षेत्र के बड़वाह नगर में एक भव्य धार्मिक आयोजन होने जा रहा है।
नर्मदा तट के समीप नर्मदा रोड स्थित सत्कार ढाबे के पीछे खेड़ीघाट-नावघाटखेड़ी क्षेत्र में 19 से 28 फरवरी तक अखंड हरिनाम संकीर्तन एवं 108 कुण्डीय श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ के साथ श्री शिव महापुराण कथा एवं भक्तमाल कथा का 10 दिवसीय आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन परमपूज्यपाद तपोमूर्ति स्वामी श्री अवधेश चैतन्य ब्रह्मचारी जी महाराज (सुरजकुंड धाम, कुंभलगढ़, राजस्थान) के सानिध्य में तथा सत्संकल्पकर्ता स्वामी निर्मल चैतन्य पूरी जी महाराज के मार्गदर्शन में संपन्न होगा। आयोजन को लेकर करीब 12 एकड़ भूमि पर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।
108 हवन कुंडों का निर्माण
स्वामी निर्मल चैतन्य पूरी जी महाराज ने बताया कि बड़वाह नगर में पहली बार इतने भव्य स्तर पर 108 कुण्डीय श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। यज्ञशाला का आकार 100 बाय 100 फीट रखा गया है, जिसमें 108 हवन कुंडों का निर्माण कराया गया है।
यज्ञाचार्य श्रद्धेय पंडित प्रवर आचार्य डॉ. गंगाधर पांडेय महाभाग के आचार्यत्व में सवा करोड़ लक्ष्मीनारायण मंत्रों की आहुतियां यजमानों द्वारा प्रतिदिन सुबह 9 से 12 बजे तथा दोपहर 3 से 6 बजे तक दी जाएंगी।
महायज्ञ को लेकर निकलेगी भव्य शोभायात्रा
आयोजन समिति के सेवक राजू जायसवाल और राम गुप्ता ने बताया कि 18 फरवरी, रविवार को श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह शोभायात्रा सुबह 9 बजे आनंदेश्वर महादेव मंदिर से प्रारंभ होकर मैन चौराहा, जय स्तंभ चौराहा, नर्मदा रोड होते हुए सत्कार ढाबे के पीछे स्थित यज्ञ मंडप तक पहुंचेगी। इस दौरान महिलाएं कलश में नर्मदा जल भरकर करीब 2 किलोमीटर लंबी शोभायात्रा में पैदल शामिल होंगी।
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काशी की तर्ज पर होगी नर्मदा महाआरती
स्वामी निर्मल चैतन्य पूरी जी महाराज ने बताया कि अखंड हरिनाम संकीर्तन, भारत भ्रमण पदयात्रा एवं मां नर्मदा परिक्रमा के अंतर्गत इस आयोजन को विशेष स्वरूप दिया गया है। आयोजन के दौरान प्रतिदिन शाम 7 बजे काशी की गंगा आरती की तर्ज पर मां नर्मदा की भव्य महाआरती की जाएगी। इस आरती में पंडित प्रवर श्रवण मिश्र, अतुल मिश्र, सुभाष चंद्र सकलानी, बृजमोहन शर्मा एवं नारायण त्रिपाठी महाभाग द्वारा विधिवत आरती कराई जाएगी।
शिव महापुराण व भक्तमाल कथा का भी आयोजन
सेवक मलय गुप्ता, वैभव जोशी और तुषार त्रिवेदी ने बताया कि आयोजन के दौरान प्रतिदिन सुबह 5 बजे प्रभातफेरी के साथ अखंड हरिनाम संकीर्तन निकलेगा। वहीं, सायंकाल 8 बजे से रात 10 बजे तक श्री शिव महापुराण कथा एवं भक्तमाल कथा का वाचन किया जाएगा। आयोजन समिति ने क्षेत्र के समस्त धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ लेने की अपील की है।

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