Sawan: सावन के पहले सोमवार पर ओंकारेश्वर में उमड़ा आस्था का सैलाब, शाम चार बजे निकलेगी भगवान की पालकी
श्रावण मास के पहले सोमवार पर ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। नर्मदा स्नान के बाद भक्तों ने दर्शन किए। शाम चार बजे भगवान की पारंपरिक पालकी यात्रा निकलेगी। रुद्राभिषेक, विशेष श्रृंगार और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
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विस्तार
श्रावण मास के पहले सोमवार पर भगवान श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए सोमवार तड़के से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। मध्य प्रदेश सहित महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और देश के विभिन्न राज्यों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा में आस्था की डुबकी लगाने के बाद भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना की। मंदिर परिसर सुबह से ही 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयघोष से गूंजता रहा।
श्रावण मास के विशेष अवसर पर मंदिर को आकर्षक फूलों से सजाया गया है। गर्भगृह, सभामंडप और मंदिर परिसर का भव्य श्रृंगार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। भगवान श्री ओंकारेश्वर का विशेष श्रृंगार कर विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया। दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। मंदिर ट्रस्ट और जिला प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए हैं।
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नर्मदा स्नान के बाद किए भगवान के दर्शन
भोर होते ही कोटितीर्थ, गोमुख, अभय और अन्य घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा में स्नान कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और इसके बाद भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए। घाटों पर दिनभर धार्मिक अनुष्ठानों और शिव भक्ति का माहौल बना रहा।
शाम चार बजे निकलेगी भगवान की पालकी
श्रावण मास के पहले सोमवार का प्रमुख आकर्षण भगवान श्री ओंकारेश्वर की पारंपरिक पालकी यात्रा रहेगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शाम चार बजे भगवान पालकी में विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे और मार्ग में भक्तों को दर्शन देंगे। पालकी यात्रा के दौरान नगर के विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालु पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत करेंगे। धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों ने स्वागत की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
कोटितीर्थ घाट पर होगा वैदिक रुद्राभिषेक
पालकी यात्रा से पूर्व कोटितीर्थ घाट पर वैदिक विद्वानों की उपस्थिति में भगवान का रुद्राभिषेक किया जाएगा। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंचामृत और मां नर्मदा के पवित्र जल से अभिषेक होगा। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर प्रशासन की विशेष नजर
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस, मंदिर ट्रस्ट और नगर परिषद ने व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। मंदिर परिसर और प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। बैरिकेडिंग, वन-वे दर्शन व्यवस्था, पेयजल, चिकित्सा सहायता और यातायात नियंत्रण के विशेष इंतजाम किए गए हैं। घाटों पर भी सुरक्षा कर्मियों और गोताखोरों की तैनाती की गई है।
श्रावण मास का पहला सोमवार भगवान शिव की आराधना का विशेष पर्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन, जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी कारण हर वर्ष इस अवसर पर ओंकारेश्वर में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है।
