फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Khandwa News ›   second Sawan Somwar Massive Turnout Expected in Omkareshwar Two Royal Processions to Tour Town

MP: सावन के दूसरे सोमवार ओंकारेश्वर में उमड़ेगा आस्था का सैलाब, दो सवारियां करेंगी नगर भ्रमण; होगा महाभिषेक

Sun, 09 Aug 2026 03:11 PM IST
हिमांशु सिंह बघेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओंकारेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओंकारेश्वर Published by: हिमांशु सिंह बघेल Updated Sun, 09 Aug 2026 03:11 PM IST
सार

सावन के दूसरे सोमवार 10 अगस्त को ओंकारेश्वर में भगवान ओंकारेश्वर और ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग के विशेष धार्मिक आयोजन होंगे। शाम छह बजे ओंकारेश्वर का महाशृंगार और ममलेश्वर का 151 किलो धार्मिक द्रव्यों से महाभिषेक होगा। दोनों सवारियां नौकाविहार और नगर भ्रमण करेंगी।

विज्ञापन
second Sawan Somwar Massive Turnout Expected in Omkareshwar Two Royal Processions to Tour Town
ओंकारेश्वर में दो बड़े धार्मिक आयोजन संपन्न होंगे - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

सावन माह के दूसरे सोमवार यानी दस अगस्त को भगवान ओंकारेश्वर-ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग की पवित्र नगरी ओंकारेश्वर में दो बड़े धार्मिक आयोजन संपन्न होंगे। भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग का शाम छह बजे महाशृंगार किया जाएगा। गर्भगृह को सुगंधित और विभिन्न प्रकार के फूलों से सुसज्जित किया जाएगा। महाशृंगार के लिए उज्जैन से पंडित पहुंचेंगे। वहीं, भगवान ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग का नर्मदा के महानिर्वाणी घाट पर शाम छह बजे दूध, दही, शहद, मिश्री, मक्खन, भांग और भस्म से महाभिषेक किया जाएगा। दोनों भगवानों की सवारियां नगर भ्रमण भी करेंगी। हजारों भोलेनाथ के भक्त दोनों सवारियों के साथ आगे-आगे 'बम-बम भोले', 'हर-हर महादेव' और 'जय शिव शंकर' के जयकारों के साथ भगवान को नगर भ्रमण करवाएंगे।
विज्ञापन


दूसरे सोमवार को उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़
सावन माह के दूसरे सोमवार को पूरे देश के साथ ही मध्य प्रदेश के श्रद्धालु भी ओंकारेश्वर पहुंचेंगे। नर्मदा स्नान करने के बाद श्रद्धालु भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग एवं ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में पहुंचकर दर्शन लाभ लेंगे। सावन माह में श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ को जल, बेलपत्र, फूल, नारियल और प्रसाद अर्पित करेंगे।
विज्ञापन


सुबह चार बजे खुलेंगे मंदिर के पट
ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट प्रबंधक ट्रस्टी राजा राव पुष्पेंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि सावन माह के दूसरे सोमवार को मंदिर के पट प्रातः चार बजे ही श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे। दोपहर के समय 12:20 से 1:20 बजे तक मंदिर के द्वार बंद कर दिए जाएंगे। शाम चार बजे भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग को जल अर्पित करना बंद कर दिया जाएगा। मंदिर की साफ-सफाई करने के बाद भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग का महाशृंगार किया जाएगा। इसमें विभिन्न प्रकार की आयुर्वेदिक और धार्मिक वस्तुओं के साथ भगवान को मेवा-मिष्ठान से सजाया जाएगा। शाम छह बजे श्रद्धालुओं को दूर से ही भगवान के दर्शन करवाए जाएंगे। मंदिर परिसर में निकासी द्वार के सामने भगवान को 56 प्रकार के मिष्ठानों का महाभोग लगाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


चार बजे निकलेगी भगवान ओंकारेश्वर की सवारी
मंदिर ट्रस्ट से निकलने वाली सवारियों के प्रभारी आशीष दीक्षित ने जानकारी देते हुए बताया कि भगवान ओंकारेश्वर की सावन माह की दूसरी सवारी मंदिर में आरती और पूजा-पाठ करने के बाद शाम 4 बजे कोटितीर्थ घाट के लिए रवाना होगी। घाट पर भगवान के पंचमुखी मुखौटे को नर्मदा के जल से स्नान कराया जाएगा। इसके बाद ओंकारेश्वर के वेदाचार्य पंडित राजराजेश्वर दीक्षित के आचार्यत्व में नगर के विद्वान पंडितों द्वारा अभिषेक किया जाएगा। सभी धार्मिक कार्यक्रम संपन्न होने के बाद शाम 6 बजे भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग की सवारी नावों में विराजमान होकर नौकाविहार करेगी।

ममलेश्वर की सवारी भी निकलेगी
भगवान ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग की सवारी शाम 4 बजे मंदिर से निकलेगी और शाम 5 बजे गोमुख घाट पहुंचेगी। यहां सभी धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे। उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्ष सावन माह के दूसरे सोमवार को भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग की सवारी गोमुख घाट से बालवाड़ी, मुख्य बाजार और पुराने बस स्टैंड होते हुए अपने मंदिर पहुंचेगी।

ये भी पढ़ें-  Ujjain: महाकाल की सवारी में इस बार कौन बनेगा अगुवा? श्यामू हाथी अनफिट, सोमा ने दिया ट्रायल; असमंजस में प्रशासन

151 किलो धार्मिक द्रव्यों से होगा ममलेश्वर का महाभिषेक
पंडित श्रीकांत जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि भगवान ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग महादेव का 151 किलो दूध, दही, मिश्री, शहद, मक्खन, भस्म, भांग एवं अन्य प्रकार के धार्मिक द्रव्यों से महाभिषेक संपन्न होगा। सभी धार्मिक कार्यक्रम संपन्न होने के बाद भगवान ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग की सवारी शाम 6 बजे भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग की सवारी के साथ नौकाविहार करेगी। इसके बाद दोनों सवारियां गोमुख घाट, चंद्रमौलेश्वर, काशी विश्वनाथ मंदिर, बालवाड़ी बाजार, पुराना बस स्टैंड, मुख्य बाजार, विष्णु मंदिर, श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा, पुराने पुल के पास जेपी चौक पहुंचेंगी। यहां नगर के लोग और श्रद्धालु गुलाल एवं गुलाब के फूलों की वर्षा कर दोनों भगवानों की सवारियों का जोरदार स्वागत करेंगे।


रात 10 बजे मंदिर पहुंचेंगी सवारियां
भगवान ओंकारेश्वर की सवारी पुराने पुल से होती हुई शिवपुरी और मुख्य बाजार से मंदिर पहुंचेगी। रात 10 बजे सवारी मंदिर पहुंचेगी। मंदिर के सायंकालीन पुजारी डंकेश्वर दीक्षित द्वारा भगवान की शयन आरती के बाद भगवान मंदिर में विश्राम के लिए चले जाएंगे। वहीं, भगवान ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग की सवारी जेपी चौक से गोमुख घाट होते हुए ममलेश्वर मंदिर पहुंचेगी। रात 10 बजे भगवान का विश्राम होगा।

रविवार को भी उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
रविवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन करने पहुंचे। नर्मदा स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं ने दोनों मंदिरों में दर्शन किए और पंडित-पुजारियों से अभिषेक-पूजन संपन्न करवाया। श्रद्धालुओं ने ओंकार पर्वत की परिक्रमा भी लगाई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed