{"_id":"69cfa9cd6a6fec9ac60baaf6","slug":"lawrence-bishnoi-gang-that-spread-terror-by-firing-in-name-of-lawrence-bishnoi-gang-destroyed-12-arrested-2026-04-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lawrence Bishnoi: लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम फायरिंग कर दहशत फैलाने वाला गिरोह ध्वस्त, अब तक 12 गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lawrence Bishnoi: लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम फायरिंग कर दहशत फैलाने वाला गिरोह ध्वस्त, अब तक 12 गिरफ्तार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खरगोन
Published by: खरगोन ब्यूरो
Updated Fri, 03 Apr 2026 05:21 PM IST
विज्ञापन
सार
खरगोन जिले के कसरावद क्षेत्र में फायरिंग कर 10 करोड़ की फिरौती मांगने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ। पुलिस ने 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में पुराना विवाद कारण निकला। हथियार व वाहन जब्त हुए, जबकि मुख्य आरोपी सहित कई आरोपी अब भी फरार हैं।
लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर उगाही
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
खरगोन जिले के कसरावद थाना क्षेत्र में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर फायरिंग कर 10 करोड़ रुपए की फिरौती मांगने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि कई अन्य आरोपी अभी फरार हैं।
एसपी रविंद्र वर्मा ने बताया कि घटना 17 मार्च 2026 की है, जब भीलगांव निवासी सत्येंद्र राठौड़ ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उनके और उनके पिता दिलीप राठौड़ के वॉट्सएप पर एक इंटरनेशनल नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को हैरी बॉक्सर बताते हुए लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा होना बताया और कहा कि उनके घर पर फायरिंग उसी ने करवाई है। आरोपी ने 10 करोड़ रुपए की मांग करते हुए जान से मारने की धमकी दी और फायरिंग का वीडियो भी भेजा।
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित कर सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर सूचना और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर जांच शुरू की। करीब 15 दिन की लगातार कार्रवाई के बाद पुलिस ने गिरोह का खुलासा करते हुए 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि मुख्य षड्यंत्रकारी लोकेन्द्र पिता हरिसिंह पंवार (42) निवासी ग्राम घुडावन थाना इंगोरिया जिला उज्जैन और सचिन पिता हीरालाल पाटीदार (36) निवासी ग्राम करोली मनावर जिला धार का फरियादी से पहले से पैसों का विवाद था। इसी विवाद के चलते इन्होंने गैंग के नाम पर साजिश रची।
ये भी पढ़ें- लॉरेंस के गुर्गे का नागदा में सरेंडर: व्यापारी के घर फायरिंग कबूली, मोहाली रॉकेट लांचर हमले में भी नाम
गिरफ्तार आरोपियों में अमित कुमार पिता हुकुमचंद बडगोत्या (32) निवासी किशनपुरा मक्सी रोड उज्जैन, मलखान उर्फ विजेन्द्र पिता मोहन सिसोदिया निवासी ग्राम सिया थाना बैंक नोट प्रेस जिला देवास, शाहरुख पिता नवाब खान निवासी ग्राम सिंदनी थाना टोंकखुर्द जिला देवास, कृष्णपाल उर्फ केन्या पिता अनोखीलाल सोलंकी निवासी ग्राम सिया थाना बैंक नोट प्रेस जिला देवास, अंश उर्फ अंशु पिता कैलाश पाल निवासी ग्राम सिया थाना बैंक नोट प्रेस जिला देवास, शिवा पिता राकेश बिलगड़े निवासी सिया थाना बैंक नोट प्रेस जिला देवास, ऋतिक उर्फ जंजीरा पिता जितेंद्र सिंह पंवार निवासी ग्राम सिया थाना बैंक नोट प्रेस जिला देवास, रोहित पिता जयराम मालवीय निवासी छोटा मालसा पुरा थाना बैंक नोट प्रेस जिला देवास, राजा पिता साकिर खान निवासी सिंदनी जिला देवास, वर्तमान में देवास जेल में निरुद्ध तथा केस खान पिता जाकिर खान निवासी ग्राम बालसमुद थाना कसरावद जिला खरगोन शामिल हैं।
ये भी पढ़ें- खरगोन में व्यापारी के घर फायरिंग कर 10 करोड़ की रंगदारी मांगी, लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा कनेक्शन
प्रकरण में जावेद पिता जाकिर खान निवासी अमरपुरा जिला देवास, रवि पिता विक्रम चौहान निवासी कसारी चौहान जिला रतलाम, राहुल बाबा बिंझाना निवासी देवास, कुलदीप पिता मेहरबान सिंह राजपूत निवासी कसारी चौहान जिला रतलाम, संदीप पिता हुकूमचंद प्रजापति निवासी बिछडोद जिला उज्जैन और हरिचंद जाट उर्फ हैरी बॉक्सर फिलहाल फरार हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने पहले रेकी की, कई बार फायरिंग की कोशिश की और 16 मार्च को सफलतापूर्वक गोली चलाकर उसका वीडियो बनाया, जिसे बाद में फिरौती मांगने के लिए इस्तेमाल किया गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 4 पिस्टल, 10 कारतूस, 3 कार, 1 मोटरसाइकिल और 10 मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 44 लाख रुपए आंकी गई है। गौरतलब है कि गिरोह के कई आरोपियों पर पहले से हत्या, लूट, अपहरण, आर्म्स एक्ट और रंगदारी के गंभीर मामले दर्ज हैं। मुख्य आरोपी राजपाल सिंह से पूर्व में एनआईए भी पूछताछ कर चुकी है और पुलिस दबाव के चलते उसने उज्जैन में आत्मसमर्पण कर दिया।
Trending Videos
एसपी रविंद्र वर्मा ने बताया कि घटना 17 मार्च 2026 की है, जब भीलगांव निवासी सत्येंद्र राठौड़ ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उनके और उनके पिता दिलीप राठौड़ के वॉट्सएप पर एक इंटरनेशनल नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को हैरी बॉक्सर बताते हुए लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा होना बताया और कहा कि उनके घर पर फायरिंग उसी ने करवाई है। आरोपी ने 10 करोड़ रुपए की मांग करते हुए जान से मारने की धमकी दी और फायरिंग का वीडियो भी भेजा।
विज्ञापन
विज्ञापन
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित कर सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर सूचना और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर जांच शुरू की। करीब 15 दिन की लगातार कार्रवाई के बाद पुलिस ने गिरोह का खुलासा करते हुए 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि मुख्य षड्यंत्रकारी लोकेन्द्र पिता हरिसिंह पंवार (42) निवासी ग्राम घुडावन थाना इंगोरिया जिला उज्जैन और सचिन पिता हीरालाल पाटीदार (36) निवासी ग्राम करोली मनावर जिला धार का फरियादी से पहले से पैसों का विवाद था। इसी विवाद के चलते इन्होंने गैंग के नाम पर साजिश रची।
ये भी पढ़ें- लॉरेंस के गुर्गे का नागदा में सरेंडर: व्यापारी के घर फायरिंग कबूली, मोहाली रॉकेट लांचर हमले में भी नाम
गिरफ्तार आरोपियों में अमित कुमार पिता हुकुमचंद बडगोत्या (32) निवासी किशनपुरा मक्सी रोड उज्जैन, मलखान उर्फ विजेन्द्र पिता मोहन सिसोदिया निवासी ग्राम सिया थाना बैंक नोट प्रेस जिला देवास, शाहरुख पिता नवाब खान निवासी ग्राम सिंदनी थाना टोंकखुर्द जिला देवास, कृष्णपाल उर्फ केन्या पिता अनोखीलाल सोलंकी निवासी ग्राम सिया थाना बैंक नोट प्रेस जिला देवास, अंश उर्फ अंशु पिता कैलाश पाल निवासी ग्राम सिया थाना बैंक नोट प्रेस जिला देवास, शिवा पिता राकेश बिलगड़े निवासी सिया थाना बैंक नोट प्रेस जिला देवास, ऋतिक उर्फ जंजीरा पिता जितेंद्र सिंह पंवार निवासी ग्राम सिया थाना बैंक नोट प्रेस जिला देवास, रोहित पिता जयराम मालवीय निवासी छोटा मालसा पुरा थाना बैंक नोट प्रेस जिला देवास, राजा पिता साकिर खान निवासी सिंदनी जिला देवास, वर्तमान में देवास जेल में निरुद्ध तथा केस खान पिता जाकिर खान निवासी ग्राम बालसमुद थाना कसरावद जिला खरगोन शामिल हैं।
ये भी पढ़ें- खरगोन में व्यापारी के घर फायरिंग कर 10 करोड़ की रंगदारी मांगी, लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा कनेक्शन
प्रकरण में जावेद पिता जाकिर खान निवासी अमरपुरा जिला देवास, रवि पिता विक्रम चौहान निवासी कसारी चौहान जिला रतलाम, राहुल बाबा बिंझाना निवासी देवास, कुलदीप पिता मेहरबान सिंह राजपूत निवासी कसारी चौहान जिला रतलाम, संदीप पिता हुकूमचंद प्रजापति निवासी बिछडोद जिला उज्जैन और हरिचंद जाट उर्फ हैरी बॉक्सर फिलहाल फरार हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने पहले रेकी की, कई बार फायरिंग की कोशिश की और 16 मार्च को सफलतापूर्वक गोली चलाकर उसका वीडियो बनाया, जिसे बाद में फिरौती मांगने के लिए इस्तेमाल किया गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 4 पिस्टल, 10 कारतूस, 3 कार, 1 मोटरसाइकिल और 10 मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 44 लाख रुपए आंकी गई है। गौरतलब है कि गिरोह के कई आरोपियों पर पहले से हत्या, लूट, अपहरण, आर्म्स एक्ट और रंगदारी के गंभीर मामले दर्ज हैं। मुख्य आरोपी राजपाल सिंह से पूर्व में एनआईए भी पूछताछ कर चुकी है और पुलिस दबाव के चलते उसने उज्जैन में आत्मसमर्पण कर दिया।

कमेंट
कमेंट X