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Maheshwar News: महालक्ष्मी नगर नाला विवाद अदालत पहुंचा, अधिकारियों को नोटिस; 27 जुलाई को आंदोलन की चेतावनी
Fri, 24 Jul 2026 11:25 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महेश्वर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 24 Jul 2026 11:25 PM IST
सार
महेश्वर में अधूरे नाले से हो रही परेशानी को लेकर रहवासियों ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में जनहित याचिका दायर की है। 29 जुलाई को सुनवाई होगी। 20 से अधिक शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं होने पर 27 जुलाई को जन आंदोलन की चेतावनी दी गई है। नगर पालिका ने स्थायी समाधान का आश्वासन दिया है।
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मामला कोर्ट तक पहुंच गया है।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
महेश्वर के वार्ड क्रमांक-4 स्थित महालक्ष्मी नगर और वल्लभ विहार फेस-2 को जोड़ने वाली सड़क पर अधूरे नाले का विवाद अब न्यायालय तक पहुंच गया है। क्षेत्र के रहवासियों की ओर से अधिवक्ता कार्तिक जोशी एवं अन्य लोगों ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मंडलेश्वर में जनहित याचिका दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि नगर पालिका द्वारा सड़क पर नाला खोदने के बाद समय पर उसका स्थायी निर्माण नहीं कराया गया, जिससे बरसात के दौरान पानी का जमाव, गंदगी और आवागमन की समस्या बनी हुई है।
याचिका के अनुसार सड़क पर लगभग सात से आठ फीट का हिस्सा लंबे समय से अधूरा पड़ा है। इससे क्षेत्र में बदबू, मच्छरों का प्रकोप और दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल बसों, दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रहवासियों का दावा है कि उन्होंने कई बार नगर पालिका और संबंधित अधिकारियों को शिकायतें दीं। इसके अलावा 20 से अधिक बार सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ। इसके बाद जनहित याचिका दायर की गई।
ये भी पढ़ें- नाबालिग को होटल में बंधक बनाकर दुष्कर्म करने और पहरा देने वाले आरक्षकों को भेजा जेल, बर्खास्तगी की तैयारी
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मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने 29 जुलाई को सुनवाई निर्धारित करते हुए कलेक्टर खरगोन, एसडीएम मंडलेश्वर, नगर पालिका अध्यक्ष, मुख्य नगर पालिका अधिकारी तथा संबंधित वार्ड पार्षद को नोटिस जारी किए हैं। याचिकाकर्ता सुनवाई के दौरान अपने दस्तावेज और अन्य साक्ष्य भी प्रस्तुत करेंगे। इधर, कॉलोनीवासियों ने प्रशासन को लिखित सूचना देकर चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो 27 जुलाई को नगर पालिका कार्यालय के सामने "मटकी फोड़ जन आंदोलन" किया जाएगा। इसकी सूचना पुलिस प्रशासन को भी देने की बात कही गई है।
नगर पालिका का पक्ष
मुख्य नगर पालिका अधिकारी प्रियक पंडिया ने कहा कि संबंधित स्थान पर पानी का जमाव हो रहा था। फिलहाल वहां अस्थायी व्यवस्था कर दी गई है। सक्षम स्तर से स्वीकृति मिलने के बाद स्थायी समाधान के लिए आवश्यक निर्माण कार्य कराया जाएगा।
क्या है पूरा मामला
महालक्ष्मी नगर और वल्लभ विहार फेस-2 को जोड़ने वाली सड़क पर नगर पालिका ने नाले का निर्माण शुरू किया था। निर्माण कार्य अधूरा रहने से सड़क का हिस्सा लंबे समय से खोदा हुआ है। बरसात में नाले का पानी सड़क पर फैलने लगा, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। रहवासियों का कहना है कि कई शिकायतों और 20 से अधिक सीएम हेल्पलाइन के बाद भी स्थायी समाधान नहीं हुआ। समस्या के समाधान की मांग को लेकर पहले प्रशासन से शिकायतें की गईं, फिर जनहित याचिका दायर की गई। अब मामले की सुनवाई 29 जुलाई को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मंडलेश्वर में होगी।
अब आगे क्या?
27 जुलाई को प्रस्तावित जन आंदोलन पर सभी की नजर रहेगी। 29 जुलाई को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में मामले की सुनवाई होगी। संबंधित अधिकारी अपना पक्ष रखेंगे और याचिकाकर्ता दस्तावेज एवं साक्ष्य प्रस्तुत करेंगे। सुनवाई के बाद प्राधिकरण आवश्यक निर्देश जारी कर सकता है।
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याचिका के अनुसार सड़क पर लगभग सात से आठ फीट का हिस्सा लंबे समय से अधूरा पड़ा है। इससे क्षेत्र में बदबू, मच्छरों का प्रकोप और दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल बसों, दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रहवासियों का दावा है कि उन्होंने कई बार नगर पालिका और संबंधित अधिकारियों को शिकायतें दीं। इसके अलावा 20 से अधिक बार सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ। इसके बाद जनहित याचिका दायर की गई।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने 29 जुलाई को सुनवाई निर्धारित करते हुए कलेक्टर खरगोन, एसडीएम मंडलेश्वर, नगर पालिका अध्यक्ष, मुख्य नगर पालिका अधिकारी तथा संबंधित वार्ड पार्षद को नोटिस जारी किए हैं। याचिकाकर्ता सुनवाई के दौरान अपने दस्तावेज और अन्य साक्ष्य भी प्रस्तुत करेंगे। इधर, कॉलोनीवासियों ने प्रशासन को लिखित सूचना देकर चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो 27 जुलाई को नगर पालिका कार्यालय के सामने "मटकी फोड़ जन आंदोलन" किया जाएगा। इसकी सूचना पुलिस प्रशासन को भी देने की बात कही गई है।
नगर पालिका का पक्ष
मुख्य नगर पालिका अधिकारी प्रियक पंडिया ने कहा कि संबंधित स्थान पर पानी का जमाव हो रहा था। फिलहाल वहां अस्थायी व्यवस्था कर दी गई है। सक्षम स्तर से स्वीकृति मिलने के बाद स्थायी समाधान के लिए आवश्यक निर्माण कार्य कराया जाएगा।
क्या है पूरा मामला
महालक्ष्मी नगर और वल्लभ विहार फेस-2 को जोड़ने वाली सड़क पर नगर पालिका ने नाले का निर्माण शुरू किया था। निर्माण कार्य अधूरा रहने से सड़क का हिस्सा लंबे समय से खोदा हुआ है। बरसात में नाले का पानी सड़क पर फैलने लगा, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। रहवासियों का कहना है कि कई शिकायतों और 20 से अधिक सीएम हेल्पलाइन के बाद भी स्थायी समाधान नहीं हुआ। समस्या के समाधान की मांग को लेकर पहले प्रशासन से शिकायतें की गईं, फिर जनहित याचिका दायर की गई। अब मामले की सुनवाई 29 जुलाई को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मंडलेश्वर में होगी।
अब आगे क्या?
27 जुलाई को प्रस्तावित जन आंदोलन पर सभी की नजर रहेगी। 29 जुलाई को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में मामले की सुनवाई होगी। संबंधित अधिकारी अपना पक्ष रखेंगे और याचिकाकर्ता दस्तावेज एवं साक्ष्य प्रस्तुत करेंगे। सुनवाई के बाद प्राधिकरण आवश्यक निर्देश जारी कर सकता है।
