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MP News: चीता प्रोजेक्ट के डायरेक्टर सूचना आयोग में तलब, RTI में जानकारी नहीं देने पर राज्य सूचना आयुक्त सख्त
Fri, 31 Jul 2026 06:39 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Fri, 31 Jul 2026 06:39 PM IST
सार
कूनो चीता प्रोजेक्ट से जुड़ी जानकारी सूचना के अधिकार में नहीं देने के मामले में मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयोग ने चीता प्रोजेक्ट के डायरेक्टर उत्तम शर्मा को तलब किया है। आयोग ने तीन प्रकरणों में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जवाब देने के निर्देश दिए हैं।
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आरटीआई कार्यकर्ता अजय दुबे की याचिका पर चीता प्रोजेक्ट के डायरेक्टर तलब
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कूनो राष्ट्रीय उद्यान के चीता प्रोजेक्ट से जुड़ी सूचनाएं सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत उपलब्ध नहीं कराने के मामले में मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। राज्य सूचना आयुक्त राजेश भट्ट ने शुक्रवार को हुई सुनवाई में चीता प्रोजेक्ट के डायरेक्टर उत्तम शर्मा को तीन मामलों में आयोग के समक्ष तलब किया है। यह सुनवाई सामाजिक कार्यकर्ता अजय दुबे द्वारा दायर शिकायत याचिका पर हुई। याचिका में आरोप लगाया गया था कि चीता प्रोजेक्ट से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई थीं, लेकिन विभाग ने उन्हें देने से इनकार कर दिया।
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2024 में आरटीआई में मांगी जानकारी
याचिकाकर्ता ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2024 में चीतों को बेहोश करने की अनुमति, ब्लड टेस्ट, घायल चीतों के ऑपरेशन के बाद की रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, कूनो नेशनल पार्क में निर्माण कार्यों में उपयोग की गई खनिज सामग्री, चीता प्रोजेक्ट पर बनी डॉक्यूमेंट्री की अनुमति तथा चीता अस्पताल में उपलब्ध डॉक्टरों और संसाधनों से जुड़ी जानकारी मांगी थी। आरोप है कि विभाग ने सूचना देने से इनकार करते हुए आरटीआई अधिनियम की धारा 8(1)(a) और 8(1)(j) का हवाला दिया। कुछ मामलों में जानकारी देने के लिए अतिरिक्त शुल्क भी मांगा गया।
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विभाग और क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग
सुनवाई के दौरान अजय दुबे ने आयोग के समक्ष दस्तावेज पेश करते हुए आरोप लगाया कि वर्ष 2024 से अब तक आरटीआई अधिनियम का गंभीर उल्लंघन किया गया। उनका कहना था कि चीता प्रोजेक्ट के प्रभारी उत्तम शर्मा ने स्वयं ही लोक सूचना अधिकारी (पीआईओ) और प्रथम अपीलीय अधिकारी की भूमिका निभाते हुए आदेश पारित किए, जो नियमों के विपरीत है। याचिकाकर्ता ने आयोग से उत्तम शर्मा पर आरटीआई अधिनियम के प्रावधानों के तहत जुर्माना लगाने, विभागीय जांच कराने और क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग भी की है। मामले में अब सूचना आयोग डायरेक्टर से जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई करेगा।
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2024 में आरटीआई में मांगी जानकारी
याचिकाकर्ता ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2024 में चीतों को बेहोश करने की अनुमति, ब्लड टेस्ट, घायल चीतों के ऑपरेशन के बाद की रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, कूनो नेशनल पार्क में निर्माण कार्यों में उपयोग की गई खनिज सामग्री, चीता प्रोजेक्ट पर बनी डॉक्यूमेंट्री की अनुमति तथा चीता अस्पताल में उपलब्ध डॉक्टरों और संसाधनों से जुड़ी जानकारी मांगी थी। आरोप है कि विभाग ने सूचना देने से इनकार करते हुए आरटीआई अधिनियम की धारा 8(1)(a) और 8(1)(j) का हवाला दिया। कुछ मामलों में जानकारी देने के लिए अतिरिक्त शुल्क भी मांगा गया।
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विभाग और क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग
सुनवाई के दौरान अजय दुबे ने आयोग के समक्ष दस्तावेज पेश करते हुए आरोप लगाया कि वर्ष 2024 से अब तक आरटीआई अधिनियम का गंभीर उल्लंघन किया गया। उनका कहना था कि चीता प्रोजेक्ट के प्रभारी उत्तम शर्मा ने स्वयं ही लोक सूचना अधिकारी (पीआईओ) और प्रथम अपीलीय अधिकारी की भूमिका निभाते हुए आदेश पारित किए, जो नियमों के विपरीत है। याचिकाकर्ता ने आयोग से उत्तम शर्मा पर आरटीआई अधिनियम के प्रावधानों के तहत जुर्माना लगाने, विभागीय जांच कराने और क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग भी की है। मामले में अब सूचना आयोग डायरेक्टर से जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई करेगा।
