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एमपी कांग्रेस: 'टैलेंट' कर रहा तीन महीने से इंतजार; नए प्रवक्ताओं की सूची दिल्ली में अटकी
Fri, 31 Jul 2026 07:58 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Fri, 31 Jul 2026 07:58 PM IST
सार
कांग्रेस के टैलेंट हंट की चयन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद नई प्रवक्ताओं की सूची तीन महीने से ज्यादा समय से अटकी है। करीब 500 दावेदारों ने आवेदन किया था। पूर्व प्रवक्ता ने चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बताया, जबकि पार्टी ने जल्द सूची जारी करने का दावा किया है।
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पीसीसी भोपाल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश कांग्रेस में नए प्रवक्ताओं और मीडिया टीम के गठन के लिए शुरू किया गया टैलेंट हंट अब पार्टी के लिए ही इंतजार का मुद्दा बन गया है। आवेदन बुलाने से लेकर संभाग और प्रदेश स्तर पर साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी तीन महीने से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन नए प्रवक्ताओं की सूची अब तक जारी नहीं हुई। पार्टी सूत्रों के मुताबिक अंतिम सूची दिल्ली में मंजूरी के इंतजार में अटकी है। इसका असर उन नेताओं और युवाओं पर पड़ रहा है, जिन्होंने कांग्रेस के मीडिया विभाग में जिम्मेदारी पाने के लिए आवेदन किया था। पार्टी ने नए चेहरों को तलाशने और उन्हें आगे लाने की कोशिश शुरू की, लेकिन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी इन चेहरों को पार्टी का औपचारिक राजनीतिक मंच नहीं मिल सका है।
500 के करीब आवेदन, कई चरणों में चयन प्रक्रिया
प्रदेश कांग्रेस ने प्रवक्ता और मीडिया से जुड़े अलग-अलग पदों के लिए टैलेंट हंट शुरू किया था। 28 फरवरी तक आवेदन मांगे गए थे। प्रदेशभर से करीब 500 लोगों ने आवेदन किया। इसके बाद मार्च में संभाग स्तर पर साक्षात्कार हुए और चुने गए उम्मीदवारों के प्रदेश स्तर पर भी साक्षात्कार लिए गए। भोपाल में वरिष्ठ नेताओं की समिति ने उम्मीदवारों को परखा। योजना के मुताबिक प्रदेश स्तर पर करीब 20 प्रवक्ताओं के साथ शोध, मीडिया और प्रचार-प्रसार से जुड़े पदों पर भी नई नियुक्तियां की जानी थीं।
मकसद था नए और गैर-राजनीतिक चेहरों को आगे लाना
टैलेंट हंट की कवायद का उद्देश्य कांग्रेस के लिए ऐसे नए चेहरे तैयार करना था, जो पार्टी की विचारधारा को मजबूती से रख सकें और समसामयिक मुद्दों पर तथ्यों व शोध के आधार पर जवाब दे सकें। खास तौर पर युवाओं और ऐसे लोगों को मौका देने की बात कही गई थी, जो सामाजिक रूप से सक्रिय हैं, लेकिन अब तक सक्रिय राजनीति में बड़ा चेहरा नहीं रहे हैं। हालांकि साक्षात्कार और चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी सूची जारी नहीं होने से अब पार्टी के भीतर ही सवाल उठने लगे हैं। चर्चा यह है कि जब उम्मीदवारों की छंटनी और चयन का काम पूरा हो चुका है, तो अंतिम सूची जारी करने में इतना समय क्यों लग रहा है।
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यह भी पढ़ें-अक्ल दाढ़ की सर्जरी अब होगी आसान, एम्स भोपाल के डॉक्टरों ने बनाया स्वदेशी उपकरण, 5 साल में हुआ तैयार
सिर्फ नाम देखकर जिम्मेदारी नहीं दी जा सकती
पूर्व कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने चयन प्रक्रिया का बचाव किया है। उनका कहना है कि पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर नए पदाधिकारियों के चयन के लिए साक्षात्कार आधारित प्रक्रिया अपनाई गई है। ऑनलाइन माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों ने आवेदन किया और इसके बाद अलग-अलग स्तर पर छंटनी की गई। त्रिपाठी के मुताबिक पार्टी की कोशिश ऐसे लोगों को अवसर देने की है, जो सामाजिक रूप से सक्रिय हैं, मौजूदा समस्याओं को मजबूती से उठाना चाहते हैं और सार्वजनिक जीवन में काम करने की रुचि रखते हैं। उन्होंने कहा कि आने वाली सूची में ऐसे युवा भी शामिल हो सकते हैं, जो गैर-राजनीतिक पृष्ठभूमि और मध्यमवर्गीय परिवारों से आते हैं, लेकिन राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाना चाहते हैं।
चयन में देरी को लेकर त्रिपाठी का तर्क
तीन महीने से ज्यादा की देरी पर त्रिपाठी का तर्क है कि पार्टी जल्दबाजी में सिर्फ पद बांटने के बजाय उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि, उनकी उपलब्धियों और उनकी क्षमता को समझने पर जोर दे रही है। उनका कहना है कि यह सामान्य सदस्यता अभियान जैसा मामला नहीं है, बल्कि जिम्मेदारी देने से पहले यह देखना जरूरी है कि कौन व्यक्ति किस क्षेत्र में प्रभावी ढंग से काम कर सकता है। यानी पार्टी के भीतर इस देरी को प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है, जबकि दूसरी ओर लंबे समय से सूची का इंतजार कर रहे दावेदारों के बीच बेचैनी बढ़ रही है।
यह भी पढ़ें-यूनियन कार्बाइड के आसपास पानी के 63 में 43 नमूने दूषित, गैस पीड़ित बोले- बनेगी भागीरथपुरा जैसी स्थिति
तीन महीने से ज्यादा समय बाद भी मंच का इंतजार
टैलेंट हंट से जुड़े कई दावेदारों के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब साक्षात्कार और चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, तो उन्हें जिम्मेदारी कब मिलेगी। कांग्रेस लगातार संगठन को मजबूत करने और नए चेहरों को आगे लाने की बात करती रही है, लेकिन प्रवक्ता पद के लिए चल रही यह प्रक्रिया अब खुद लंबी खिंचती जा रही है। अब नजर इस बात पर है कि तीन महीने से ज्यादा समय से अटकी सूची कब सार्वजनिक होती है और टैलेंट हंट में चयनित नए चेहरों को कांग्रेस के राजनीतिक और मीडिया मंच पर वास्तव में कब जगह मिलती है।
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500 के करीब आवेदन, कई चरणों में चयन प्रक्रिया
प्रदेश कांग्रेस ने प्रवक्ता और मीडिया से जुड़े अलग-अलग पदों के लिए टैलेंट हंट शुरू किया था। 28 फरवरी तक आवेदन मांगे गए थे। प्रदेशभर से करीब 500 लोगों ने आवेदन किया। इसके बाद मार्च में संभाग स्तर पर साक्षात्कार हुए और चुने गए उम्मीदवारों के प्रदेश स्तर पर भी साक्षात्कार लिए गए। भोपाल में वरिष्ठ नेताओं की समिति ने उम्मीदवारों को परखा। योजना के मुताबिक प्रदेश स्तर पर करीब 20 प्रवक्ताओं के साथ शोध, मीडिया और प्रचार-प्रसार से जुड़े पदों पर भी नई नियुक्तियां की जानी थीं।
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मकसद था नए और गैर-राजनीतिक चेहरों को आगे लाना
टैलेंट हंट की कवायद का उद्देश्य कांग्रेस के लिए ऐसे नए चेहरे तैयार करना था, जो पार्टी की विचारधारा को मजबूती से रख सकें और समसामयिक मुद्दों पर तथ्यों व शोध के आधार पर जवाब दे सकें। खास तौर पर युवाओं और ऐसे लोगों को मौका देने की बात कही गई थी, जो सामाजिक रूप से सक्रिय हैं, लेकिन अब तक सक्रिय राजनीति में बड़ा चेहरा नहीं रहे हैं। हालांकि साक्षात्कार और चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी सूची जारी नहीं होने से अब पार्टी के भीतर ही सवाल उठने लगे हैं। चर्चा यह है कि जब उम्मीदवारों की छंटनी और चयन का काम पूरा हो चुका है, तो अंतिम सूची जारी करने में इतना समय क्यों लग रहा है।
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सिर्फ नाम देखकर जिम्मेदारी नहीं दी जा सकती
पूर्व कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने चयन प्रक्रिया का बचाव किया है। उनका कहना है कि पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर नए पदाधिकारियों के चयन के लिए साक्षात्कार आधारित प्रक्रिया अपनाई गई है। ऑनलाइन माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों ने आवेदन किया और इसके बाद अलग-अलग स्तर पर छंटनी की गई। त्रिपाठी के मुताबिक पार्टी की कोशिश ऐसे लोगों को अवसर देने की है, जो सामाजिक रूप से सक्रिय हैं, मौजूदा समस्याओं को मजबूती से उठाना चाहते हैं और सार्वजनिक जीवन में काम करने की रुचि रखते हैं। उन्होंने कहा कि आने वाली सूची में ऐसे युवा भी शामिल हो सकते हैं, जो गैर-राजनीतिक पृष्ठभूमि और मध्यमवर्गीय परिवारों से आते हैं, लेकिन राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाना चाहते हैं।
चयन में देरी को लेकर त्रिपाठी का तर्क
तीन महीने से ज्यादा की देरी पर त्रिपाठी का तर्क है कि पार्टी जल्दबाजी में सिर्फ पद बांटने के बजाय उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि, उनकी उपलब्धियों और उनकी क्षमता को समझने पर जोर दे रही है। उनका कहना है कि यह सामान्य सदस्यता अभियान जैसा मामला नहीं है, बल्कि जिम्मेदारी देने से पहले यह देखना जरूरी है कि कौन व्यक्ति किस क्षेत्र में प्रभावी ढंग से काम कर सकता है। यानी पार्टी के भीतर इस देरी को प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है, जबकि दूसरी ओर लंबे समय से सूची का इंतजार कर रहे दावेदारों के बीच बेचैनी बढ़ रही है।
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तीन महीने से ज्यादा समय बाद भी मंच का इंतजार
टैलेंट हंट से जुड़े कई दावेदारों के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब साक्षात्कार और चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, तो उन्हें जिम्मेदारी कब मिलेगी। कांग्रेस लगातार संगठन को मजबूत करने और नए चेहरों को आगे लाने की बात करती रही है, लेकिन प्रवक्ता पद के लिए चल रही यह प्रक्रिया अब खुद लंबी खिंचती जा रही है। अब नजर इस बात पर है कि तीन महीने से ज्यादा समय से अटकी सूची कब सार्वजनिक होती है और टैलेंट हंट में चयनित नए चेहरों को कांग्रेस के राजनीतिक और मीडिया मंच पर वास्तव में कब जगह मिलती है।
