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Bhopal: आदिवासी मुद्दों पर सीएम से मिले नेता प्रतिपक्ष, विश्व आदिवासी दिवस पर अवकाश और निजीकरण रोकने की मांग
Fri, 31 Jul 2026 05:42 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Fri, 31 Jul 2026 05:42 PM IST
सार
उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मिलकर विश्व आदिवासी दिवस पर अवकाश, आदिवासी संस्थानों के निजीकरण पर रोक और रीवा हत्याकांड में कार्रवाई की मांग की। मुख्यमंत्री ने मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिया।
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सीएम से मिलने पहुंचे नेता प्रतिपक्ष
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आदिवासी समाज से जुड़े मुद्दों को लेकर मध्य प्रदेश में सियासत तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस के आदिवासी विधायक दल ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर तीन प्रमुख मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने सरकार से आदिवासी हितों से जुड़े मामलों में तत्काल निर्णय लेने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस पर प्रदेश में राजकीय अवकाश घोषित करने, आदिवासी बहुल क्षेत्रों में संचालित शासकीय आईटीआई, छात्रावासों और स्वास्थ्य केंद्रों के निजीकरण पर रोक लगाने तथा रीवा आदिवासी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष की हत्या के मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
निजीकरण और छात्रावासों की बदहाली पर सवाल
उमंग सिंघार ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में सरकारी संस्थानों का निजीकरण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने आदिवासी छात्रावासों की जर्जर स्थिति का मुद्दा भी मुख्यमंत्री के सामने उठाया और उनमें जरूरी सुधार कराने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने रीवा में आदिवासी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष की हत्या का मामला भी उठाया। कांग्रेस ने आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने और मामले में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतने की मांग की।
यह भी पढ़ें-अब सीएम खुद सुनेंगे जनता की शिकायतें, 7 अगस्त को छिंदवाड़ा में 'जन विश्वास अभियान' में होंगे शामिल
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सीएम से सकारात्मक आश्वासन का दावा
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद उमंग सिंघार ने कहा कि आदिवासी समाज के सम्मान, अधिकार और भविष्य से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सरकार के सामने रखा गया है। उनके मुताबिक मुख्यमंत्री ने सभी मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिया है। सिंघार ने कहा कि कांग्रेस आदिवासी समाज के अधिकारों और संवैधानिक हितों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आदिवासी समाज के सम्मान और अधिकारों से किसी भी तरह का समझौता नहीं होने दिया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में विधायक फूंदेलाल मार्को, केदार डाबर, झूमा सोलंकी, संजय उइके और सुनील उइके मौजूद रहे।
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निजीकरण और छात्रावासों की बदहाली पर सवाल
उमंग सिंघार ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में सरकारी संस्थानों का निजीकरण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने आदिवासी छात्रावासों की जर्जर स्थिति का मुद्दा भी मुख्यमंत्री के सामने उठाया और उनमें जरूरी सुधार कराने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने रीवा में आदिवासी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष की हत्या का मामला भी उठाया। कांग्रेस ने आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने और मामले में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतने की मांग की।
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सीएम से सकारात्मक आश्वासन का दावा
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद उमंग सिंघार ने कहा कि आदिवासी समाज के सम्मान, अधिकार और भविष्य से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सरकार के सामने रखा गया है। उनके मुताबिक मुख्यमंत्री ने सभी मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिया है। सिंघार ने कहा कि कांग्रेस आदिवासी समाज के अधिकारों और संवैधानिक हितों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आदिवासी समाज के सम्मान और अधिकारों से किसी भी तरह का समझौता नहीं होने दिया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में विधायक फूंदेलाल मार्को, केदार डाबर, झूमा सोलंकी, संजय उइके और सुनील उइके मौजूद रहे।
