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Maihar: सीसी सड़क निर्माण में बड़ी गड़बड़ी, बीचोंबीच खड़ा छोड़ दिया बिजली का खंभा, जांच के घेरे में अधिकारी
Thu, 02 Jul 2026 04:05 PM IST
मैहर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैहर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैहर
Published by: मैहर ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jul 2026 04:05 PM IST
सार
जल्हा गांव में सीसी सड़क के बीचोंबीच ही उच्च वोल्टेज बिजली का खंभा छोड़ दिया गया। मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। जिला पंचायत सीईओ ने इस संबंध में जांच के निर्देश दिए हैं।
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सड़क पर अजब कारनामा
- फोटो : credit
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विस्तार
जिले की जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत कंचनपुर के जल्हा गांव में सीसी सड़क निर्माण में कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। करीब 2.92 लाख रुपये की लागत से बनी लगभग 100 मीटर लंबी सीसी सड़क के बीचोंबीच उच्च वोल्टेज बिजली का खंभा छोड़ दिया गया। सड़क निर्माण के दौरान न तो खंभे को हटाया गया और न ही उसे किसी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया गया। निर्माण एजेंसी ने खंभे के चारों ओर ही सड़क बना दी, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी है।
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ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के बीच खड़ा बिजली का खंभा कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। इस मार्ग से रोजाना दोपहिया और चारपहिया वाहन गुजरते हैं। इसके अलावा स्कूली बच्चे और ग्रामीण भी इसी सड़क का उपयोग करते हैं। ऐसे में सड़क के बीच स्थित खंभा लगातार दुर्घटना का खतरा पैदा कर रहा है।
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स्कूल के बच्चों की सुरक्षा पर भी सवाल
ग्रामीणों के अनुसार यह सड़क प्राथमिक विद्यालय की बाउंड्रीवाल से सटी हुई है। प्रतिदिन छोटे-छोटे बच्चे इसी मार्ग से स्कूल आते-जाते हैं। उनका कहना है कि यदि कोई वाहन चालक असंतुलित हो जाए या रात के समय खंभा दिखाई न दे, तो गंभीर हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों ने सुरक्षा के बुनियादी मानकों की अनदेखी की है।
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उपयंत्री के बयान से उठे सवाल
मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब निर्माण कार्य की निगरानी कर रहे उपयंत्री योगेंद्र सिंह परमार से इस संबंध में सवाल किया गया। उन्होंने कहा- "मैं तो देखने ही नहीं गया।" उपयंत्री के इस बयान ने निर्माण कार्य की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि संबंधित तकनीकी अधिकारी ने मौके का निरीक्षण ही नहीं किया, तो निर्माण की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों के पालन और भुगतान की प्रक्रिया किस आधार पर पूरी हुई, यह अब जांच का विषय बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि समय पर निरीक्षण होता तो सड़क के बीच बिजली का खंभा छोड़ने जैसी स्थिति नहीं बनती।
जिला पंचायत सीईओ ने दिए जांच के निर्देश
मामले के सामने आने के बाद जिला पंचायत मैहर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शैलेंद्र सिंह ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाएगी। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो कारण बताओ नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों ने उठाई कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क के बीच स्थित बिजली के खंभे को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। उनका कहना है कि जब तक खंभा नहीं हटाया जाता, तब तक यहां किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
साथ ही ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कर संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि विकास कार्यों का उद्देश्य लोगों को सुविधा और सुरक्षा देना होता है लेकिन यदि निर्माण कार्यों में ऐसी लापरवाही होगी तो वही विकास कार्य लोगों के लिए खतरा बन जाएंगे। अब सभी की निगाहें प्रशासन की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
