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Maihar: मैहर में हाथियों की एंट्री से मचा हड़कंप, अमरपाटन शहर से 3 किमी दूर डेरा; पूरी रात चला रेस्क्यू ऑपरेशन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,मैहर
Published by: मैहर ब्यूरो
Updated Sat, 09 May 2026 02:40 PM IST
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सार
मैहर जिले के अमरपाटन वन क्षेत्र में बांधवगढ़ से भटककर आए दो जंगली हाथियों के पहुंचने से हड़कंप मच गया। नर और मादा हाथी ग्राम जुड़मनिया के पास बगीचे में छिपे मिले, जिससे आसपास के गांवों में दहशत फैल गई।
मौके पर मौजूद लोग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मैहर जिले के अमरपाटन वन क्षेत्र में शुक्रवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से भटककर आए दो जंगली हाथी आबादी वाले इलाके तक पहुंच गए। नर और मादा हाथी ग्राम जुड़मनिया के पास एक घने बगीचे में छिपे मिले। अमरपाटन शहर से महज 3 किलोमीटर दूर हाथियों की मौजूदगी से आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पूरी रात निगरानी व रेस्क्यू अभियान में जुटी रही।
देर शाम गांव में पहुंचा हाथियों का जोड़ा
जानकारी के मुताबिक हाथियों का यह जोड़ा बांधवगढ़ क्षेत्र से निकलकर देर शाम अमरपाटन वन रेंज के ग्राम जुड़मनिया पहुंचा। ग्रामीणों ने पहले पेड़ों के टूटने और तेज हलचल की आवाजें सुनीं। जब लोगों ने दूर से देखा तो बगीचे के भीतर दो विशालकाय हाथी दिखाई दिए। हाथियों के गांव के नजदीक पहुंचने की खबर फैलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कई ग्रामीण घरों से बाहर निकल आए, जबकि कुछ लोग डर के कारण पूरी रात जागते रहे।
केले और आम के बगीचों में मचाया उत्पात
ग्रामीणों के मुताबिक हाथियों ने गांव के पास बने केले और आम के बगीचों में घुसकर भारी नुकसान पहुंचाया। केले के पौधों को उखाड़ दिया गया, जबकि आम के पेड़ों की डालियां तोड़कर फल खाए गए। सुबह जब ग्रामीणों ने बगीचों की स्थिति देखी तो नुकसान साफ दिखाई दिया। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि भोजन और पानी की तलाश में जंगली हाथी अक्सर जंगल से बाहर निकल आते हैं। हालांकि आबादी वाले इलाकों में उनका पहुंचना काफी संवेदनशील स्थिति पैदा कर देता है।
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सूचना मिलते ही हरकत में आया वन विभाग
ग्रामीणों की सूचना के बाद वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पूरे इलाके की घेराबंदी कर लोगों को हाथियों से दूर रहने की सलाह दी गई। देर रात तक एसडीओ, रेंजर सहित करीब दो दर्जन वनकर्मी मौके पर मौजूद रहे। टीम लगातार हाथियों की मूवमेंट ट्रैक करती रही ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। वन विभाग के कर्मचारियों ने ग्रामीणों को हाथियों के पास न जाने और किसी भी तरह की आवाज या हरकत से उन्हें उकसाने से बचने की चेतावनी दी।
आबादी के बीच बढ़ी चिंता
हाथियों की मौजूदगी अमरपाटन शहर से महज 3 किलोमीटर दूर होने के कारण आसपास के ग्रामीण इलाकों में भय का माहौल बना हुआ है। लोगों को आशंका है कि अगर हाथी आबादी की ओर बढ़े तो बड़ा हादसा हो सकता है। वन विभाग ने आसपास के गांवों में अलर्ट जारी कर लोगों से रात के समय अकेले बाहर न निकलने की अपील की है। साथ ही बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
पहले शहडोल में भी मचा चुके हैं उत्पात
बताया जा रहा है कि इससे पहले यही हाथियों का जोड़ा शहडोल जिले में भी देखा गया था। वहां भी हाथियों ने खेतों और ग्रामीण इलाकों में नुकसान पहुंचाया था। अब मैहर जिले में उनकी एंट्री से वन विभाग की चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों में लगातार मानवीय गतिविधियां बढ़ने और भोजन की कमी के कारण जंगली हाथियों का मूवमेंट अब आबादी वाले इलाकों तक पहुंच रहा है।
ये भी पढ़ें- NCRB रिपोर्ट में खुलासा: पुलिस हिरासत से आरोपी फरार होने में मध्य प्रदेश देश में अव्वल
पूरी रात चलता रहा निगरानी अभियान
वन विभाग की टीम पूरी रात हाथियों की निगरानी करती रही। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने आसपास के लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए। विभाग द्वारा लगातार हाथियों को जंगल की दिशा में मोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त वन अमले को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
एसडीओ यशपाल मेहरा ने क्या कहा
मैहर वन विभाग के एसडीओ यशपाल मेहरा ने बताया कि फिलहाल वन विभाग की टीम लगातार निगरानी और रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई है। कोशिश की जा रही है कि हाथियों को सुरक्षित तरीके से आबादी वाले क्षेत्र से बाहर निकालकर जंगल की ओर भेजा जाए।उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि कोई भी व्यक्ति हाथियों के पास जाने या वीडियो बनाने की कोशिश न करे और वन विभाग के निर्देशों का पालन करें।
देर शाम गांव में पहुंचा हाथियों का जोड़ा
जानकारी के मुताबिक हाथियों का यह जोड़ा बांधवगढ़ क्षेत्र से निकलकर देर शाम अमरपाटन वन रेंज के ग्राम जुड़मनिया पहुंचा। ग्रामीणों ने पहले पेड़ों के टूटने और तेज हलचल की आवाजें सुनीं। जब लोगों ने दूर से देखा तो बगीचे के भीतर दो विशालकाय हाथी दिखाई दिए। हाथियों के गांव के नजदीक पहुंचने की खबर फैलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कई ग्रामीण घरों से बाहर निकल आए, जबकि कुछ लोग डर के कारण पूरी रात जागते रहे।
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केले और आम के बगीचों में मचाया उत्पात
ग्रामीणों के मुताबिक हाथियों ने गांव के पास बने केले और आम के बगीचों में घुसकर भारी नुकसान पहुंचाया। केले के पौधों को उखाड़ दिया गया, जबकि आम के पेड़ों की डालियां तोड़कर फल खाए गए। सुबह जब ग्रामीणों ने बगीचों की स्थिति देखी तो नुकसान साफ दिखाई दिया। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि भोजन और पानी की तलाश में जंगली हाथी अक्सर जंगल से बाहर निकल आते हैं। हालांकि आबादी वाले इलाकों में उनका पहुंचना काफी संवेदनशील स्थिति पैदा कर देता है।
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सूचना मिलते ही हरकत में आया वन विभाग
ग्रामीणों की सूचना के बाद वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पूरे इलाके की घेराबंदी कर लोगों को हाथियों से दूर रहने की सलाह दी गई। देर रात तक एसडीओ, रेंजर सहित करीब दो दर्जन वनकर्मी मौके पर मौजूद रहे। टीम लगातार हाथियों की मूवमेंट ट्रैक करती रही ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। वन विभाग के कर्मचारियों ने ग्रामीणों को हाथियों के पास न जाने और किसी भी तरह की आवाज या हरकत से उन्हें उकसाने से बचने की चेतावनी दी।
आबादी के बीच बढ़ी चिंता
हाथियों की मौजूदगी अमरपाटन शहर से महज 3 किलोमीटर दूर होने के कारण आसपास के ग्रामीण इलाकों में भय का माहौल बना हुआ है। लोगों को आशंका है कि अगर हाथी आबादी की ओर बढ़े तो बड़ा हादसा हो सकता है। वन विभाग ने आसपास के गांवों में अलर्ट जारी कर लोगों से रात के समय अकेले बाहर न निकलने की अपील की है। साथ ही बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
पहले शहडोल में भी मचा चुके हैं उत्पात
बताया जा रहा है कि इससे पहले यही हाथियों का जोड़ा शहडोल जिले में भी देखा गया था। वहां भी हाथियों ने खेतों और ग्रामीण इलाकों में नुकसान पहुंचाया था। अब मैहर जिले में उनकी एंट्री से वन विभाग की चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों में लगातार मानवीय गतिविधियां बढ़ने और भोजन की कमी के कारण जंगली हाथियों का मूवमेंट अब आबादी वाले इलाकों तक पहुंच रहा है।
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पूरी रात चलता रहा निगरानी अभियान
वन विभाग की टीम पूरी रात हाथियों की निगरानी करती रही। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने आसपास के लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए। विभाग द्वारा लगातार हाथियों को जंगल की दिशा में मोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त वन अमले को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
एसडीओ यशपाल मेहरा ने क्या कहा
मैहर वन विभाग के एसडीओ यशपाल मेहरा ने बताया कि फिलहाल वन विभाग की टीम लगातार निगरानी और रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई है। कोशिश की जा रही है कि हाथियों को सुरक्षित तरीके से आबादी वाले क्षेत्र से बाहर निकालकर जंगल की ओर भेजा जाए।उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि कोई भी व्यक्ति हाथियों के पास जाने या वीडियो बनाने की कोशिश न करे और वन विभाग के निर्देशों का पालन करें।

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