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Maihar: चंद्रग्रहण पर तीन मार्च को शाम 5 बजे के बाद बंद होंगे मां शारदा के पट, अगले दिन फिर कर पाएंगे दर्शन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैहर
Published by: मैहर ब्यूरो
Updated Sun, 01 Mar 2026 01:27 PM IST
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सार
मैहर त्रिकूट पर्वत पर स्थित मां शारदा मंदिर में 3 मार्च को चंद्रग्रहण के दौरान दर्शन व्यवस्था में बदलाव रहेगा। गर्भगृह के पट शाम 5:30 बजे बंद कर दिए जाएंगे और ग्रहण समाप्त होने के बाद 4 मार्च को विशेष शुद्धिकरण व पूजा-अर्चना के बाद ही दर्शन खुलेंगे।
मां शारदा धाम मैहर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मैहर जिले में त्रिकूट पर्वत पर विराजमान मां शारदा के दर्शन करने आ रहे लाखों श्रद्धालुओं के लिए एक जरूरी सूचना है। आगामी 3 मार्च को लगने वाले चंद्रग्रहण को दृष्टिगत रखते हुए, मंदिर की प्राचीन परंपराओं के अनुसार दर्शन व्यवस्था में अहम बदलाव किया गया है। ग्रहण काल के नियमों का पालन करते हुए 3 मार्च की शाम को गर्भगृह के कपाट दर्शनार्थियों के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इस संबंध में मंदिर के प्रधान पुजारी पवन पांडे महाराज ने सूचना जारी कर श्रद्धालुओं से नई समय-सारणी का ध्यान रखने की अपील की है।
दो दिनों में होंगी गतिविधियां
दर्शनार्थियों की सुविधा और धार्मिक मान्यताओं के निर्वहन के लिए मंदिर प्रशासन द्वारा समय-सारणी तय की गई है। 3 मार्च को चंद्रग्रहण के दिन शाम 5:00 बजे माता शारदा की सांध्यकालीन आरती और विशेष पूजन संपन्न किया जाएगा। आरती पूर्ण होने के ठीक बाद, शाम 5:30 बजे गर्भगृह के पट बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद किसी को भी दर्शन की अनुमति नहीं होगी। ग्रहण समाप्त होने के बाद अगले दिन यानी 4 मार्च को गर्भगृह का शुद्धिकरण होगा। माता का पवित्र जल से अभिषेक किया जाएगा और विधिवत पूजा-अर्चना पूर्ण होने के बाद ही गर्भगृह के पट दोबारा श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जाएंगे।
ये भी पढ़ें- Israel-Iran War: अमेरिका ने हवा में ही नष्ट की ईरान की मिसाइलें, सड़कों-घरों पर गिरा मलबा, दहशत में लोग
दर्शनार्थी को मिलेंगे दर्शन
मंदिर प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी व्यवस्था ग्रहण काल की धार्मिक परंपराओं के पालन के लिए की गई है। दूर-दराज से प्रतिदिन हजारों की संख्या में भक्त मैहर पहुंचते हैं, ऐसे में प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए समय का विशेष ध्यान रखें।जो भी भक्त 3 मार्च को दर्शन की योजना बना रहे हैं, वे निर्धारित समय शाम 5:30 बजे से पूर्व ही मंदिर परिसर पहुंच जाएं। प्रबंधन ने दर्शनार्थियों से मंदिर परिसर में शांति और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग का अनुरोध किया है।
मैहर मां शारदा मंदिर पुजारी पवन पाण्डेय ने बताया कि होलिका दहन के बाद चंद्र ग्रहण लगने के पहले मां शारदा की पूजा अर्चना कर कपाट बंद कर दिए जाएंगे और फिर दूसरे दिन शुद्धिकरण करने के बाद मां शारदा के दर्शन सभी श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से कराए जाएंगे
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दो दिनों में होंगी गतिविधियां
दर्शनार्थियों की सुविधा और धार्मिक मान्यताओं के निर्वहन के लिए मंदिर प्रशासन द्वारा समय-सारणी तय की गई है। 3 मार्च को चंद्रग्रहण के दिन शाम 5:00 बजे माता शारदा की सांध्यकालीन आरती और विशेष पूजन संपन्न किया जाएगा। आरती पूर्ण होने के ठीक बाद, शाम 5:30 बजे गर्भगृह के पट बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद किसी को भी दर्शन की अनुमति नहीं होगी। ग्रहण समाप्त होने के बाद अगले दिन यानी 4 मार्च को गर्भगृह का शुद्धिकरण होगा। माता का पवित्र जल से अभिषेक किया जाएगा और विधिवत पूजा-अर्चना पूर्ण होने के बाद ही गर्भगृह के पट दोबारा श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जाएंगे।
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मंदिर प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी व्यवस्था ग्रहण काल की धार्मिक परंपराओं के पालन के लिए की गई है। दूर-दराज से प्रतिदिन हजारों की संख्या में भक्त मैहर पहुंचते हैं, ऐसे में प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए समय का विशेष ध्यान रखें।जो भी भक्त 3 मार्च को दर्शन की योजना बना रहे हैं, वे निर्धारित समय शाम 5:30 बजे से पूर्व ही मंदिर परिसर पहुंच जाएं। प्रबंधन ने दर्शनार्थियों से मंदिर परिसर में शांति और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग का अनुरोध किया है।
मैहर मां शारदा मंदिर पुजारी पवन पाण्डेय ने बताया कि होलिका दहन के बाद चंद्र ग्रहण लगने के पहले मां शारदा की पूजा अर्चना कर कपाट बंद कर दिए जाएंगे और फिर दूसरे दिन शुद्धिकरण करने के बाद मां शारदा के दर्शन सभी श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से कराए जाएंगे

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