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Mandsaur: मेहनाज ने अपने दो बेटों के साथ की घर वापसी, हिन्दू धर्म में महिलाओं के सम्मान को देख अपनाया सनातन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंदसौर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 04 Sep 2024 10:24 PM IST
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सार
मंदसौर जिले के ग्राम धमानर निवासी महिला मेहनाज ने अपने दो बेटों मोहम्मद फैजान शेख और फरान शेख के साथ बुधवार को गायत्री मंदिर में शुद्धिकरण के साथ घर वापसी की। घर वापसी के बाद मेहनाज का नाम मीनाक्षी हो गया है तो वहीं दोनों बच्चों का नाम लव और कुश रखा गया है।
मंदसौर में मेहनाज ने हिंदू धर्म अपनाया
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मंदसौर में एक बार फिर एक मुस्लिम महिला ने अपने दो बच्चों के साथ घर वापसी की है। महिला का कहना है की वह अपने पति की प्रताड़ना से तंग आ चुकी थी जिसके चलते उसने यह कदम उठाया है।
मंदसौर जिले के ग्राम धमानर निवासी महिला मेहनाज ने अपने दो बेटों मोहम्मद फैजान शेख और फरान शेख के साथ बुधवार को गायत्री मंदिर में शुद्धिकरण के साथ घर वापसी की। घर वापसी के बाद मेहनाज का नाम मीनाक्षी हो गया है तो वहीं दोनों बच्चों का नाम लव और कुश रखा गया है। मीनाक्षी ने बताया कि मैं मेरे परिवार से प्रताड़ित थी, वहीं जब यूट्यूब और अन्य जगहों पर देखने में आता था कि सनातन धर्म में महिलाओं का सम्मान किया जाता है उन्हे घर परिवार में इज्जत दी जाती है। इससे प्रभावित होकर मैंने हिंदू संगठन के लोगों से संपर्क कर सनातन धर्म अंगीकार किया है।
पति की प्रताड़ना से तंग आ चुकी थी मेहनाज
घर वापसी करने के बाद मीनाक्षी ने बताया कि उसकी शादी को करीब 15 साल हो चुके हैं। शादी के बाद से ही उसका पति उसके साथ मारपीट करता था और गलत व्यवहार करता था। इससे वो प्रताड़ित हो चुकी थी। परिवार में मुझे कोई इज्जत भी नहीं दी जाती थी। वहीं दूसरी ओर हिंदू धर्म में महिलाओं का सम्मान किया जाता है और उनकी इज्जत की जाती है। जिससे मैं काफी प्रभावित हुई इसलिए मैंने सनातन धर्म अंगीकार किया है। अब मुझे मेरे परिवार वालो से कोई मतलब नहीं है।
40 महिलाओं 5 पुरुष और दो बच्चों की अब तक हो चुकी है घर वापसी
हिंदू युवा वाहिनी के प्रदेश प्रभारी चैतन्य सिंह राजपूत ने बताया कि करीब दो से तीन माह पहले मेहनाज ने घर वापसी के लिए संपर्क किया था। जिसके बाद सारी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर गायत्री परिवार मंदिर में मेहनाज और उसके दोनो बेटों की घर वापसी करवाई गई है। घर वापसी कर मीनाक्षी और उसके दोनो बेटे लव और कुश बहुत खुश हैं। राजपूत ने बताया कि वे अब तक 40 महिलाओं, 5 पुरुष और दो बच्चों की पूरी तरह कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए घर वापसी करवा चुके हैं और जिन लोगों ने भी घर वापसी की है वे सभी खुशहाल जीवन जी रहे हैं।
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मंदसौर जिले के ग्राम धमानर निवासी महिला मेहनाज ने अपने दो बेटों मोहम्मद फैजान शेख और फरान शेख के साथ बुधवार को गायत्री मंदिर में शुद्धिकरण के साथ घर वापसी की। घर वापसी के बाद मेहनाज का नाम मीनाक्षी हो गया है तो वहीं दोनों बच्चों का नाम लव और कुश रखा गया है। मीनाक्षी ने बताया कि मैं मेरे परिवार से प्रताड़ित थी, वहीं जब यूट्यूब और अन्य जगहों पर देखने में आता था कि सनातन धर्म में महिलाओं का सम्मान किया जाता है उन्हे घर परिवार में इज्जत दी जाती है। इससे प्रभावित होकर मैंने हिंदू संगठन के लोगों से संपर्क कर सनातन धर्म अंगीकार किया है।
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पति की प्रताड़ना से तंग आ चुकी थी मेहनाज
घर वापसी करने के बाद मीनाक्षी ने बताया कि उसकी शादी को करीब 15 साल हो चुके हैं। शादी के बाद से ही उसका पति उसके साथ मारपीट करता था और गलत व्यवहार करता था। इससे वो प्रताड़ित हो चुकी थी। परिवार में मुझे कोई इज्जत भी नहीं दी जाती थी। वहीं दूसरी ओर हिंदू धर्म में महिलाओं का सम्मान किया जाता है और उनकी इज्जत की जाती है। जिससे मैं काफी प्रभावित हुई इसलिए मैंने सनातन धर्म अंगीकार किया है। अब मुझे मेरे परिवार वालो से कोई मतलब नहीं है।
40 महिलाओं 5 पुरुष और दो बच्चों की अब तक हो चुकी है घर वापसी
हिंदू युवा वाहिनी के प्रदेश प्रभारी चैतन्य सिंह राजपूत ने बताया कि करीब दो से तीन माह पहले मेहनाज ने घर वापसी के लिए संपर्क किया था। जिसके बाद सारी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर गायत्री परिवार मंदिर में मेहनाज और उसके दोनो बेटों की घर वापसी करवाई गई है। घर वापसी कर मीनाक्षी और उसके दोनो बेटे लव और कुश बहुत खुश हैं। राजपूत ने बताया कि वे अब तक 40 महिलाओं, 5 पुरुष और दो बच्चों की पूरी तरह कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए घर वापसी करवा चुके हैं और जिन लोगों ने भी घर वापसी की है वे सभी खुशहाल जीवन जी रहे हैं।

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