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MP News: भोपाल में ड्रग्स फैक्ट्री, गुजरात एटीएस महीने भर करती रही रेकी; एमपी पुलिस पर नहीं किया भरोसा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Mon, 07 Oct 2024 01:40 PM IST
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सार
गुजरात एटीएस और एनसीबी की संयुक्त टीम ने भोपाल के कटारा हिल्स क्षेत्र में एक बंद फैक्ट्री पर छापा मारकर 60 किलो एमडी पाउडर और 907 किलो लिक्विड ड्रग्स जब्त की, जिसकी कीमत 1800 करोड़ रुपये आंकी गई है। फैक्ट्री संचालक अमित चतुर्वेदी और प्रकाश सान्याल को गिरफ्तार किया गया है।
घेरे में आरोपी हरीश आंजना जिसे एटीएस ले गई।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के कटारा हिल्स थाना क्षेत्र स्थित ग्राम बगरोदा औद्योगिक क्षेत्र में छह माह से अधिक समय से एक फर्नीचर फैक्ट्री को किराये पर लेकर मेफोड्रोन (एमडी) ड्रग्स बनाने का कार्य किया जा रहा था, लेकिन मध्यप्रदेश पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। कानून-व्यवस्था और माफियाओं पर कार्रवाई के लिए पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू करके भोपाल में दर्जन भर से अधिक आईपीएस अधिकारियों को पदस्थ किया गया है, लेकिन किसी भी अधिकारी को ड्रग्स फैक्ट्री की भनक नहीं लगी।
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इतना ही नहीं इंटेलीजेंस विंग और सीआईडी को अवैध मादक पदार्थ बनाने वाली फैक्ट्री के संबंध में काई इनपुट नहीं मिल सका, जबकि इंटेलीजेंस भोपाल पुलिस मुख्यालय से पूरे राज्य की कानून-व्यवस्था और खुफिया जानकारी जुटाने के लिए कार्य करती है। इस मामले में सबसे बड़ी बात यह सामने आ रही है कि मध्यप्रदेश पुलिस का पूरा इंटेलीजेंस सिस्टम फेल साबित हुआ।
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गुजरात एटीएस की टीम करीब एक महीने तक भोपाल में रहकर तस्कर सान्याल बाने और अवैध मादक पदार्थ बनाने वाली फैक्ट्री की रेकी करती रही, लेकिन मध्यप्रदेश और भोपाल पुलिस को साथ नहीं लिया। यानी इन पर भरोसा नहीं किया। जब कार्रवाई करना हुई, तब सुरक्षा के लिए भोपाल पुलिस से सहयोग मांगा। भोपाल पुलिस अब लीपापोती करते हुए कटारा हिल्स थाने में फैक्ट्री के मालिक एसके सिंह और जगदीप के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच कर रही है।
आज फक्ट्री की सर्चिंग करेगी पुलिस
भोपाल पुलिस सोमवार को मप्र औद्योगिक केंद्र विकास निगम के अधिकारियों के साथ बगरोदा स्थित उस फर्नीचर फैक्ट्री की सर्चिंग करेगी, जिसमें फर्टीलाइजर और केमिकल बनाने के नाम पर एमडी ड्रग्स बनाई जा रही है। पुलिस टीम के साथ उद्योग विभाग और मप्र औद्योगिक केंद्र विकास निगम के अधिकारी भी साथ होंगे। औद्योगिक केंद्र विकास निगम लिमिटेड ने ही फर्नीचर फैक्ट्री के लिए बगरोदा में 63 नंबर प्लॉट को आवंटित किया था। लीज नियमों का उल्लंघन करने पर प्लॉट मालिकों को एकेवीएन नोटिस भी देगी। पुलिस भी दर्ज किए गए प्रकरण में पूछताछ करने की तैयारी में है। हालांकि फैक्ट्री का अधिकांश हिस्सा गुजरात एटीएस सील कर दिया है, पुलिस और उद्योग विभाग के अधिकारी मुख्य हिस्से में नहीं पहुंच पाएंगे।
भोपाल को सेफ जोन मानकर संचालिक की फैक्ट्री
गुजराज एटीएस की पूछताछ में सान्याल बाने ने बताया कि एमडी ड्रग्स तस्करी के आरोप में जब वह मुंबई की आर्थर रोड जेल में बंद था, तभी उसने माफियाओं के संपर्क में आया और पूरे देश में फैले ड्रग्स तस्करों से परिचित हुआ। जेल से निकलने के बाद उसने मंदसौर निवासी रोहित आंजना के जरिए ड्रग्स स्लाई की चेन चला रहा था। भोपाल निवासी अमित चतुर्वेदी वर्षों से केमिकल बनाने का कार्य करता था, जिसके लिए वह उज्जैन और मंदसौर से कच्चा माल मंगाता था, जिसकी वजह से सान्याल बाने के गुर्गे रोहित आंजना के संपर्क में था।
चूंकि अमित कोरोना काल के बाद कोई खास काम नहीं कर रहा था, इसलिए वह भी नए बिजनेस में हाथ आजमाना चाह रहा था। सान्याल बाने का परिचित तुषार गोयल दिल्ली में कोकीन बनाने की फैक्ट्री अपने गुर्गों से संचालित करा रहा था। यहीं से आइडिया लेकर सान्याल ने रोहित आंजना के जरिए अमित को अच्छी खासी कमाई का झांसा देकर केमिकल की आड़ में ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री संचालित करने के लिए तैयार किया। सान्याल देशभर के बड़े तस्करों से संपर्क में था, जिनसे इनपुट मिला था कि भोपाल और मध्यप्रदेश सेफ जोन है, इसलिए सान्याल ने भोपाल में फैक्ट्री स्थापित करने की योजना बनाई।
क्या है पूरा मामला?
गुजरात एटीएस और नाकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने भोपाल के बगरोदा औद्योगिक में स्थित बंद पड़ी फर्नीचर फैक्ट्री में छापा मारकर अवैध रूप से एमडी ड्रग्स बनाने का भांडाफोड़ किया है। गुजरात एटीएस ने शनिवार शाम को फैक्ट्री में छापा मारा और रात भर कार्रवाई करते हुए 907 किलोग्राम एमडी ड्रग्स और ड्रग्स बनाने का करीब 5 हजार किलोग्राम कच्चा माल जब्त किया है। एटीएस ने फैक्ट्री के संचालक भोपाल के अमित चतुर्वेदी और नासिक निवासी सान्याल बाने को गिरफ्तार किया। गुजरात एटीएस के इनपुट पर मंदसौर पुलिस ने रोहित आंजना को 50 लाख की एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया है। गुजरात पुलिस अमित चतुर्वेदी और सान्याल बाने को भोपाल कोर्ट में पेश कर पूछताछ के लिए आठ दिन की रिमांड पर लेकर सोमवार शाम को ही अहमदाबाद रवाना हो गई है।
लोकल नेटवर्क ध्वस्त करना पुलिस के सामने बड़ी चुनौती
गुजरात पुलिस की भोपाल में महीने भर तक रेकी करने और इसके बाद एनसीबी के साथ कार्रवाई करने से भोपाल पुलिस की हुई किरकिरी को अब सुधारने की कवायद शुरू हो गई है। इस फैक्ट्री में बनाई जा रही एमडी ड्रग्स को पश्चिम बंगाल, मुंबई, मंदसौर के रास्ते गुजरात और दिल्ली-पंजाब तक सप्लाई करने का पता चला है। भोपाल पुलिस अब फैक्ट्री से बनने वाली एमडी ड्रग्स की खरीदी करके कॉलेज छात्रों, युवाओं और गली-मोहल्ले तक नशे का कारोबार करने वाले लोकल नेटवर्क को ध्वस्त करने की तैयारी शुरू कर दी है। भोपाल पुलिस के पास सबसे बड़ी चुनौती यह है कि ड्रग्स तस्करी के राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क का इनपुट जब तक कोई दूसरी जांच या खुफिया एजेंसी शेयर नहीं करेगी, वह लोकल नेटवर्क को कैसे खंगालेगी। भोपाल पुलिस अब स्थानीय ड्रग्स तस्करों से पूछताछ कर इस पूरे नेटवर्क की तह तक जाने का प्रयास कर रही है। मध्यप्रदेश पुलिस ने गुजरात एटीएस ने भी इनपुट मांगे हें, ताकि मध्यप्रदेश में ड्रग्स तस्करों के नेटवर्क पर प्रदेशभर में कार्रवाई की जा सके।

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