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दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026: सियासी गहमागहमी के बीच नरोत्तम पहुंच रहे भोपाल, इनके साथ होगी 'वन-टू-वन' चर्चा

Sat, 11 Jul 2026 03:57 PM IST
भोपाल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: भोपाल ब्यूरो Updated Sat, 11 Jul 2026 03:57 PM IST
सार

दतिया में भाजपा से टिकट कटने के बाद उपजे विवाद के बीच पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा भोपाल पहुंच रहे हैं। यहां उनकी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की संभावना है। वहीं, दतिया में भाजपा के अंदर मचे घमासान पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने निशाना साधा है। चलिए जानते हैं किन-किन मुद्दों पर भोपाल में बात हो सकती है?

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डॉ. नरोत्तम मिश्रा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दतिया विधानसभा में 2026 के चुनाव के लिए भाजपा से टिकट कटने के बाद पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों में नाराजगी सामने आई है। विरोध प्रदर्शन, पथराव और पार्टी पदाधिकारियों के इस्तीफों के बीच डॉ. नरोत्तम मिश्रा शनिवार को दतिया से भोपाल के लिए रवाना हो गए। यहां वो प्रदेश भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे।
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बताया जा रहा है कि दतिया में मचे राजनीतिक विवाद के बाद भाजपा संगठन ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा को भोपाल बुलाया था। इसके बाद वे परिवार के साथ ट्रेन से भोपाल के लिए रवाना हुए। देर शाम उनके राजधानी पहुंचने की संभावना है।
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भोपाल पहुंचने के बाद डॉ. नरोत्तम मिश्रा भाजपा प्रदेश कार्यालय जा सकते हैं। यहां उनकी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और संघ के पदाधिकारी हितानंद शर्मा के साथ वन-टू-वन चर्चा होने की संभावना है। माना जा रहा है कि संगठन दतिया में टिकट बदलने के बाद हुए विरोध प्रदर्शन, पथराव और पार्टी पदाधिकारियों के इस्तीफों को लेकर उनसे चर्चा करेगा। वहीं, डॉ. नरोत्तम मिश्रा भी पूरी घटना पर अपना पक्ष पार्टी नेतृत्व के सामने रख सकते हैं।
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जानें क्या बोले नरोत्तम मिश्रा?


नरोत्तम मिश्रा ने अपने बयान में कहा कि मैंने कल भी विस्तार से अपनी बात रखी थी और आज भी विस्तार से बता रहा हूं। यह पार्टी का निर्णय है। मैं अपने सभी कार्यकर्ताओं से विशेष रूप से निवेदन करना चाहता हूं कि सोशल मीडिया पर जो वीडियो सामने आए हैं, जिनमें पेट्रोल या मिट्टी का तेल डालने जैसी गतिविधियां दिखाई दे रही हैं, वे इस प्रकार का कोई भी कार्य न करें। साथ ही, किसी भी सड़क या रास्ते को अवरुद्ध न करें। पार्टी में अपनी बात रखने के लिए उचित मंच और प्रक्रिया होती है। अपनी असहमति इसी तरह व्यक्त की जानी चाहिए, इस प्रकार नहीं।"

आशुतोष तिवारी को टिकट मिलने के बाद भड़के समर्थक
भाजपा ने दतिया विधानसभा से डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किया है। टिकट घोषित होने के बाद नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों में नाराजगी फैल गई। समर्थकों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। कई भाजपा पदाधिकारियों के इस्तीफे की खबरें भी सामने आई हैं। बढ़ते विरोध के बीच डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने पार्टी के फैसले को सर्वोपरि बताते हुए कार्यकर्ताओं से संयम बनाए रखने को कहा। इसके बाद वे भोपाल के लिए रवाना हो गए।

जीतू पटवारी बोले- भाजपा हारेगी, कांग्रेस जीतेगी

दतिया में भाजपा के अंदर मचे घमासान पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा दतिया में चुनाव हार रही है और कांग्रेस जीत दर्ज करेगी। पटवारी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी वहां से चुनाव हार रही है और कांग्रेस जीतने जा रही है। हमारे विधायक राजेंद्र भारती को जिस तरह से साजिश के तहत हटाया गया, उसका जवाब दतिया की जनता चुनाव में देगी।

जानें सियासी हलचल की टाइम लाइन

1. शुक्रवार शाम पांच बजे के बाद से बढ़ी थी सियासी हलचल
दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी के नाम की घोषणा होते ही जिला रणक्षेत्र में बदल गया। पार्टी द्वारा आशुतोष तिवारी के नाम पर मुहर लगाते ही पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने हाईवे पर मोर्चा खोल दिया। करीब 12 घंटे तक चले इस हंगामे में पुलिस और प्रशासन को आंसू गैस चलानी पड़ी।

2. रातभर हाईवे दोनों तरफ से बंद रहा, मरीज करते रहे इंतजार
गौरतलब है कि शुक्रवार शाम पांच बजे भाजपा कार्यालय से दतिया प्रत्याशी के रूप में आशुतोष तिवारी का नाम सामने आया। इसके आधे घंटे बाद ही सैकड़ों कार्यकर्ता दतिया-झांसी हाईवे पर जमा हो गए और चक्काजाम कर दिया। रातभर हाईवे दोनों तरफ से बंद रहा। इस दौरान दर्जनों बसें और एंबुलेंस फंस गईं। यात्रियों को पूरी रात सड़क पर बितानी पड़ी। बीमार मरीजों को भी घंटों तक इंतजार करना पड़ा। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया। लेकिन आक्रोशित भीड़ नहीं मानी। 

3. सुबह चार बजे अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया
आरोप है कि इसके बाद उपद्रव शुरू हो गया। प्रदर्शनकारियों ने 6-7 ट्रकों के कांच तोड़ दिए, एक पुलिस वाहन में आग लगाने की कोशिश की, दूसरा वाहन पलट दिया। प्रशासन ने बताया कि भीड़ ने भारी पथराव भी किया। स्थिति बिगड़ती देख सुबह 4 बजे अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर भी पथराव किया। इस हमले में एसपी, एडिशनल एसपी समेत 8 पुलिसकर्मी घायल हो गए। आखिरकार सुबह करीब 5 बजे पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को खदेड़ा और हाईवे से जाम हटवाया। तब जाकर आवागमन बहाल हो सका। 

4. शनिवार सुबह से ही भाजपा कार्यालय के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई
आंदोलनकारियों की एक ही मांग थी कि नरोत्तम मिश्रा का टिकट वापस किया जाए। उनका कहना है कि आशुतोष तिवारी को वे नहीं जानते और दतिया की पहचान सिर्फ नरोत्तम मिश्रा हैं। कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने मीडिया से कहा कि आगे से कोई भी कानून हाथ में लेगा तो प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा। निष्पक्ष चुनाव के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने बताया कि मुरैना से दो कंपनी फोर्स आ चुकी है और सीआरपीएफ की 17 कंपनियां और बुलाई गई हैं। दतिया भाजपा कार्यालय के बाहर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

ये भी पढ़ें- 'असहमति इस तरह न जताएं': टिकट कटने पर दतिया में बवाल और आठ लोगों के घायल होने के बाद नरोत्तम का पहला बयान

पटवारी ने भाजपा पर लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाया
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा ने सत्ता के दुरुपयोग के माध्यम से लोकतंत्र की हत्या की है। उन्होंने कहा कि दतिया की जनता पूरी घटना को देख और समझ रही है। लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी करने वालों को जनता चुनाव में जवाब देगी।

पटवारी ने दतिया में विरोध और कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर भी सरकार और प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब प्रशासन हालात संभाल नहीं पा रहा है तो निष्पक्ष चुनाव कैसे होंगे।

कलेक्टर और एसपी को हटाने की मांग

जीतू पटवारी ने दतिया के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि कलेक्टर और एसपी कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहे हैं। ऐसे में चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं। पटवारी ने कहा कि निर्वाचन आयोग को इस मामले का संज्ञान लेकर दतिया के कलेक्टर और एसपी को तत्काल हटाना चाहिए।
 
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