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नरसिंहपुर में 777 फर्जी सिम का खुलासा: आधार किसी और का, चेहरा अपना… ऐसे खुली साइबर जालसाजी की परतें
Mon, 30 Mar 2026 07:54 PM IST
नरसिंहपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नरसिंहपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नरसिंहपुर
Published by: नरसिंहपुर ब्यूरो
Updated Mon, 30 Mar 2026 07:54 PM IST
सार
नरसिंहपुर में आरोपी ने आधार दस्तावेजों का दुरुपयोग कर 777 फर्जी सिम कार्ड एक्टिवेट किए। पुलिस ने तकनीकी जांच से उसे गिरफ्तार किया। आशंका है कि सिम का इस्तेमाल साइबर ठगी में होना था। मामले में रिटेलर्स की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
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गिरफ्तार आरोपी
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विस्तार
नरसिंहपुर जिले की पुलिस ने एक ऐसे शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने तकनीक और सिस्टम की खामियों का फायदा उठाकर फर्जी सिम कार्ड का बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया था। ठेमी क्षेत्र के बढ़ेयाखेड़ा निवासी रंजीत सिंह पटेल ने अलग-अलग लोगों के आधार कार्ड और पहचान पत्रों का इस्तेमाल करते हुए 777 सिम कार्ड एक्टिवेट कर लिए।
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ऐसे देता था वारदात को अंजाम
जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले गांव और आसपास के इलाकों से लोगों के आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज जुटाता था। इसके बाद वह मोबाइल सिम रिटेलर्स के जरिए या खुद ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से सिम कार्ड एक्टिवेट करवाता था। सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि फेस ऑथेंटिकेशन के दौरान वह अपना ही चेहरा दिखाता था, जिससे सिस्टम उसे पहचान नहीं पाता और सिम चालू हो जाता था।
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पुलिस को कैसे लगी भनक
सूत्रों के मुताबिक, साइबर सेल को लगातार संदिग्ध मोबाइल नंबरों की गतिविधियों की शिकायत मिल रही थी। जब इन नंबरों की जांच की गई तो एक ही पैटर्न सामने आया—अलग-अलग नामों पर जारी सिम, लेकिन लोकेशन और उपयोग एक ही व्यक्ति से जुड़ा हुआ। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच और सर्विलांस के जरिए आरोपी तक पहुंच बनाई और उसे धर दबोचा।
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साइबर ठगी के लिए तैयार हो रहा था नेटवर्क
पुलिस को आशंका है कि इन सिम कार्डों का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर ऑनलाइन फ्रॉड, ओटीपी फ्रॉड, बैंकिंग ठगी और फर्जी कॉलिंग के लिए किया जाना था। इतनी बड़ी संख्या में सिम कार्ड एक्टिवेट होना इस बात की ओर इशारा करता है कि आरोपी किसी बड़े गिरोह से जुड़ा हो सकता है या खुद नेटवर्क तैयार कर रहा था।
रिटेलर्स की भूमिका भी जांच के दायरे में
इस मामले में अब सिम कार्ड जारी करने वाले दुकानदारों और एजेंट्स की भूमिका भी जांच के घेरे में आ गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इन रिटेलर्स ने बिना सही वेरिफिकेशन के सिम जारी किए या उन्हें भी गुमराह किया गया।
आरोपी से हो सकते हैं बड़े खुलासे
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी से पूछताछ जारी है और उससे कई अहम सुराग मिले हैं। आने वाले दिनों में इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी संभव है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि अब तक इन सिम कार्डों का इस्तेमाल किन-किन राज्यों में और किस प्रकार के अपराधों में हुआ। आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 419 (छलपूर्वक प्रतिरूपण), 468 (जालसाजी), 471 (फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल) और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि अपने आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्र किसी अनजान व्यक्ति को न दें। मोबाइल सिम लेते समय पूरी प्रक्रिया खुद पूरी करें। किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज से सतर्क रहें।
