Narsinghpur: मतदाता सूची से नाम हटाने के प्रयास पर बवाल, ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
नरसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र में 934 मतदाताओं के नामों पर सामूहिक आपत्तियों का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रशासन ने प्रक्रिया को मानते हुए नियमों के तहत कार्रवाई की बात कही।
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नरसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची से सामूहिक रूप से नाम हटाने की कोशिश का मामला सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। एक व्यक्ति द्वारा सैकड़ों मतदाताओं के खिलाफ आपत्तियां दर्ज कराए जाने से आक्रोशित ग्रामीणों ने सोमवार को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार भगवान सिंह पटेल नामक व्यक्ति ने फॉर्म-7 के माध्यम से विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न मतदान केंद्रों के कुल 934 मतदाताओं के नामों पर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ये आपत्तियां एकतरफा और दुर्भावनापूर्ण हैं, जिनका उद्देश्य सामूहिक रूप से मतदाताओं को सूची से बाहर करना है।
ज्ञापन में बताया गया है कि जिन मतदाताओं के नामों पर आपत्ति दर्ज की गई है, उनमें ग्राम रांकई के 710 मतदाता शामिल हैं, जो बूथ क्रमांक 150, 151 और 152 से जुड़े हैं। इसी तरह ग्राम पिपरिया (लिंगा) के बूथ क्रमांक 107 से 122 मतदाता, ग्राम रातीकरार के बूथ क्रमांक 103 और 104 से 96 मतदाता तथा ग्राम पिपरिया (रांकई) के बूथ क्रमांक 148 से 6 मतदाता आपत्तियों के दायरे में आए हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि हाल ही में कराए गए बीएलओ सर्वे में सभी मतदाता स्थानीय निवासी पाए गए हैं। इसके बावजूद एक साथ इतनी बड़ी संख्या में आपत्तियां दर्ज किया जाना संदेह उत्पन्न करता है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि अधिकांश मतदाताओं के नाम वर्ष 2003 से लगातार मतदाता सूची में दर्ज हैं।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि इन आपत्तियों के माध्यम से एक विशेष समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है, जो मतदाताओं के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि यदि जांच में आपत्तियां असत्य पाई जाती हैं, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत कार्रवाई की जाए।
मामले पर नरसिंहपुर के एसडीएम मणिन्द्र कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया पूरी तरह वैधानिक है। उन्होंने बताया कि किसी भी मतदाता का नाम हटाने से पहले संबंधित व्यक्ति को दो बार नोटिस दिया जाता है और पूरी जांच के बाद ही नियमानुसार निर्णय लिया जाता है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि पूरे मामले में नियमों के तहत निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।

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