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Neemuch: अरबों रुपये की CCI फैक्ट्री को महज 44 करोड़ में बेचने का मामला गरमाया, दो बार पहले भी चुके हैं प्रयास
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, नीमच
Published by: अरविंद कुमार
Updated Tue, 04 Mar 2025 08:45 PM IST
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सार
Selling CCI Factory: अरबों रुपये की सीसीआई फैक्ट्री को महज 44 करोड़ रुपये में बेचने का मामला गरमा गया है। दो बार पहले भी बेचने के प्रयास हो चुके थे, तब लोग आंदोलन पर उतर आए थे।
CCI फैक्ट्री
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नीमच जिले के नयागांव में स्थित 28 साल से बंद पड़ी सीमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) फैक्ट्री को नीलाम करने के लिए केंद्र सरकार ऑनलाइन टेंडर जारी कर दी है। जैसे ही अरबों रुपये की फैक्ट्री को महज 44 करोड़ रुपये में नीलाम किए जाने की खबर लगी तो विरोध शुरू हो गया है। सीटू सहित कई संगठनों ने विरोध दर्ज करवाया है। यही नहीं आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
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नीमच जिला मुख्यालय से 18 किलोमीटर दूरी पर स्थित सीसीआई फैक्ट्री 11 अक्तूबर 1980 को शुरू हो गई थी। यह फैक्ट्री भारत सरकार का उपक्रम है। प्रतिदिन 12 हजार मीट्रिक टन सीमेंट का उत्पादन होता था। लेकिन 13 मई 1997 को वित्तीय स्थिति ठीक नहीं होने का कारण बताकर फैक्ट्री को बंद कर दिया। फैक्ट्री तो बंद कर दी गई, लेकिन अरबों रुपये की संपत्ति खंडहरनुमा पड़ी हुई है। वर्ष 2012-13 में सरकार ने पूरे प्लांट की कीमत 440 करोड़ रुपये आंकी थी।
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एमएसीटी भारत सरकार का सार्वजनिक उपक्रम है। इसी ने 13 फरवरी 2025 को सीसीआई फैक्ट्री के ऑनलाइन टेंडर जारी किए गए हैं और पांच मार्च 2025 आखिरी तारीख सुनिश्चित की गई है। स्क्रैप (भंगार) सहित कई सामग्री फैक्ट्री से जुड़ी होने का जिक्र किया गया है। यह पहली बार नहीं बल्कि तीसरी बार बंद पड़ी फैक्ट्री को बेचने का प्रयास हुआ है। श्रमिक संगठनों से जुड़े हुए पदाधिकारियों ने आपत्ति दर्ज करवाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित वित्त मंत्री भारत सरकार से शिकायत की है।
दो बार पहले भी हो चुके हैं प्रयास, आंदोलन पर उतर गए थे लोग
सीसीआई फैक्ट्री बेचने के प्रयास दो बार पहले भी हो चुके हैं। लेकिन बढ़ते विरोध के चलते सरकार ने नीलामी का फैसला वापस ले लिया था। पहला प्रयास वर्ष 2012-13 में हुआ था। इसके बाद नौ मार्च 2019 को टेंडर जारी किए गए थे। सरकार ने दोनों समय अलग-अलग कीमत दिखाई थी। लेकिन इस बार महज 44 करोड़ रुपये नीलामी बोली रखी गई है।
बंद पडी फैक्ट्री को शुरू करने की बजाय बेचने की तैयारी
सीटू के प्रदेश सचिव कामरेड शैलेंद्र सिंह ठाकुर ने फैक्ट्री को बेचने का पूरजोर विरोध किया है। सांसद से लेकर विधायक हर समय उक्त फैक्ट्री को चालू किए जाने का दावा करते आए हैं। हजारों लोगों को उम्मीद है कि फैक्ट्री केंद्र सरकार फिर से चालू करे। लेकिन बड़ी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए सरकार के उपक्रम को बेचने का प्रयास किया जा रहा है। 460 करोड़ की फैक्ट्री को महज 44 करोड़ में बेचने की विज्ञप्ति निकाली गई है, जिसे हम पूरा नहीं होने देंगे। आवश्यकता पड़ी तो जन आंदोलन भी किया जाएगा।
ये है सीसीआई का खजाना
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कबाड़ तीन हजार टन
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1200 टन के दो लोहे के प्लांट
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प्लांट भूमि- 32.250 हेक्टेयर
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खनन क्षेत्र- 450.042 हेक्टेयर
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कॉलोनी क्षेत्र- 18.160 हेक्टेयर
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अन्य क्षेत्र- 37.154 हेक्टेयर
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सभी की अनुमानित कीमत 460 करोड़ रुपये

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