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नीमच में शादी की खुशियां मातम में बदलीं: तलवारों से किया सगे भाइयों पर जानलेवा हमला, पुलिस पर लगा गंभीर आरोप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नीमच
Published by: नीमच ब्यूरो
Updated Thu, 23 Apr 2026 07:51 PM IST
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सार
नीमच के जेतपुरा पालसोड़ा में बिंदौली के दौरान दो सगे भाइयों पर तलवार-पत्थरों से हमला हुआ। दोनों गंभीर घायल हैं। पीड़ितों ने पुलिस पर लापरवाही और दबाव में हल्की धाराएं लगाने का आरोप लगाया, आरोपियों से जान से मारने की धमकियां भी मिल रहीं।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे पीड़ित
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नीमच जिले के जीरन थाना क्षेत्र के ग्राम जेतपुरा पालसोड़ा में शादी समारोह की खुशियां अचानक उस समय खूनी संघर्ष में बदल गईं, जब एक बिंदौली के दौरान दो सगे भाइयों को तलवार और पत्थरों से निशाना बनाया गया। घटना के बाद से क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है। पीड़ित परिवार और नायक रघुवंशी समाज ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए एसपी कार्यालय का दरवाजा खटखटाया है।
क्या है मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, 20 अप्रैल की रात करीब 10 बजे गांव में बिंदौली (वर यात्रा) निकाली जा रही थी। इसी दौरान शिव मंदिर के समीप महेंद्र रावत, गोविंद रावत, प्रभुसिंह, हिम्मतसिंह, ओमसिंह, जीवन और नारायण रावत सहित 10-15 लोगों ने एक राय होकर विशाल नायक को घेर लिया और जबरन घसीटते हुए मारपीट शुरू कर दी। शोर सुनकर जब विशाल का भाई नरेंद्र नायक उसे बचाने पहुंचा, तो हमलावरों ने उस पर भी तलवार और पत्थरों से ताबड़तोड़ वार कर दिए। इस हमले में दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका उपचार जिला अस्पताल में जारी है।
पुलिस पर 'दबाव' और 'लापरवाही' के गंभीर आरोप
गुरुवार को नायक रघुवंशी समाज के लोग लामबंद होकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। उन्होंने एसपी अंकित जायसवाल के नाम डीएसपी निकिता सिंह को ज्ञापन सौंपा। समाजजनों का आरोप है कि घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने न केवल कार्रवाई में देरी की, बल्कि मामले को रफा-दफा करने के लिए हल्की धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।
पढ़ें: 900 टन जहरीली राख पर हाईकोर्ट का सख्त रुख, सरकार से मांगी पूरी टॉक्सिसिटी की रिपोर्ट
आरोप यह भी है कि नामजद रिपोर्ट के बावजूद पुलिस ने आरोपियों की पूरी सूची के बजाय केवल तीन लोगों को ही नामजद किया, जबकि घटना में 10 से 15 लोग शामिल थे। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि आरोपी प्रभावशाली हैं और राजनीतिक संरक्षण के चलते पुलिस सख्त कार्रवाई करने से कतरा रही है।
आरोपियों की धमकी, आर्मी में हूं, गोली मार दूंगा
पीड़ित परिवार ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। परिवार का कहना है कि आरोपी पक्ष लगातार दबाव बना रहा है। उन्हें जान से मारने और घर में आग लगाने की धमकियां दी जा रही हैं। हद तो तब हो गई जब एक आरोपी ने स्वयं को सेना (आर्मी) का जवान बताते हुए परिवार को गोली मारने की धमकी दी। इधर, समाज की मांग
है कि सख्त धाराओं में मामला दर्ज हो।
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क्या है मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, 20 अप्रैल की रात करीब 10 बजे गांव में बिंदौली (वर यात्रा) निकाली जा रही थी। इसी दौरान शिव मंदिर के समीप महेंद्र रावत, गोविंद रावत, प्रभुसिंह, हिम्मतसिंह, ओमसिंह, जीवन और नारायण रावत सहित 10-15 लोगों ने एक राय होकर विशाल नायक को घेर लिया और जबरन घसीटते हुए मारपीट शुरू कर दी। शोर सुनकर जब विशाल का भाई नरेंद्र नायक उसे बचाने पहुंचा, तो हमलावरों ने उस पर भी तलवार और पत्थरों से ताबड़तोड़ वार कर दिए। इस हमले में दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका उपचार जिला अस्पताल में जारी है।
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पुलिस पर 'दबाव' और 'लापरवाही' के गंभीर आरोप
गुरुवार को नायक रघुवंशी समाज के लोग लामबंद होकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। उन्होंने एसपी अंकित जायसवाल के नाम डीएसपी निकिता सिंह को ज्ञापन सौंपा। समाजजनों का आरोप है कि घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने न केवल कार्रवाई में देरी की, बल्कि मामले को रफा-दफा करने के लिए हल्की धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।
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आरोप यह भी है कि नामजद रिपोर्ट के बावजूद पुलिस ने आरोपियों की पूरी सूची के बजाय केवल तीन लोगों को ही नामजद किया, जबकि घटना में 10 से 15 लोग शामिल थे। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि आरोपी प्रभावशाली हैं और राजनीतिक संरक्षण के चलते पुलिस सख्त कार्रवाई करने से कतरा रही है।
आरोपियों की धमकी, आर्मी में हूं, गोली मार दूंगा
पीड़ित परिवार ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। परिवार का कहना है कि आरोपी पक्ष लगातार दबाव बना रहा है। उन्हें जान से मारने और घर में आग लगाने की धमकियां दी जा रही हैं। हद तो तब हो गई जब एक आरोपी ने स्वयं को सेना (आर्मी) का जवान बताते हुए परिवार को गोली मारने की धमकी दी। इधर, समाज की मांग
है कि सख्त धाराओं में मामला दर्ज हो।

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