सीहोर प्रवास के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर भाजपा और दलबदल की राजनीति पर जोरदार हमला बोला। मीडिया से बातचीत में उनका अंदाज बेहद आक्रामक और साफ नजर आया। उन्होंने बिना किसी लाग-लपेट के कहा कि जो नेता अपनी मूल विचारधारा और पार्टी छोड़कर निजी स्वार्थ के लिए भाजपा में शामिल हो रहे हैं, उनका “सत्यानाश” तय है। उनके इस बयान से प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा हो गई है।
दलबदल करने वाले नेताओं पर सीधा हमला
दिग्विजय सिंह ने दलबदल करने वाले सांसदों को निशाने पर लेते हुए कहा कि यह सिर्फ राजनीतिक बदलाव नहीं, बल्कि जनता के विश्वास के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि होती है और जो नेता अपने मतदाताओं की भावनाओं से विश्वासघात करते हैं, उन्हें जनता कभी माफ नहीं करती। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसे नेताओं का भविष्य अंधकारमय है और वे जल्द ही राजनीति के हाशिए पर चले जाएंगे।
AAP छोड़ भाजपा में जाने वालों पर टिप्पणी
दिग्विजय सिंह ने खास तौर पर आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए सांसदों पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि जो नेता अपने सिद्धांतों और विचारधारा को छोड़कर सत्ता के लिए दल बदलते हैं, वे राजनीति की विश्वसनीयता को खत्म कर रहे हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताया और कहा कि यह प्रवृत्ति देश की राजनीतिक संस्कृति को कमजोर कर रही है।
महिला आरक्षण पर केंद्र सरकार को घेरा
महिला आरक्षण बिल को लेकर भी दिग्विजय सिंह ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की नीयत इस मुद्दे पर साफ नहीं है। उनका कहना था कि सरकार लगातार महिलाओं को भ्रमित कर रही है और आरक्षण लागू करने के बजाय इसे टालने की कोशिश कर रही है। उन्होंने मांग की कि अगर सरकार गंभीर है तो इसे तुरंत लागू किया जाए।
परिसीमन और जनगणना को बताया बहाना
पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा दिए जा रहे तर्क (परिसीमन और जनगणना) को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि ये केवल देरी करने के बहाने हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में भी महिला आरक्षण लागू किया जा सकता है, लेकिन सरकार जानबूझकर इसे आगे के लिए टाल रही है।
यूपी चुनाव से लागू करने की चुनौती
दिग्विजय सिंह ने केंद्र सरकार को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर उसकी मंशा साफ है तो आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ही महिला आरक्षण लागू कर के दिखाए। उन्होंने कहा कि इससे सरकार की नीयत सामने आ जाएगी और महिलाओं को वास्तविक सशक्तिकरण मिलेगा। इस बयान के बाद महिला आरक्षण का मुद्दा फिर से चर्चा में आ गया है।
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ऑपरेशन लोटस’ और एजेंसियों पर आरोप
दिग्विजय सिंह ने ‘ऑपरेशन लोटस’ के आरोपों को दोहराते हुए कहा कि केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं को डराया और दबाव में लाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सत्ता में बने रहने की रणनीति का हिस्सा है और इससे लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।
प्रदेश की राजनीति में बढ़ी हलचल
दिग्विजय सिंह के इस तीखे बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में गर्माहट बढ़ गई है। भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज होने के संकेत हैं। सीहोर में दिया गया उनका बयान सिर्फ स्थानीय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति को भी प्रभावित कर सकता है। आने वाले समय में इसके राजनीतिक असर पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।