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Neemuch: पांच सौ रुपये के स्टांप पर एग्रीमेंट कर सरपंची के अधिकार सौंपे, सीईओ के आदेश पर महिला सरपंच बर्खास्त
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नीमच
Published by: नीमच ब्यूरो
Updated Tue, 11 Feb 2025 03:44 PM IST
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सार
मनासा में ग्राम पंचायत दांता में संपत्ति हस्तांतरित करने के तर्ज पर सरपंची हस्तांतरित किए जाने का मामला सामने आया है। मामले में ग्राम पंचायत की वर्तमान सरपंच ने पांच सौ रुपए के स्टांप पेपर पर किसी अन्य व्यक्ति को सरपंची के अधिकार सौंप दिए। बहरहाल सरपंच को पद से बर्खास्त कर दिया गया है।
मध्यप्रदेश
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
जिले की मनासा तहसील के ग्राम पंचायत दांता में अनुबंध करके सरपंची सौंपने के मामले में जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव ने कार्रवाई करते हुए सरपंच कैलाशी बाई को पद से हटा दिया है। जांच में सामने आया कि कैलाशी बाई ने 500 रुपए के स्टांप पेपर पर गांव के ही सुरेश गरासिया को सरपंची के अधिकार सौंप दिए थे। मामला सामने आने के बाद जांच की गई, जिसमें सरपंच के बयान बदलने के बावजूद स्टांप वेंडर ने सच्चाई उजागर कर दी।
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ग्राम पंचायत दांता की सरपंच कैलाशी बाई ने 24 जनवरी को 500 रुपए के स्टांप पेपर पर एक एग्रीमेंट किया था, जिसमें उन्होंने अपने सभी अधिकार सुरेश गरासिया को सौंप दिए। यह एग्रीमेंट सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और पूरे मामले की जांच शुरू की गई। एग्रीमेंट में लिखा था कि कैलाशी बाई अपने कार्य पूरे नहीं कर पा रही हैं, इसलिए सरपंची के अधिकार सुरेश गरासिया को सौंप रही हैं। साथ ही यह भी उल्लेख किया गया था कि गांव में मनरेगा, पीएम आवास, वाटर शेड सहित सभी सरकारी योजनाओं के कार्य सुरेश ही देखेंगे।
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मामला मीडिया में आने के बाद जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव ने कैलाशी बाई, सुरेश गरासिया और दोनों गवाहों को बयान के लिए बुलाया। पूछताछ के दौरान सरपंच और ठेकेदार ने एग्रीमेंट को फर्जी बताया, लेकिन स्टांप वेंडर ने खुलासा किया कि यह स्टांप कैलाशी बाई के आधार कार्ड से खरीदा गया था। जांच में यह भी सामने आया कि अनुबंध में गवाह के रूप में पूर्व सरपंच मन्नालाल और सदाराम के हस्ताक्षर मौजूद थे।
जांच के बाद जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव ने धारा 40 के तहत सरपंच कैलाशी बाई को पद से हटा दिया। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह मामला देशभर में अनोखा है, जहां एक सरपंच ने संपत्ति की तरह सरपंची ट्रांसफर करने का अनुबंध किया। प्रशासन ने इसे गैरकानूनी मानते हुए त्वरित कार्रवाई की और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की बात कही है।

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