ओंकारेश्वर में हाईटेक सुरक्षा कवच: अब 63 हाईटेक कैमरों से होगी नगर की निगरानी, स्वच्छता पर रहेगी 24 घंटे नजर
स्वच्छ भारत मिशन के तहत अब ओंकारेश्वर की व्यवस्थाओं पर 24 घंटे तीसरी आंख का पहरा होगा। सब कुछ मॉनिटर किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए नगर परिषद ने 63 हाईटेक सीसीटीवी कैमरे घाटों, प्रमुख मार्गों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में लगाया है। साथ कचरा फैलाने वालों पर भी पैनी नजर रहेगी।
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धार्मिक नगरी ओंकारेश्वर को स्वच्छ, सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में नगर परिषद ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। स्वच्छ भारत मिशन 2025-26 के अंतर्गत नगर परिषद द्वारा पूरे नगर में 63 हाईटेक सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं। इन कैमरों का उद्देश्य केवल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना ही नहीं, बल्कि स्वच्छता व्यवस्था की प्रभावी निगरानी, भीड़ प्रबंधन और प्रशासनिक कार्यों को अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाना भी है।
नगर परिषद द्वारा लगाए गए सभी कैमरे अत्याधुनिक तकनीक से लैस हैं। इन्हें नगर परिषद कार्यालय स्थित कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है, जहां से प्रशिक्षित कर्मचारी पूरे नगर की 24 घंटे लाइव मॉनिटरिंग कर रहे हैं। हाई-डेफिनेशन (HD) गुणवत्ता वाले इन कैमरों में नाइट विजन, डिजिटल जूम और स्पष्ट रिकॉर्डिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे रात के समय भी घाटों, गलियों और प्रमुख मार्गों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सकती है।
स्वच्छता अभियान को मिलेगा तकनीक का साथ
नगर परिषद का मानना है कि स्वच्छता केवल सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक और श्रद्धालु का भी दायित्व है। अब यदि कोई व्यक्ति मां नर्मदा के घाटों, सार्वजनिक स्थानों, मार्गों या धार्मिक स्थलों पर कचरा फैलाते हुए कैमरे में दिखाई देता है, तो उसकी पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और जुर्माना लगाया जाएगा।
इसके साथ ही सफाई व्यवस्था की भी नियमित निगरानी होगी। कचरा संग्रहण वाहनों की आवाजाही, सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति, निर्धारित समय पर सफाई कार्य तथा अन्य व्यवस्थाओं पर भी कैमरों के माध्यम से नजर रखी जाएगी। इससे कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और सफाई व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा होगी और मजबूत
ओंकारेश्वर देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में शामिल है, जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। श्रावण मास, सोमवार, शनिवार, रविवार, अमावस्या, महाशिवरात्रि तथा अन्य विशेष धार्मिक अवसरों पर श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति में भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था तथा सुरक्षा बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होती है।
अब सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से प्रशासन भीड़ की वास्तविक स्थिति पर लगातार नजर रख सकेगा। आवश्यकता पड़ने पर तत्काल पुलिस, नगर परिषद तथा अन्य विभागों को सूचना देकर भीड़ का बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा। किसी भी संदिग्ध गतिविधि, झगड़े, दुर्घटना अथवा आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई संभव होगी।
ट्रैफिक प्रबंधन में भी मिलेगी मदद
मुख्य मार्गों, पार्किंग स्थलों और भीड़भाड़ वाले चौराहों पर लगाए गए कैमरों से यातायात व्यवस्था की निगरानी भी आसान होगी। त्योहारों और अवकाश के दिनों में वाहनों के दबाव को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस को समय पर आवश्यक कदम उठाने में सहायता मिलेगी।
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भविष्य में एआई आधारित निगरानी की तैयारी
नगर परिषद और प्रशासन भविष्य में इस निगरानी प्रणाली को और अधिक आधुनिक बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। आगामी चरण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित विश्लेषण तथा फेस रिकग्निशन (चेहरा पहचानने वाली तकनीक) जैसी सुविधाएं भी जोड़ी जा सकती हैं। इससे संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान, लावारिस वस्तुओं की सूचना तथा असामान्य गतिविधियों का स्वतः पता लगाना संभव हो सकेगा।
स्मार्ट और सुरक्षित तीर्थनगरी की ओर बढ़ता कदम
नगर परिषद की यह पहल ओंकारेश्वर को स्वच्छ, सुरक्षित और तकनीकी रूप से सशक्त तीर्थनगरी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यदि श्रद्धालु, स्थानीय नागरिक और प्रशासन मिलकर इस व्यवस्था का सहयोग करें, तो आने वाले वर्षों में ओंकारेश्वर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र रहेगा, बल्कि स्वच्छता, सुरक्षा और आधुनिक शहरी प्रबंधन का भी उत्कृष्ट उदाहरण बन सकेगा।
