भूतड़ी अमावस्या: ओंकारेश्वर में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, जलप्रवाह को नियमित और स्थिर बनाने पर जोर
भूतड़ी अमावस्या और गुड़ी पड़वा पर ओंकारेश्वर सहित नर्मदा तटों पर उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने विशेष व्यवस्था की है। 18-19 मार्च को जलस्तर नियंत्रित रखने और सुरक्षा के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।
विस्तार
भूतड़ी अमावस्या और गुड़ी पड़वा जैसे प्रमुख पर्वों के अवसर पर तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर सहित नर्मदा तट के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ऋषव गुप्ता द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण आदेश जारी किए गए हैं।
प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार 18 मार्च से 19 मार्च तक नर्मदा नदी में जलप्रवाह को नियमित और स्थिर बनाए रखा जाएगा। इस दौरान प्रतिदिन सुबह 4 बजे से रात्रि 10 बजे तक जलस्तर एक समान रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि स्नान के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना न रहे। इसके लिए अधिकतम 3 टरबाइन संचालित की जाएंगी, जबकि रात्रि में विद्युत मांग कम होने पर आवश्यकता अनुसार टरबाइनों की संख्या घटाई भी जा सकेगी।
ज्ञात हो कि इन पर्वों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु ओंकारेश्वर और महेश्वर पहुंचकर नर्मदा स्नान के साथ-साथ ज्योतिर्लिंग भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन करते हैं। स्नान उपरांत घाटों पर मां नर्मदा की पूजा-अर्चना की परंपरा के चलते घाटों पर अत्यधिक भीड़ रहती है, जिसे देखते हुए यह निर्णय अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जानें कब तक प्रभावी रहेगा प्रतिबंध?
वहीं, दूसरी ओर, श्रद्धालुओं के निर्बाध आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए खंडवा-इंदौर (इंदौर-इच्छापुर) राष्ट्रीय राजमार्ग पर 18 से 19 मार्च तक भारी वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध लगाया गया है। यह प्रतिबंध 18 मार्च सुबह 6 बजे से लागू होकर 19 मार्च की रात्रि 12 बजे तक प्रभावी रहेगा। प्रतिबंध के दौरान बुरहानपुर की ओर से आने वाले भारी वाहन देशगांव से खरगोन, कसरावद, खलघाट, महू होते हुए इंदौर की ओर भेजे जाएंगे। इसी प्रकार इंदौर से आने वाले भारी वाहन महू, खलघाट, कसरावद, खरगोन होते हुए भीकनगांव मार्ग से देशगांव होकर खंडवा-बुरहानपुर की ओर आवागमन करेंगे।
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यहां आस्था और व्यवस्था दोनों का दिख रहा संतुल
हालांकि, आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को इस प्रतिबंध से पूरी तरह मुक्त रखा गया है। इनमें दुग्ध वाहन, नगर निगम, पुलिस, फायर ब्रिगेड, जल टैंकर, आर्मी, विद्युत कंपनी, एलपीजी एवं पेट्रोलियम परिवहन, सब्जी वाहन तथा यात्री बसें शामिल हैं। प्रशासन द्वारा की गई ये व्यवस्थाएं श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए की गई हैं, जिससे पर्व के दौरान ओंकारेश्वर में आस्था और व्यवस्था दोनों का संतुलन बना रहे।
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