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खेड़ी घाट पर बड़ा हादसा टला: गोताखोर और साथियों ने बचाई पांच युवकों की जान, इंदौर से पहुंचे थे चार दोस्त
Sun, 05 Jul 2026 07:06 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओंकारेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओंकारेश्वर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 05 Jul 2026 07:06 PM IST
सार
खरगोन के खेड़ीघाट नर्मदा घाट पर रविवार को स्नान के दौरान डूब रहे पांच युवकों को तैनात गोताखोर बाबूलाल मंगले और राकेश ढोली ने साहस दिखाते हुए सुरक्षित बचा लिया। प्रशासन ने बरसात में नर्मदा नदी के गहरे पानी से दूर रहने और केवल निर्धारित सुरक्षित स्थानों पर ही स्नान करने की अपील की है।
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नर्मदा नदी में डूब रहे पांच युवकों को गोताखोरों ने जान जोखिम में डालकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
इंदौर–खंडवा–इच्छापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित खरगोन जिले के बड़वाह तहसील अंतर्गत खेड़ीघाट के नर्मदा घाट पर रविवार शाम बड़ा हादसा टल गया। नर्मदा नदी में स्नान के दौरान गहरे पानी में डूब रहे पांच युवकों को घाट पर तैनात गोताखोरों ने अपनी जान जोखिम में डालकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उनकी तत्परता और साहस के कारण पांचों युवकों को नया जीवन मिल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रविवार शाम लगभग चार बजे इंदौर से आए चार दोस्त नर्मदा घाट पर स्नान कर रहे थे। स्नान के दौरान वे अनजाने में गहरे पानी की ओर चले गए। कुछ ही क्षणों में वे पानी में डूबने लगे और सहायता के लिए जोर-जोर से आवाज लगाने लगे। घाट पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। युवकों की चीख-पुकार सुनते ही घाट पर तैनात अनुभवी गोताखोर बाबूलाल मंगले और राकेश ढोली बिना समय गंवाए ट्यूब लेकर नर्मदा नदी में कूद पड़े। तेज बहाव और गहरे पानी के बीच दोनों गोताखोरों ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए एक-एक कर चारों युवकों तक पहुंचकर उन्हें सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया। समय रहते राहत मिलने से चारों युवकों की जान बच गई।
ये भी पढ़ें- ओंकारेश्वर में हाईटेक सुरक्षा कवच: अब 63 हाईटेक कैमरों से होगी नगर की निगरानी, स्वच्छता पर रहेगी 24 घंटे नजर
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एक अन्य युवक को भी बचाया
इस घटना के कुछ ही देर बाद उसी घाट पर एक और युवक स्नान के दौरान गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। सूचना मिलते ही बाबूलाल मंगले और राकेश ढोली ने एक बार फिर तत्काल नदी में छलांग लगाई और युवक तक पहुंचकर उसे भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस प्रकार कुछ ही समय के अंतराल में दोनों गोताखोरों ने कुल पांच लोगों की जान बचाकर मानवता और साहस का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
स्नान के दौरान सावधानी की अपील
गौरतलब है कि बरसात के मौसम में नर्मदा नदी का जलस्तर और गहराई लगातार बदलती रहती है। ऐसे समय में नदी में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। प्रशासन द्वारा भी बार-बार अपील की जाती है कि निर्धारित सुरक्षित क्षेत्र में ही स्नान करें तथा गहरे पानी में जाने से बचें। थोड़ी-सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रविवार शाम लगभग चार बजे इंदौर से आए चार दोस्त नर्मदा घाट पर स्नान कर रहे थे। स्नान के दौरान वे अनजाने में गहरे पानी की ओर चले गए। कुछ ही क्षणों में वे पानी में डूबने लगे और सहायता के लिए जोर-जोर से आवाज लगाने लगे। घाट पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। युवकों की चीख-पुकार सुनते ही घाट पर तैनात अनुभवी गोताखोर बाबूलाल मंगले और राकेश ढोली बिना समय गंवाए ट्यूब लेकर नर्मदा नदी में कूद पड़े। तेज बहाव और गहरे पानी के बीच दोनों गोताखोरों ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए एक-एक कर चारों युवकों तक पहुंचकर उन्हें सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया। समय रहते राहत मिलने से चारों युवकों की जान बच गई।
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एक अन्य युवक को भी बचाया
इस घटना के कुछ ही देर बाद उसी घाट पर एक और युवक स्नान के दौरान गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। सूचना मिलते ही बाबूलाल मंगले और राकेश ढोली ने एक बार फिर तत्काल नदी में छलांग लगाई और युवक तक पहुंचकर उसे भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस प्रकार कुछ ही समय के अंतराल में दोनों गोताखोरों ने कुल पांच लोगों की जान बचाकर मानवता और साहस का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
स्नान के दौरान सावधानी की अपील
गौरतलब है कि बरसात के मौसम में नर्मदा नदी का जलस्तर और गहराई लगातार बदलती रहती है। ऐसे समय में नदी में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। प्रशासन द्वारा भी बार-बार अपील की जाती है कि निर्धारित सुरक्षित क्षेत्र में ही स्नान करें तथा गहरे पानी में जाने से बचें। थोड़ी-सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
