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MP: पन्ना में इस वजह से बच्चों को नहीं मिला स्कूल में प्रवेश; अब बर्तन धोने को मजबूर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पन्ना
Published by: तरुणेंद्र चतुर्वेदी
Updated Thu, 11 Dec 2025 09:52 AM IST
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सार
पढ़ने और स्कूल जाने का सपना टूट रहा है। हाथों में किताबों की जगह बर्तन और मंजना मासूमों के हाथों में हैं। पन्ना से सामने आई तस्वीर ने सवाल खड़े कर दिए हैं। चलिए बता रहे हैं यहां करीब 2000 बच्चे स्कूली शिक्षा से क्यों दूर हो गए? पढ़ें पूरी खबर
स्कूली छात्रों के बीच में सफेद शर्ट पर बैठा एक किशोर बर्तन धुलता हुआ।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बीते माह लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (X) पर एक पोस्ट साझा करते हुए मध्य प्रदेश में मिड-डे मील की व्यवस्था पर सवाल उठाया था। साथ ही श्योपुर जिले के एक सरकारी स्कूल के बच्चों का एक वीडियो साझा किया था, जिसमें वे पेपर पर मध्याह्न भोजन खा रहे थे।
स्कूली शिक्षा और व्यवस्था पर सवाल उठाने वाली एक ऐसी ही खबर अब पन्ना से आई है। जहां शाहनगर विकासखंड के ग्राम झिरमीरा में कई बच्चों के पास आधार कार्ड न होने के कारण उनको स्कूल में एडमिशन नहीं मिला। ये बच्चे स्कूल तो जाते हैं, लेकिन पढ़ाई के लिए नहीं बल्कि बर्तन धोने व छोटे-मोटे काम करने के लिए। तस्वीर में आप देख सकते हैं कि बच्चे बर्तन धो रहे हैं। उनके चारों तरफ स्कूल के अन्य छात्र भी खड़े हैं। वहीं, बीच में दुबका बैठा हुआ किशोर बर्तन धो रहा है।अधिकारी कह रहे हैं कि इस बच्चे को प्रवेश दे दिया गया है लेकिन इसके जैसे कई और हैं जिनको प्रवेश नहीं मिला है।
'2000 बच्चे ऐसे हैं जिनके पास आधार कार्ड नहीं'
अजय गुप्ता (DPC पन्ना) कहते हैं यह समस्या सिर्फ एक गांव तक सीमित नहीं है। पन्ना जिले में करीब 2000 बच्चे ऐसे हैं जिनके पास आधार कार्ड नहीं है, और इसी कारण वे शिक्षा की मुख्यधारा से दूर हो रहे हैं।
ये भी पढ़ें- MP News: अखबार पर मिड-डे मील खाने के मामले ने पकड़ा तूल, राहुल गांधी बोले- पीएम और सीएम को शर्म आनी चाहिए
वीडियो वायरल होने के बाद पन्ना जिले के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उमराव सिंह मरावी ने मामले पर संज्ञान लिया है और तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को कहा गया है कि ऐसे सभी बच्चों की सूची तैयार कर जल्द से जल्द आधार बनवाया जाए और उन्हें स्कूलों में दाखिला दिलाया जाए।
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स्कूली शिक्षा और व्यवस्था पर सवाल उठाने वाली एक ऐसी ही खबर अब पन्ना से आई है। जहां शाहनगर विकासखंड के ग्राम झिरमीरा में कई बच्चों के पास आधार कार्ड न होने के कारण उनको स्कूल में एडमिशन नहीं मिला। ये बच्चे स्कूल तो जाते हैं, लेकिन पढ़ाई के लिए नहीं बल्कि बर्तन धोने व छोटे-मोटे काम करने के लिए। तस्वीर में आप देख सकते हैं कि बच्चे बर्तन धो रहे हैं। उनके चारों तरफ स्कूल के अन्य छात्र भी खड़े हैं। वहीं, बीच में दुबका बैठा हुआ किशोर बर्तन धो रहा है।अधिकारी कह रहे हैं कि इस बच्चे को प्रवेश दे दिया गया है लेकिन इसके जैसे कई और हैं जिनको प्रवेश नहीं मिला है।
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'2000 बच्चे ऐसे हैं जिनके पास आधार कार्ड नहीं'
अजय गुप्ता (DPC पन्ना) कहते हैं यह समस्या सिर्फ एक गांव तक सीमित नहीं है। पन्ना जिले में करीब 2000 बच्चे ऐसे हैं जिनके पास आधार कार्ड नहीं है, और इसी कारण वे शिक्षा की मुख्यधारा से दूर हो रहे हैं।
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वीडियो वायरल होने के बाद पन्ना जिले के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उमराव सिंह मरावी ने मामले पर संज्ञान लिया है और तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को कहा गया है कि ऐसे सभी बच्चों की सूची तैयार कर जल्द से जल्द आधार बनवाया जाए और उन्हें स्कूलों में दाखिला दिलाया जाए।

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