Raisen News: रायसेन में बड़ा हादसा टला, तेज रफ्तार बस का टायर फटा; चालक की सूझबूझ से 60 यात्रियों की जान बची
रायसेन में सागर-भोपाल बस का अगला टायर फटने से बड़ा हादसा टल गया। बस में 50–60 यात्री सवार थे, लेकिन चालक की सूझबूझ से वाहन सुरक्षित रोका गया। यात्रियों को इंतजार करना पड़ा। लोगों ने बसों की फिटनेस जांच और परिवहन नियमों में लापरवाही पर चिंता जताई।
रायसेन में सागर-भोपाल बस का अगला टायर फटने से बड़ा हादसा टल गया। बस में 50–60 यात्री सवार थे, लेकिन चालक की सूझबूझ से वाहन सुरक्षित रोका गया। यात्रियों को इंतजार करना पड़ा। लोगों ने बसों की फिटनेस जांच और परिवहन नियमों में लापरवाही पर चिंता जताई।
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रायसेन जिले में बुधवार दोपहर बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया, जब सागर से भोपाल जा रही एक बस का अगला टायर अचानक फट गया। घटना सागर रोड स्थित विद्युत ग्रामीण कार्यालय के सामने हुई। बस में उस समय करीब 50 से 60 यात्री सवार थे। तेज धमाके के साथ टायर फटते ही बस कुछ क्षणों के लिए अनियंत्रित हो गई, जिससे यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। हालांकि चालक की सूझबूझ और सतर्कता के चलते बस को सड़क किनारे सुरक्षित रोक लिया गया और सभी यात्रियों की जान बच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस करीब 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। अचानक तेज आवाज सुनकर यात्री घबरा गए और कुछ देर के लिए बस में चीख-पुकार मच गई। गैरतगंज से भोपाल जा रहे यात्री तीरथ सिंह और सौरभ जैन ने बताया कि धमाका इतना तेज था कि शुरुआत में सभी को लगा कोई बड़ा हादसा हो गया है। बस रुकने के बाद जब लोग नीचे उतरे, तब पता चला कि अगला टायर फट गया है। घटना के बाद चालक और स्टाफ ने स्थिति संभाली और यात्रियों को सुरक्षित उतारा। टायर बदलने में काफी समय लगने के कारण यात्रियों को सड़क किनारे इंतजार करना पड़ा, जिससे उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ा। कई यात्रियों ने परिवहन व्यवस्था और बसों की फिटनेस को लेकर चिंता भी जताई।
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पहले भी हुए हादसे
इससे पहले 13 और 14 जनवरी की दरमियानी रात इंदौर-रीवा रूट की एक बस में अचानक आग लगने की घटना हुई थी। उस समय भी करीब 50 यात्री बस में मौजूद थे, जिन्हें एक ट्रक चालक की सतर्कता से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था, हालांकि बस पूरी तरह जल गई थी। वहीं मंगलवार शाम एक नाबालिग द्वारा चलाए जा रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली के पलटने का मामला भी सामने आया था।
लोगों का आरोप है कि वाहनों की नियमित फिटनेस जांच और नियमों का पालन सुनिश्चित करने में लापरवाही बरती जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि समय-समय पर सख्ती से जांच हो और ओवरस्पीडिंग व तकनीकी खामियों वाले वाहनों पर कार्रवाई की जाए, तो ऐसे हादसों की आशंका कम हो सकती है।

तेज रफ्तार बस का फटा टायर
