सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Blackmailing using fake loan app exposed in Rajgarh, four accused arrested from Amethi

Rajgarh: फर्जी लोन ऐप से ब्लैकमेलिंग करने वाले अंतर्राज्यीय साइबर गिरोह का किया पर्दाफाश, यूपी से गिरफ्तारी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजगढ़ Published by: राजगढ़ ब्यूरो Updated Wed, 10 Jun 2026 09:05 PM IST
विज्ञापन
सार

राजगढ़ पुलिस ने फर्जी लोन ऐप के जरिए लोगों का डेटा चुराकर ब्लैकमेल करने वाले अंतर्राज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया। अमेठी से चार आरोपी गिरफ्तार हुए। जांच में 30 लाख रुपये के संदिग्ध लेनदेन मिले। ठगी की रकम को क्रिप्टोकरेंसी में बदला जाता था।

Blackmailing using fake loan app exposed in Rajgarh, four accused arrested from Amethi
फर्जी लोन एप से ठगी करनेवाली अंतर्राज्यीय गैंग अमेठी से गिरफ्तार
विज्ञापन

विस्तार

राजगढ़ पुलिस ने फर्जी लोन ऐप के जरिए लोगों की निजी जानकारी चुराकर उन्हें ब्लैकमेल करने वाले एक बड़े अंतर्राज्यीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के अमेठी से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बुधवार को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेसवार्ता में पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपियों के बैंक खातों में करीब 30 लाख रुपये के संदिग्ध लेनदेन मिले हैं।

जांच में सामने आया कि गिरोह सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से फर्जी लोन ऐप का प्रचार करता था। कम ब्याज दर और तत्काल लोन उपलब्ध कराने का लालच देकर लोगों को ऐप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया जाता था। ऐप इंस्टॉल होते ही आरोपी पीड़ितों के मोबाइल की कॉन्टैक्ट लिस्ट, गैलरी और अन्य डेटा तक पहुंच हासिल कर लेते थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

इसके बाद आरोपियों द्वारा पीड़ितों की तस्वीरों को एडिट कर आपत्तिजनक फोटो तैयार की जाती थीं। फिर खुद को रिकवरी एजेंट बताकर व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से पीड़ितों को धमकाया जाता था कि यदि कथित लोन राशि का भुगतान नहीं किया गया तो उनकी तस्वीरें परिवार और रिश्तेदारों को भेज दी जाएंगी। बदनामी के डर से कई लोग आरोपियों द्वारा बताए गए यूपीआई खातों में रकम ट्रांसफर कर देते थे।

विज्ञापन

मामले का खुलासा तब हुआ जब 2 जून को राजगढ़ निवासी एक युवक ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने बताया कि उसकी तस्वीर से छेड़छाड़ कर उसे रिश्तेदारों को भेजने की धमकी दी गई, जिसके चलते उसने 28 हजार रुपये विभिन्न खातों में जमा कर दिए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने साइबर फ्रॉड, ब्लैकमेलिंग और आईटी एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।


पढ़ें: एम्स की सीलबंद पीएम रिपोर्ट सीबीआई को मिली, अब सुप्रीम कोर्ट तय करेगा जांच की दिशा; जानें

साइबर सेल की तकनीकी जांच के दौरान बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की पड़ताल से सुराग उत्तर प्रदेश के अमेठी तक पहुंचे। इसके बाद पुलिस टीम ने दबिश देकर मोहम्मद आकीब खान (22), इस्माइल (28), मोहम्मद इल्तिफात (28) और अरमान हुसैन को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि ठगी से प्राप्त रकम को वे बाइनेंस प्लेटफॉर्म के माध्यम से यूएसडीटी (USDT) क्रिप्टोकरेंसी में परिवर्तित कर देते थे, जिससे पैसों की ट्रेसिंग करना मुश्किल हो जाता था। पुलिस को इनके खातों में लगभग 30 लाख रुपये के संदिग्ध ट्रांजैक्शन मिले हैं। आशंका है कि गिरोह ने कई राज्यों में सैकड़ों लोगों को अपना शिकार बनाया है।

एसपी अमित तोलानी के अनुसार आरोपियों के मोबाइल फोन, बैंक खातों और सोशल मीडिया अकाउंट्स की गहन जांच की जा रही है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और फर्जी ऐप विकसित करने वाले तकनीकी विशेषज्ञों की भी तलाश जारी है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक या ऐप को डाउनलोड न करें तथा लोन के लिए केवल आरबीआई से मान्यता प्राप्त बैंकों और एनबीएफसी संस्थाओं से ही संपर्क करें। यदि कोई ऐप कॉन्टैक्ट, गैलरी या कैमरा का एक्सेस मांगे तो सतर्क रहें। साइबर अपराध की शिकायत 1930 हेल्पलाइन या नजदीकी थाने में दर्ज कराई जा सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed