Rajgarh News: कातिल सांड नगर परिषद की गिरफ्त में, पहले पेड़ से बांधा फिर लगाया बेहोशी का इंजेक्शन
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर नगर में लोगों पर हमला करने वाले आवारा सांड के नगर पालिका के कर्मचारियों ने स्थानीय लोगों की मदद से पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया है।
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मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशुओं की दुर्दशा धीरे-धीरे बिगड़ती जा रही है। खराब खान-पान के चलते वे अपना मानसिक संतुलन भी खो बैठे हैं, जिसके एक नहीं कई उदाहरण देखने को मिल जाएंगे। ऐसा ही एक मामला खिलचीपुर नगर में सामने आया है, जहां आवारा सांड के हमले से कई लोग घायल हुए। वहीं, सांड के हमले से आई चोट के कारण एक व्यक्ति को अपनी जान भी गंवानी पड़ी, जिसे नगर परिषद की टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से पकड़ा और पशु चिकित्सक की मदद से बेहोशी का इंजेक्शन देकर सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया गया।
जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला राजगढ़ जिले के खिलचीपुर नगर का है। जहां लगभग आठ माह से एक सांड स्थानीय लोगों पर हमला कर रहा था और देखते ही देखते उसने रौद्र रूप धारण कर लिया, जिसके हमले से जहां कई लोग घायल हुए। वहीं एक व्यक्ति की जान भी चली गई। सांड के हमले का बीते दिनों का एक सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें सांड एक व्यक्ति को अपने सींग से उछालकर हमला कर रहा है।
उक्त गंभीर मामले की सूचना स्थानीय समाजसेवी पवन जायसवाल के द्वारा स्थानीय प्रशासन को दी गई, जिसके पश्चात नगर परिषद की टीम एक्टिव हुई और स्थानीय लोगों की मदद से शुक्रवार की शाम को उक्त पागल आवारा सांड को रस्सी के सहारे पकड़कर पेड़ से बांध दिया गया और पशु चिकित्सक को मौके पर बुलाया गया। जिन्होंने पागल सांड को बेहोशी का इंजेक्शन लगाया, तब कहीं जाकर नगर परिषद की टीम सांड को शहर से बाहर सुरक्षित स्थान पर छोड़कर आई।
गौरतलब है कि राजगढ़ जिले में आवारा पशुओं का सड़कों पर घूमने और लोगों पर हमला करने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इसके पूर्व में भी कई मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन आवारा पशुओं को संरक्षण देने की बजाय उन्हें खुले तौर पर सड़कों पर छोड़ दिया जाता है और वे दूषित भोजन या अन्य वस्तुए खाने के कारण अपना मानसिक संतुलन खो बैठते हैं और लोगों पर हमला करना शुरू कर देते हैं। ऐसे में राजगढ़ जिले में सड़कों पर घूमने वाले आवारा गोवंश को संरक्षण की अधिक आवश्यकता है, ताकि वे न किसी हादसे का शिकार हो और न ही किसी हादसे का कारण बने, जैसे की उक्त मामले में हुआ है।
