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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   The leopard that escaped from Kuno reached Rajgarh, villagers panicked after being seen in Kalipeeth

MP: नामीबिया से आया चीता कूनो से निकलकर राजगढ़ तक पहुंचा, रेस्क्यू टीम अलर्ट; बढ़ाई गई निगरानी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजगढ़ Published by: राजगढ़ ब्यूरो Updated Fri, 01 May 2026 05:15 PM IST
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सार

कूनो नेशनल पार्क का चीता राजगढ़ के कालीपीठ क्षेत्र में दिखा, ग्रामीणों में दहशत फैली। चीता पेड़ के नीचे बैठा मिला। वन विभाग व कूनो की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। यह 2022 में नामीबिया से लाया गया चीता है, जिसके गले में ट्रैकिंग डिवाइस लगी है।

The leopard that escaped from Kuno reached Rajgarh, villagers panicked after being seen in Kalipeeth
कूनो का चीता पहुंचा राजगढ़ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

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कूनो नेशनल पार्क से निकला एक चीता अब राजगढ़ जिला के कालीपीठ क्षेत्र में पहुंच गया है। शुक्रवार सुबह ग्रामीण इलाके में चीते के दिखने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। खेतों के पास पेड़ की छांव में बैठे चीते को देखकर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने मोबाइल से उसकी तस्वीरें और वीडियो भी बनाए। सूचना मिलते ही वन विभाग और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह वही चीता है, जिसे एक दिन पहले मनोहरथाना क्षेत्र में देखा गया था। लगातार मूवमेंट करते हुए वह अब कालीपीठ के ग्रामीण इलाके तक पहुंच गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक सुबह करीब 8 बजे चीता खेतों के पास घूमता नजर आया और कुछ देर बाद एक पेड़ के नीचे बैठ गया। दहशत के कारण किसान काम छोड़कर घरों की ओर लौट गए। आसपास के गांवों में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है।

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चीते की लोकेशन मिलते ही कूनो नेशनल पार्क से विशेष रेस्क्यू टीम राजगढ़ रवाना की गई। टीम अत्याधुनिक उपकरणों और ट्रैंकुलाइज़र गन के साथ मौके पर मौजूद है। अधिकारियों ने बताया कि चीते के गले में लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगी है, जिससे उसकी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल चीता शांत है और पेड़ की छाया में बैठा हुआ है। टीम उसे सुरक्षित तरीके से वापस कूनो ले जाने की योजना पर काम कर रही है।


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जानकारी के मुताबिक यह चीता वर्ष 2022 में ‘प्रोजेक्ट चीता’ के तहत नामीबिया से लाए गए चीतों में से एक है। भारत में चीतों को पुनर्स्थापित करने की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत उसे खुले जंगल में छोड़ा गया था। बीते कुछ महीनों में यह चीता कूनो की सीमा से बाहर निकलकर शिवपुरी, झालावाड़ होते हुए अब राजगढ़ तक पहुंच गया है।

वन विभाग ने कालीपीठ क्षेत्र के ग्रामीणों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और चीते के पास जाने से बचें। भीड़ न लगाएं और अफवाहों पर ध्यान न दें। गांव-गांव मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया गया है। बच्चों और मवेशियों को खुले में न छोड़ने की सलाह दी गई है। वन अमला लगातार क्षेत्र में गश्त कर रहा है।

डीएफओ के अनुसार चीता पूरी तरह स्वस्थ है और उसकी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। रेस्क्यू टीम मौके पर मौजूद है और हालात नियंत्रण में हैं। प्रयास है कि बिना किसी नुकसान के उसे सुरक्षित पकड़कर वापस कूनो नेशनल पार्क पहुंचाया जाए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वन्य प्राणी को नुकसान पहुंचाना कानूनन अपराध है। ग्रामीणों के सहयोग से जल्द ही चीते को उसके प्राकृतिक आवास में वापस भेजा जाएगा।

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