Ratlam News: मकान कब्जे के विवाद में 70 वर्षीय महिला की हत्या, 12 घंटे में बेटा-मां और दो बहनें गिरफ्तार
रतलाम के बड़ावदा थाना क्षेत्र में पुराने मकान पर कब्जे के विवाद में चार लोगों ने 70 वर्षीय कमलाबाई की मारपीट कर हत्या कर दी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक, उसकी मां और दो बहनों को 12 घंटे में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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रतलाम जिले के बड़ावदा थाना क्षेत्र के ग्राम लसुड़िया जंगली में पुराने मकान पर कब्जे के विवाद को लेकर चार लोगों ने 70 वर्षीय महिला के साथ मारपीट कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर वारदात के 12 घंटे के भीतर आरोपी युवक, उसकी मां और दो बहनों को गिरफ्तार कर लिया। चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, मृतका कमलाबाई पति नंदूलाल निवासी ग्राम लसुड़िया जंगली का एक पुराना खंडहरनुमा मकान है। आरोपी भागवंता बाई पति शंकरलाल और उसके परिजन इस मकान पर कब्जा करना चाहते थे। आरोपियों का दावा था कि उन्होंने यह मकान कमलाबाई के पति से वर्षों पहले खरीदा था, जबकि कमलाबाई का कहना था कि उनके पति ने मकान नहीं बेचा था। आरोपियों के पास मकान खरीदने संबंधी कोई दस्तावेज या रजिस्ट्री भी नहीं थी।
मकान पर कब्जे को लेकर दोनों पक्षों के बीच 17 जुलाई 2026 को विवाद हो गया। विवाद के दौरान आरोपी भागवंता बाई, उसका पुत्र 26 वर्षीय अजय, छोटी पुत्री 19 वर्षीय साईता और बड़ी पुत्री 22 वर्षीय मंजू पति गोपाल परमार निवासी ग्राम खोखरा हाल मुकाम लसुड़िया जंगली ने कमलाबाई और उनकी नातिन रवीन व काजल के साथ लात-घूंसों और थप्पड़ों से मारपीट की।
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मारपीट के दौरान कमलाबाई गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश होकर जमीन पर गिर गईं। परिजन उन्हें उपचार के लिए जावरा के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया और आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1), 296(अ), 115(2) और 3(5) के तहत हत्या, मारपीट और अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया।
12 घंटे में पकड़े गए आरोपी
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (रतलाम ग्रामीण) विवेक कुमार लाला और जावरा प्रभारी एसडीओपी युवराज सिंह चौहान के मार्गदर्शन में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई।
घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे। बड़ावदा थाना प्रभारी संतोष चौरसिया के नेतृत्व में पुलिस टीम ने साइबर सेल की मदद से दबिश देकर मुख्य आरोपी अजय को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद उसकी मां और दोनों बहनों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस पूछताछ में चारों आरोपियों ने घटना में शामिल होना स्वीकार किया। पुलिस ने चारों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर 18 जुलाई 2026 को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
