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BMC काउंसिल में हंगामा: स्लॉटर हाउस से गोमांस तक गरमाया मुद्दा, आदमपुर लैंडफिल टेंडर कमिश्नर लेंगे निर्णय

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Dinesh Sharma Updated Mon, 23 Mar 2026 03:48 PM IST
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सार

नगर निगम की बजट बैठक हंगामे में बदल गई। स्लॉटर हाउस और कथित गोमांस मुद्दे पर सत्ता-विपक्ष में तीखा टकराव हुआ। महापौर व पार्षदों में बहस, चाय-नाश्ते पर विवाद और आदमपुर लैंडफिल टेंडर पर सियासी खींचतान हुई। अंततः कमिश्नर को निर्णय का अधिकार सौंपा गया।

Ruckus in BMC Council: Issues ranging from slaughter house to beef heat up
भोपाल नगर निगम में हंगामा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

नगर निगम की बजट काउंसिल मीटिंग वंदे मातरम के साथ शुरू हुई, लेकिन शुरुआत से ही माहौल तनावपूर्ण रहा और बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। सबसे पहले प्रश्नकाल में ही स्लॉटर हाउस और कथित गोमांस का मुद्दा गरमा गया, जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए।
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स्लॉटर हाउस पर तीखा टकराव, FIR की मांग
नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने पहला सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के बावजूद स्लॉटर हाउस में कथित गोहत्या मामले में असलम चमड़ा समेत अन्य जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की। इस पर एमआईसी सदस्य आरके सिंह बघेल ने जवाब दिया, जबकि चेयरपर्सन ने स्पष्ट किया कि असलम चमड़ा के खिलाफ NSA के तहत कार्रवाई की जा चुकी है। बावजूद इसके, अधिकारियों पर कार्रवाई न होने को लेकर विपक्ष के साथ-साथ बीजेपी पार्षदों ने भी नाराजगी जताई।
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मेयर और विपक्ष के बीच नोंक-झोंक
महापौर मालती राय ने कहा कि स्लॉटर हाउस का टेंडर पिछली सरकार के कार्यकाल में जारी हुआ था और सभी प्रक्रियाएं नियमों के तहत पूरी की गई थीं। गोमांस के मुद्दे पर महापौर और नेता प्रतिपक्ष के बीच तीखी बहस हुई, जिससे सदन का माहौल और गरमा गया। भाजपा के वरिष्ठ पार्षद सुरेंद्र बाडिका और विलास राव घड़गे ने भी इस मामले में कड़ा विरोध जताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।

चाय-नाश्ते पर भी छिड़ी बहस
स्लॉटर हाउस विवाद के बीच बैठक में चाय-नाश्ते को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया। नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी के "मैं निगम की चाय तक नहीं पीती' बयान पर एमआईसी सदस्य सुषमा बाविसा ने पलटवार करते हुए कहा कि यहां खाना खाया है, झूठ क्यों बोल रही हैं? इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी नोंक-झोंक देखने को मिली।

गाय को राष्ट्रीय पशु बनाने का प्रस्ताव
हंगामे के बीच कांग्रेस पार्षदों ने निगम परिषद से राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजकर गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाने की बात कही। 

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आदमपुर लैंडफिल टेंडर पर सियासी खींचतान
प्रश्नकाल के बाद एजेंडा पर चर्चा शुरू हुई, जहां आदमपुर लैंडफिल टेंडर का मुद्दा सामने आया। इस प्रस्ताव को किसी भी पार्षद का समर्थन नहीं मिला। एमआईसी सदस्य रवींद्र यति ने खुलासा किया कि पिछली एमआईसी बैठक में तय हुआ था कि इस टेंडर को समर्थन नहीं दिया जाएगा और इसे बजट काउंसिल में टाल दिया जाए। इसके बावजूद निगम अधिकारियों द्वारा कथित रूप से फैसले को बदलते हुए एमआईसी ने टेंडर की सिफारिश की लिख दिया गया।

कमिश्नर को सौंपा अंतिम फैसला
इस विवाद के बाद चेयरमैन ने आधिकारिक रूप से निगम कमिश्नर जैन को टेंडर पर अंतिम निर्णय लेने के लिए अधिकृत कर दिया। साथ ही, एमआईसी के फैसले को पलटने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।

 
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