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Sagar News: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर 6 साल की प्रकृति बनी मिसाल, 95 वर्षीय गुरु के साथ मिलकर कराया योगाभ्यास
Sat, 20 Jun 2026 07:04 PM IST
सागर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
Published by: सागर ब्यूरो
Updated Sat, 20 Jun 2026 07:04 PM IST
सार
महज 6 साल की उम्र में 285 दिनों से लगातार योगाभ्यास कर रही प्रकृति तिवारी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आकर्षण का केंद्र रहीं। 95 वर्षीय योग गुरु विष्णु आर्य के साथ मंच साझा करते हुए प्रकृति ने सैकड़ों लोगों को योगाभ्यास कराया।
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नन्ही योग साधिका प्रकृति तिवारी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में 6 वर्षीय प्रकृति तिवारी ने अपनी प्रतिभा, अनुशासन और योग के प्रति समर्पण से सभी का ध्यान आकर्षित किया। प्रकृति ने 95 वर्षीय वरिष्ठ योग गुरु विष्णु आर्य के साथ मंच साझा करते हुए सैकड़ों लोगों को योगाभ्यास कराया और यह संदेश दिया कि योग की शुरुआत किसी भी उम्र में की जा सकती है।
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गौरतलब है कि 6 साल की प्रकृति तिवारी पिछले 285 दिनों से लगातार बिना एक भी दिन का विराम लिए योगाभ्यास कर रही हैं। वह प्रतिदिन कम से कम 12 सेट सूर्य नमस्कार (लगभग 144 चरण) और 10 अन्य महत्वपूर्ण योगासन नियमित रूप से करती हैं। विशेष बात यह है कि कई अवसरों पर उन्होंने 30, 40 और यहां तक कि 45 सेट सूर्य नमस्कार कर अपनी अद्भुत इच्छाशक्ति और समर्पण का परिचय दिया है।
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योग, शिक्षा और अनुशासित जीवनशैली का संतुलन
डिजिटल युग में जहां अधिकांश बच्चे मोबाइल और जंक फूड की ओर आकर्षित हो रहे हैं, वहीं प्रकृति एक अनुशासित और स्वस्थ जीवनशैली का उदाहरण पेश कर रही हैं। वह जंक फूड, बिस्किट, टॉफी, नमकीन और मोबाइल स्क्रीन से पूरी तरह दूरी बनाए रखती हैं। नियमित योगाभ्यास के कारण उनका ऊर्जा स्तर उत्कृष्ट बना रहता है। विद्यालय में उनकी 100 प्रतिशत उपस्थिति रही है, जिसके लिए उन्हें बेस्ट अटेंडेंस अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है।
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पिता से मिली योग की प्रेरणा
प्रकृति के पिता महेश तिवारी स्वयं एक अनुभवी योग प्रशिक्षक हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने जिला प्रशासन के निर्देशन में कोविड सेंटरों में मरीजों को योग प्रशिक्षण दिया था। महेश तिवारी बताते हैं कि जब उनकी पत्नी साक्षी तिवारी गंभीर रूप से संक्रमित होकर ऑक्सीजन सपोर्ट पर पहुंच गई थीं, तब नियमित प्राणायाम, चिकित्सकीय उपचार और सकारात्मक सोच के बल पर उन्होंने बीमारी को मात दी। इस प्रेरणादायक संघर्ष को जिला प्रशासन ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी साझा किया था।
योग केवल व्यायाम नहीं, जीवन जीने की कला
महेश तिवारी का मानना है कि यदि बच्चों को बचपन से ही योग, संतुलित आहार और अच्छे संस्कारों से जोड़ा जाए, तो वे शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से अधिक सक्षम बन सकते हैं। उनका कहना है कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि एक सकारात्मक और संतुलित जीवनशैली है।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर 95 वर्षीय योग गुरु और 6 वर्षीय बालिका का एक साथ मंच पर योग प्रदर्शन करना कार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायक क्षण रहा। प्रकृति तिवारी का सपना है कि वह योग के माध्यम से सागर और मध्य प्रदेश को राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएं।
