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Sagar News: मौत के बाद भी दुनिया देखेंगी लक्ष्मी वाधवानी, परिजनों ने नेत्रदान कर पेश की मानवता की मिसाल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर Published by: सागर ब्यूरो Updated Wed, 18 Mar 2026 05:13 PM IST
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सार

सागर में 58 वर्षीय लक्ष्मी वाधवानी के निधन के बाद उनके बच्चों ने उनकी इच्छा अनुसार नेत्रदान किया। बीएमसी टीम ने समय रहते कॉर्निया सुरक्षित किए, जिससे दो दृष्टिहीनों को रोशनी मिलेगी। दुख की घड़ी में परिवार का यह निर्णय समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बना है। 

Lakshmi will see world even after her death; her family members set an example of humanity by donating eyes
स्वर्गीय लक्ष्मी बाधवानी
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विस्तार

बुंदेलखंड के सागर जिले में एक परिवार ने शोक की घड़ी में साहस और परोपकार का ऐसा उदाहरण पेश किया है, जिसकी हर तरफ सराहना हो रही है। सुभाष नगर निवासी 58 वर्षीय लक्ष्मी वाधवानी के निधन के बाद उनके बच्चों ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए नेत्रदान किया। इस दान से अब दो दृष्टिहीन व्यक्तियों के जीवन का अंधेरा दूर होगा और वे दुनिया देख सकेंगे।

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हार्ट अटैक से हुआ था निधन
जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर लक्ष्मी वाधवानी का हृदय गति रुकने (हार्ट अटैक) से आकस्मिक निधन हो गया था। अचानक हुई इस दुखद घटना से परिवार स्तब्ध था, लेकिन दुख के इन क्षणों में भी दिवंगत महिला के पुत्र विजय और पुत्री संगीता ने अपनी माता के संकल्प को याद रखा। लक्ष्मी वाधवानी ने अपने जीवनकाल में ही मरणोपरांत नेत्रदान करने की इच्छा जताई थी।
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BMC की टीम ने घर पहुंचकर सुरक्षित कीं आंखें
परिजनों की सूचना पर बुंदेलखंड चिकित्सा महाविद्यालय (BMC) के डीन डॉ. पीएस ठाकुर ने तत्काल आई बैंक की टीम को सक्रिय किया। आई बैंक इंचार्ज डॉ. सारिका चौहान के नेतृत्व में मेडिकल टीम दिवंगत के निवास पर पहुंची और पूरी एहतियात के साथ कॉर्निया (नेत्र की पुतली) सुरक्षित की। डॉ. सारिका चौहान ने बताया कि नेत्रदान मृत्यु के 4 से 6 घंटे के भीतर करना अनिवार्य होता है। वाधवानी परिवार की सजगता के कारण ही समय रहते यह प्रक्रिया पूरी हो सकी।

समाज के लिए प्रेरणा बना वाधवानी परिवार
बीएमसी के मीडिया प्रभारी डॉ. सौरभ जैन ने कहा कि ऐसे समय में जब लोग अंतिम संस्कार की तैयारियों में व्यस्त होते हैं, दूसरों की भलाई के बारे में सोचना वास्तव में वंदनीय है। डीन डॉ. ठाकुर ने इस साहसी निर्णय की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक महान संदेश बताया है।

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