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MP Board Result: मां ने घरों में खाना बनाकर बेटियों को दी उड़ान, 10वीं में दोनों बहनों का शानदार प्रदर्शन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
Published by: सागर ब्यूरो
Updated Thu, 16 Apr 2026 11:00 AM IST
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सार
सागर की अनु और शिवा मिश्रा ने आर्थिक तंगी के बावजूद 10वीं में 90% से अधिक अंक हासिल किए। बिना कोचिंग, रोज 6 घंटे पढ़ाई और परिवार के संघर्ष ने उन्हें सफलता दिलाई। अनु पायलट और शिवा फैशन डिजाइनर बनना चाहती हैं।
बहिनें अनु मिश्रा शिवा मिश्रा
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विस्तार
आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों के बावजूद सागर की दो बेटियों ने मेहनत और लगन से सफलता की नई मिसाल पेश की है। शासकीय सांदीपनी विद्यालय में अध्ययनरत सगी बहनें अनु मिश्रा और शिवा मिश्रा ने कक्षा 10वीं की परीक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि के पीछे संघर्ष, अनुशासन और परिवार का त्याग छुपा हुआ है।
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दोनों बहनों ने बिना किसी कोचिंग के यह सफलता हासिल की है। अनु और शिवा बताती हैं कि उन्होंने नियमित रूप से रोजाना करीब 6 घंटे पढ़ाई की। उन्होंने हर विषय के लिए एक-एक घंटे का समय निर्धारित किया था और उसी के अनुसार पढ़ाई की। साथ ही उन्होंने मोबाइल फोन से दूरी बनाकर पूरी तरह अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित किया।
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इनकी सफलता की कहानी इसलिए भी खास है, क्योंकि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। पिता एक सेल्समैन हैं, जिनकी मासिक आय मात्र 6 हजार रुपए है। परिवार मूल रूप से देवरी का रहने वाला है, लेकिन वर्तमान में सागर के इंदिरा वार्ड में किराए के मकान में रह रहा है।
परिवार में तीन बेटियां और एक छोटा बेटा है, जो कक्षा 8वीं में पढ़ाई कर रहा है।
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बेटियों की पढ़ाई और परिवार के खर्च को पूरा करने के लिए मां दीप्ति मिश्रा लोगों के घरों में खाना बनाने का काम करती हैं। वह बताती हैं कि जब वह काम पर जाती हैं, तब घर की पूरी जिम्मेदारी बेटियां संभालती हैं। वे घर का काम भी करती हैं और पढ़ाई में भी कोई कमी नहीं आने देतीं। मां के संघर्ष और त्याग ने ही बेटियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
दीप्ति कहती हैं कि उन्होंने हमेशा अपनी बेटियों को पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया और उन्हें कभी यह महसूस नहीं होने दिया कि संसाधनों की कमी उनके सपनों के रास्ते में बाधा बन सकती है। बेटियों ने भी मां की मेहनत को समझते हुए पूरी लगन से पढ़ाई की और आज उसका परिणाम सबके सामने है।
भविष्य को लेकर दोनों बहनों के बड़े सपने हैं। अनु मिश्रा आगे गणित विषय लेकर पढ़ाई करना चाहती हैं और उनका सपना पायलट बनने का है। वहीं शिवा मिश्रा फैशन डिजाइनिंग के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहती हैं। विद्यालय के शिक्षकों ने भी दोनों छात्राओं की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि अनु और शिवा शुरू से ही मेहनती और अनुशासित छात्राएं रही हैं। उनकी सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
बहिनें अनु मिश्रा शिवा मिश्रा


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