सागर कार अग्निकांड: डॉक्टर पति ने ही रची थी पत्नी की हत्या की साजिश, अवैध संबंधों के चलते बुना मौत का जाल
सागर के कार अग्निकांड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। डॉक्टर नीलेश पटेल ने अवैध संबंधों के चलते पत्नी सीमा की गला घोंटकर हत्या की और सबूत मिटाने कार में आग लगाकर हादसा दर्शाया। पुलिस ने डॉक्टर व दो सहयोगियों को गिरफ्तार कर हत्या व षड्यंत्र का मामला दर्ज किया।
सागर के कार अग्निकांड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। डॉक्टर नीलेश पटेल ने अवैध संबंधों के चलते पत्नी सीमा की गला घोंटकर हत्या की और सबूत मिटाने कार में आग लगाकर हादसा दर्शाया। पुलिस ने डॉक्टर व दो सहयोगियों को गिरफ्तार कर हत्या व षड्यंत्र का मामला दर्ज किया।
विस्तार
सागर जिले में हुए बहुचर्चित कार अग्निकांड मामले में पुलिस ने एक ऐसा चौंकाने वाला खुलासा किया है, जिसने रिश्तों को तार-तार कर दिया है। जिसे पहले एक दर्दनाक सड़क हादसा और सीएनजी किट में आग लगने का मामला समझा जा रहा था, वह दरअसल एक सोची-समझी और बर्बर हत्या निकली। इस सनसनीखेज वारदात का मुख्य सूत्रधार कोई और नहीं, बल्कि मृतका का पति डॉ. नीलेश पटेल ही निकला। पुलिस ने डॉक्टर समेत उसके दो सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया है।
हादसे की आड़ में छिपा था खौफनाक सच
पुलिस अधीक्षक के कुशल निर्देशन में गठित विशेष टीम ने जब इस मामले की कड़ियां जोड़ना शुरू कीं, तो परत दर परत सच सामने आने लगा। फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो गया कि मृतका सीमा की मौत कार में जलने से नहीं, बल्कि गला घोंटने के कारण हुई थी। आरोपी डॉ. नीलेश ने पुलिस की कड़ाई के आगे घुटने टेक दिए और अपना जुर्म कबूल कर लिया।
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अवैध संबंध और घरेलू कलह बनी हत्या की वजह
पूछताछ के दौरान आरोपी डॉ. नीलेश ने बताया कि उसका अपने ही पड़ोस में रहने वाली 25 वर्षीय युवती के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। जब इसकी भनक उसकी पत्नी सीमा को लगी, तो घर में रोज-रोज विवाद होने लगे। इसी कलह से पीछा छुड़ाने और अपने रास्ते के कांटे को हटाने के लिए डॉक्टर ने उसे मौत के घाट उतारने की योजना बनाई।
साजिश की पूरी इनसाइड स्टोरी
बता दें कि शुक्रवार की रात आरोपी ने पहले सीमा का गला दबाकर उसकी हत्या की। हत्या के तुरंत बाद आरोपी ने ससुराल पक्ष को फोन कर बताया कि सीमा को हार्ट अटैक आया है और वह उसे अस्पताल ले जा रहा है। सबूत मिटाने के लिए उसने अपने क्लीनिक के दो कर्मचारियों को साथ लिया। कार को एक सुनसान जगह ले जाकर उसमें ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी, ताकि इसे हादसा बताया जा सके। पुलिस को बयान दिया कि कार का एक्सीडेंट हुआ और सीएनजी किट फटने से आग लग गई।
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फॉरेंसिक जांच ने खोल दी पोल
पुलिस को शुरुआत से ही डॉक्टर की कहानी पर संदेह था। मौके के मुआयने में पाया गया कि कार के अन्य हिस्सों की तुलना में मृतका का शव बहुत अधिक जला हुआ था, जो सामान्य अग्निकांड में संभव नहीं था। घटनास्थल की विसंगतियों और तकनीकी साक्ष्यों ने आरोपी के दावों की हवा निकाल दी।
कानूनी शिकंजा कसा
पुलिस ने डॉ. नीलेश पटेल और उसके दोनों सहयोगियों के खिलाफ हत्या साक्ष्य मिटाने और आपराधिक षड्यंत्र की संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और मामले की विस्तृत विवेचना जारी है।

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