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Satna News: सतना में नवजात की मौत के बाद बवाल, एक्सपायरी इंजेक्शन देने का आरोप; एफआईआर की मांग
Tue, 14 Jul 2026 06:31 PM IST
सतना ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना
Published by: सतना ब्यूरो
Updated Tue, 14 Jul 2026 06:31 PM IST
सार
सीएसपी देवेंद्र सिंह ने बताया कि परिजनों ने एक्सपायरी दवा या इंजेक्शन लगाने से नवजात की मौत होने की शिकायत की है। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सतना शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान तीन दिन के नवजात की मौत के बाद जमकर हंगामा हो गया। मृतक बच्चे के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने और एक्सपायरी इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। परिजन दोषी डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए सिविल लाइन थाने पहुंचे और एफआईआर दर्ज करने की मांग की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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चित्रकूट में हुआ था जन्म, तबीयत बिगड़ने पर सतना लाया गया
जानकारी के अनुसार टिकुरिया टोला निवासी अनिल गुप्ता की पत्नी ने 12 जुलाई को चित्रकूट अस्पताल में सामान्य प्रसव के जरिए बेटे को जन्म दिया था। जन्म के बाद नवजात की तबीयत खराब होने लगी, जिसके चलते परिजन उसे बेहतर इलाज के लिए सतना स्थित सार्थक हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। अस्पताल में भर्ती करने के बाद चिकित्सकों द्वारा उपचार शुरू किया गया, लेकिन इलाज के दौरान तीन दिन के मासूम की मौत हो गई। बच्चे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया।
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परिजनों का आरोप- एक्सपायरी इंजेक्शन लगाने से गई जान
मृतक के पिता अनिल गुप्ता का आरोप है कि अस्पताल में उनके बेटे को एक्सपायरी इंजेक्शन लगाया गया, जिससे उसकी हालत और गंभीर हो गई और अंततः उसकी मौत हो गई। परिजनों का यह भी कहना है कि अस्पताल में बड़ी संख्या में एक्सपायरी दवाइयां रखी हुई थीं। उनका आरोप है कि अस्पताल की लापरवाही और अनियमितताओं के कारण उनके मासूम की जान चली गई हालांकि, इन आरोपों की अभी तक किसी सरकारी एजेंसी या जांच में पुष्टि नहीं हुई है।
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अस्पताल के दस्तावेजों पर भी उठाए सवाल
परिजनों ने अस्पताल के रिकॉर्ड में भी गंभीर गड़बड़ी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जिस नवजात लड़के का इलाज किया जा रहा था, उसे अस्पताल के पर्चे में एक माह की बच्ची के रूप में दर्ज किया गया। परिजनों का आरोप है कि इस तरह की लापरवाही अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
अस्पताल में हंगामा, पुलिस ने संभाला मोर्चा
नवजात की मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद परिजन सिविल लाइन थाने पहुंचे, जहां उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
जांच के बाद होगी कार्रवाई: सीएसपी
सीएसपी देवेंद्र सिंह ने बताया कि परिजनों ने एक्सपायरी दवा या इंजेक्शन लगाने से नवजात की मौत होने की शिकायत की है। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान मेडिकल रिकॉर्ड, अस्पताल के दस्तावेज और अन्य तथ्यों की पड़ताल की जाएगी यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
यह मामला स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े कर रहा है। हालांकि, एक्सपायरी इंजेक्शन लगाए जाने और इलाज में लापरवाही के आरोप फिलहाल परिजनों के हैं। मामले की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने और संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
