Sehore News: सीहोर में 1.25 करोड़ के कथित नकली कीटनाशक जब्त, कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई
सीहोर और भैरूंदा में कृषि विभाग ने कथित नकली कीटनाशक बनाने वाले नेटवर्क पर छापेमारी कर करीब 1.25 करोड़ रुपये के उत्पाद, रसायन, पैकिंग सामग्री और मशीनरी जब्त की। मामले में एफआईआर की प्रक्रिया जारी है और पुलिस नेटवर्क की जांच कर रही है।
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सीहोर जिले में किसानों को कथित रूप से नकली कीटनाशक बेचकर उनकी फसलों और मेहनत को नुकसान पहुंचाने वाले नेटवर्क पर कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। कृषि विभाग ने पाइरेसी डिफेंस फोर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और संबंधित कंपनियों की टीम के साथ सीहोर और भैरूंदा (नसरुल्लागंज) क्षेत्र में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान नामी कृषि कंपनियों के ब्रांड के कथित नकली कीटनाशक, रसायन, पैकिंग सामग्री और पैकेजिंग मशीनरी बरामद की गई। जब्त सामग्री की प्रारंभिक अनुमानित बाजार कीमत करीब 1.25 करोड़ रुपये बताई गई है।
मार्केट सर्वे से खुला नेटवर्क
पाइरेसी डिफेंस फोर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर विजय पंडित ने बताया कि बाजार में क्लाइंट कंपनियों के उत्पादों की नकली बिक्री की सूचना मिलने के बाद सर्वे कराया गया। जांच में संदिग्ध उत्पाद नकली पाए गए, जिसके बाद उनके निर्माण और सप्लाई से जुड़े ठिकानों की पहचान कर कार्रवाई की गई।
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सीहोर और भैरूंदा में छापेमारी
कृषि विभाग की टीम ने 13 और 14 जुलाई को सीहोर की श्रीराम कॉलोनी और भैरूंदा (नसरुल्लागंज) में छापेमारी की। श्रीराम कॉलोनी स्थित मुकेश कुशवाहा के घर और गोदाम से भारी मात्रा में कथित नकली कीटनाशक बरामद किए गए। यहां चार महिलाएं कथित रूप से नकली कीटनाशकों की पैकिंग करती मिलीं। वहीं नसरुल्लागंज में सुरेंद्र पंवार के घर पर भी कार्रवाई की गई, जहां घर की महिलाएं कथित रूप से नकली कीटनाशकों की पैकिंग करती मिलीं।
नामी कंपनियों के ब्रांड की पैकिंग
कार्रवाई के दौरान इंडोफिल इंडस्ट्रीज का M-45, बेयर क्रॉप साइंस के नेटिवो और एंट्राकोल, क्रिस्टल क्रॉप प्रोटेक्शन का राइस एक्ट तथा इंसेक्टिसाइड्स इंडिया का ग्रीन लेबल नाम से कथित नकली उत्पाद, पैकिंग सामग्री और मशीनरी बरामद की गई।
एक आरोपी फरार, तलाश जारी
जांच के दौरान एक अज्ञात व्यक्ति मौके से फरार हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वह तैयार नकली उत्पादों को विभिन्न बाजारों में खपाने का काम करता था। पुलिस और संबंधित विभाग उसकी पहचान कर तलाश में जुटे हैं।
एफआईआर में देरी पर एसपी से मुलाकात
एफआईआर दर्ज होने में देरी को लेकर पाइरेसी डिफेंस फोर्स इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर विजय पंडित एसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से त्वरित कार्रवाई की मांग करते हुए आशंका जताई कि देरी का फायदा उठाकर आरोपी फरार हो सकते हैं या जब्त सामग्री से छेड़छाड़ की कोशिश कर सकते हैं।
कृषि विभाग ने दिए कार्रवाई के संकेत
सहायक संचालक कृषि अनिल कुमार जाट ने बताया कि मामला दो-तीन कंपनियों के कथित नकली उत्पादों से जुड़ा है। संबंधित कंपनियों की ओर से पुलिस थानों में एफआईआर के लिए आवेदन दिए गए हैं। एसडीओ स्तर से आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है और पुलिस तथा कृषि विभाग संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रहे हैं। नकली कीटनाशकों का कारोबार केवल कंपनियों के ब्रांड की नकल का मामला नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर किसानों की फसलों और उनकी आर्थिक स्थिति पर पड़ सकता है। अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि नकली उत्पाद कहां तैयार किए गए, किन माध्यमों से बाजार तक पहुंचे और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।
