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Bhopal: खरगे के कार्यक्रम स्थल के शुद्धिकरण पर भोपाल में युवा कांग्रेस का विरोध,संविधान लेकर बैठे कार्यकर्ता
Thu, 13 Aug 2026 06:37 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Thu, 13 Aug 2026 06:37 PM IST
सार
हल्द्वानी में खरगे के कार्यक्रम स्थल के कथित शुद्धिकरण के विरोध में भोपाल युवा कांग्रेस ने आंबेडकर प्रतिमा के पास धरना दिया। कार्यकर्ताओं ने संविधान हाथ में लेकर भाजपा-आरएसएस पर दलित विरोधी मानसिकता का आरोप लगाया और जिम्मेदार लोगों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
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यूथ कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम के बाद कथित तौर पर कार्यक्रम स्थल के शुद्धिकरण किए जाने के विरोध में भोपाल में युवा कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के पास धरना देकर भाजपा और आरएसएस के खिलाफ नारेबाजी की। युवा कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में संविधान की किताब और बांह पर काली पट्टी बांधकर धरने पर बैठे। प्रदर्शनकारियों ने कथित शुद्धिकरण की घटना को दलित समाज के अपमान से जोड़ते हुए भाजपा और आरएसएस के खिलाफ नारेबाजी की।
जाति के आधार पर भेदभाव शर्मनाक
युवा कांग्रेस भोपाल के जिला अध्यक्ष अमित खत्री ने कहा कि दलित समाज से आने वाले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम स्थल का शुद्धिकरण किया जाना बेहद आपत्तिजनक है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की जाति और सामाजिक पहचान के आधार पर किसी स्थान को अपवित्र मानना दलित विरोधी सोच को दर्शाता है।
करोड़ों दलितों के सम्मान का अपमान
खत्री ने कहा कि यह केवल मल्लिकार्जुन खरगे का अपमान नहीं, बल्कि देश के करोड़ों दलितों, वंचितों और समानता में विश्वास रखने वाले नागरिकों के सम्मान से जुड़ा मामला है। उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर दलित और पिछड़ा विरोधी मानसिकता रखने का आरोप लगाया। युवा कांग्रेस ने घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि संविधान समानता और सम्मान का अधिकार देता है, इसलिए जाति के आधार पर भेदभाव की मानसिकता स्वीकार नहीं की जा सकती।
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यह भी पढ़ें-6 दिन से नर्सिंग छात्रों का आंदोलन: हर तरीके से विरोध के बाद भी नहीं हुई सुनवाई, अब काउंसिल की निकाली अर्थी
यह है पूरा मामला
दरअसल आठ अगस्त को उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस की विजय शंखनाद रैली का आयोजन किया गया था।रामलीला मैदान में आयोजित उक्त रैली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे शामिल थे। रैली के दिन भी हल्द्वानी में काफी विवाद की स्थिति रही। रैली के दो दिन बाद 10 अगस्त को श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास नाम के संगठन ने रामलीला मैदान पहुंच हवन करने के साथ गंगाजल भी छिड़क डाला। संगठन का कहना था कि रामलीला मैदान सनातन से जुड़े कार्यक्रमों का स्थल है। इसकी पवित्रता को खंडित किया गया है। जिसके बाद कांग्रेस ने आरोप लगाया कि रैली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य शामिल थे जो दलित वर्ग से आते हैं। इसलिए रामलीला मैदान में शुद्धिकरण हवन कार्यक्रम आयोजित किया गया। खरगे ने इस मामले को राज्य सभा में भी उठाया जिसके बाद से कांग्रेस विरोध कर रही है।
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जाति के आधार पर भेदभाव शर्मनाक
युवा कांग्रेस भोपाल के जिला अध्यक्ष अमित खत्री ने कहा कि दलित समाज से आने वाले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम स्थल का शुद्धिकरण किया जाना बेहद आपत्तिजनक है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की जाति और सामाजिक पहचान के आधार पर किसी स्थान को अपवित्र मानना दलित विरोधी सोच को दर्शाता है।
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करोड़ों दलितों के सम्मान का अपमान
खत्री ने कहा कि यह केवल मल्लिकार्जुन खरगे का अपमान नहीं, बल्कि देश के करोड़ों दलितों, वंचितों और समानता में विश्वास रखने वाले नागरिकों के सम्मान से जुड़ा मामला है। उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर दलित और पिछड़ा विरोधी मानसिकता रखने का आरोप लगाया। युवा कांग्रेस ने घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि संविधान समानता और सम्मान का अधिकार देता है, इसलिए जाति के आधार पर भेदभाव की मानसिकता स्वीकार नहीं की जा सकती।
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यह है पूरा मामला
दरअसल आठ अगस्त को उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस की विजय शंखनाद रैली का आयोजन किया गया था।रामलीला मैदान में आयोजित उक्त रैली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे शामिल थे। रैली के दिन भी हल्द्वानी में काफी विवाद की स्थिति रही। रैली के दो दिन बाद 10 अगस्त को श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास नाम के संगठन ने रामलीला मैदान पहुंच हवन करने के साथ गंगाजल भी छिड़क डाला। संगठन का कहना था कि रामलीला मैदान सनातन से जुड़े कार्यक्रमों का स्थल है। इसकी पवित्रता को खंडित किया गया है। जिसके बाद कांग्रेस ने आरोप लगाया कि रैली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य शामिल थे जो दलित वर्ग से आते हैं। इसलिए रामलीला मैदान में शुद्धिकरण हवन कार्यक्रम आयोजित किया गया। खरगे ने इस मामले को राज्य सभा में भी उठाया जिसके बाद से कांग्रेस विरोध कर रही है।
