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Holi: ब्रज के बाद अब सीहोर की बारी, पांच मार्च को पं. प्रदीप मिश्रा संग महादेव की दिव्य होली में उमड़ेंगे भक्त
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: सीहोर ब्यूरो
Updated Fri, 27 Feb 2026 03:22 PM IST
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सार
मध्य प्रदेश के सीहोर में 5 मार्च को महादेव की दिव्य होली का भव्य आयोजन होने जा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में आयोजित यह उत्सव भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम होगा।
सीहोर की महादेव होली में खुशियों के रंग। फाइल फोटो
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विस्तार
दुनिया ब्रज की होली देखती है, लेकिन इस बार सीहोर की महादेव होली का अलौकिक रंग देखने का अवसर है। मध्य प्रदेश का सीहोर शहर 5 मार्च को भक्ति और आस्था के अनुपम रंग में रंगने जा रहा है। यहां आयोजित होने वाली महादेव की दिव्य होली केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि आध्यात्मिक जागरण का पर्व है। ब्रज की होली की तरह ही अब सीहोर की महादेव होली भी देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान बना रही है। यह आयोजन अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के संदेश और मार्गदर्शन में संपन्न होगा। पंडित मिश्रा के आह्वान के बाद देशभर से श्रद्धालु इस पावन उत्सव में शामिल होने के लिए उत्साहित हैं।
चमत्कारेश्वर से मनकामेश्वर तक भक्ति यात्रा
5 मार्च को सुबह 9 बजे छावनी स्थित चमत्कारेश्वर महादेव मंदिर से होली की शुरुआत होगी। यहां केसरिया रंग और गुलाल से महादेव के साथ होली खेली जाएगी। इसके बाद शोभायात्रा क्रमशः गुप्तेश्वर महादेव, पिपलेश्वर महादेव, नर्मदेश्वर महादेव होते हुए मनकामेश्वर महादेव मंदिर पहुंचेगी। करीब दो घंटे तक चलने वाली यह यात्रा शिव भजनों, ढोल-नगाड़ों और हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजती रहेगी। मनकामेश्वर मंदिर पहुंचकर विशेष आरती के साथ आयोजन का समापन होगा। पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि दुनिया ब्रज की होली देखती है, लेकिन सीहोर की महादेव होली का दर्शन कर आस्था के नए आयाम को अनुभव करने का अवसर है।
अघोरी संत और आदिवासी नृत्य होंगे आकर्षण
समिति के आनंद गांधी ने बताया कि इस वर्ष की महादेव होली को विशेष बनाने के लिए देशभर से अघोरी संतों को आमंत्रित किया गया है। उनके साथ साधु-संतों की झांकियां और आध्यात्मिक प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करेंगी। साथ ही, भीलों की मंडली और झाबुआ क्षेत्र के आदिवासी कलाकार पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत करेंगे। ढोल की थाप पर जब आदिवासी नर्तक थिरकेंगे तो पूरा वातावरण उत्साह और ऊर्जा से भर उठेगा।
आसमान में उड़ता गुलाल, महकेगा शहर
आयोजन में तीन से चार विशेष मशीनें लगाई जाएंगी जो दूर-दूर तक गुलाल उड़ाएंगी। खुशबूदार अबीर और गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा से पूरा मार्ग सुगंधित हो उठेगा रासायनिक रंगों के स्थान पर प्राकृतिक गुलाल और फूलों की होली खेली जाएगी। आयोजन समिति का उद्देश्य है कि श्रद्धालु भक्ति के साथ सुरक्षित और सात्विक होली का आनंद लें।
जगह-जगह स्वागत मंच और प्रसाद व्यवस्था
शहर की विभिन्न समितियां श्री सिद्ध हनुमान समिति, छावनी उत्सव समिति, गांधी क्लब, नव ज्योति संगठन सहित अन्य संगठन व्यापक तैयारियों में जुटे हैं। रास्ते में दर्जनभर से अधिक स्वागत मंच बनाए जा रहे हैं, जहां श्रद्धालुओं के लिए ठंडाई, नाश्ता और प्रसाद की व्यवस्था रहेगी। भक्ति गीतों की गूंज के बीच श्रद्धालु झूमते हुए आगे बढ़ेंगे।
जिंदगी की शुरुआत महादेव के साथ
पंडित प्रदीप मिश्रा का संदेश है कि गमी की होली के बाद जीवन की नई शुरुआत महादेव के आशीर्वाद के साथ करनी चाहिए। पहले भगवान शिव के साथ होली खेलें, ताकि पूरा वर्ष मंगलमय रहे। जो श्रद्धालु सीहोर नहीं आ सकते, उनसे अपील की गई है कि वे अपने नजदीकी शिव मंदिर में जाकर एक लोटा जल अर्पित करें।
मिनी काशी जैसा आध्यात्मिक अनुभव
सीहोर की महादेव होली को लोग “मिनी काशी” का अनुभव बताते हैं। यहां रंगों से अधिक भक्ति का रंग दिखाई देता है। हर चेहरा शिवमय, हर कदम श्रद्धामय और हर स्वर ‘हर-हर महादेव’ से गुंजायमान होता है। 5 मार्च की सुबह 9 बजे सिद्धपुर नगर, सीहोर में यह दिव्य आयोजन श्रद्धालुओं को भक्ति, उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर देगा।
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चमत्कारेश्वर से मनकामेश्वर तक भक्ति यात्रा
5 मार्च को सुबह 9 बजे छावनी स्थित चमत्कारेश्वर महादेव मंदिर से होली की शुरुआत होगी। यहां केसरिया रंग और गुलाल से महादेव के साथ होली खेली जाएगी। इसके बाद शोभायात्रा क्रमशः गुप्तेश्वर महादेव, पिपलेश्वर महादेव, नर्मदेश्वर महादेव होते हुए मनकामेश्वर महादेव मंदिर पहुंचेगी। करीब दो घंटे तक चलने वाली यह यात्रा शिव भजनों, ढोल-नगाड़ों और हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजती रहेगी। मनकामेश्वर मंदिर पहुंचकर विशेष आरती के साथ आयोजन का समापन होगा। पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि दुनिया ब्रज की होली देखती है, लेकिन सीहोर की महादेव होली का दर्शन कर आस्था के नए आयाम को अनुभव करने का अवसर है।
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अघोरी संत और आदिवासी नृत्य होंगे आकर्षण
समिति के आनंद गांधी ने बताया कि इस वर्ष की महादेव होली को विशेष बनाने के लिए देशभर से अघोरी संतों को आमंत्रित किया गया है। उनके साथ साधु-संतों की झांकियां और आध्यात्मिक प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करेंगी। साथ ही, भीलों की मंडली और झाबुआ क्षेत्र के आदिवासी कलाकार पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत करेंगे। ढोल की थाप पर जब आदिवासी नर्तक थिरकेंगे तो पूरा वातावरण उत्साह और ऊर्जा से भर उठेगा।
आसमान में उड़ता गुलाल, महकेगा शहर
आयोजन में तीन से चार विशेष मशीनें लगाई जाएंगी जो दूर-दूर तक गुलाल उड़ाएंगी। खुशबूदार अबीर और गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा से पूरा मार्ग सुगंधित हो उठेगा रासायनिक रंगों के स्थान पर प्राकृतिक गुलाल और फूलों की होली खेली जाएगी। आयोजन समिति का उद्देश्य है कि श्रद्धालु भक्ति के साथ सुरक्षित और सात्विक होली का आनंद लें।
जगह-जगह स्वागत मंच और प्रसाद व्यवस्था
शहर की विभिन्न समितियां श्री सिद्ध हनुमान समिति, छावनी उत्सव समिति, गांधी क्लब, नव ज्योति संगठन सहित अन्य संगठन व्यापक तैयारियों में जुटे हैं। रास्ते में दर्जनभर से अधिक स्वागत मंच बनाए जा रहे हैं, जहां श्रद्धालुओं के लिए ठंडाई, नाश्ता और प्रसाद की व्यवस्था रहेगी। भक्ति गीतों की गूंज के बीच श्रद्धालु झूमते हुए आगे बढ़ेंगे।
जिंदगी की शुरुआत महादेव के साथ
पंडित प्रदीप मिश्रा का संदेश है कि गमी की होली के बाद जीवन की नई शुरुआत महादेव के आशीर्वाद के साथ करनी चाहिए। पहले भगवान शिव के साथ होली खेलें, ताकि पूरा वर्ष मंगलमय रहे। जो श्रद्धालु सीहोर नहीं आ सकते, उनसे अपील की गई है कि वे अपने नजदीकी शिव मंदिर में जाकर एक लोटा जल अर्पित करें।
मिनी काशी जैसा आध्यात्मिक अनुभव
सीहोर की महादेव होली को लोग “मिनी काशी” का अनुभव बताते हैं। यहां रंगों से अधिक भक्ति का रंग दिखाई देता है। हर चेहरा शिवमय, हर कदम श्रद्धामय और हर स्वर ‘हर-हर महादेव’ से गुंजायमान होता है। 5 मार्च की सुबह 9 बजे सिद्धपुर नगर, सीहोर में यह दिव्य आयोजन श्रद्धालुओं को भक्ति, उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर देगा।

5 मार्च को शिवमय होगा सीहोर, महादेव संग खेलेगी आस्था की दिव्य होली(फ़ाइल फ़ोटो)

5 मार्च को शिवमय होगा सीहोर, महादेव संग खेलेगी आस्था की दिव्य होली(फ़ाइल फ़ोटो)

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