Shahdol News: पंचायतों में मनमानी और भ्रष्टाचार के आरोप, उपसरपंच महासंघ 11 अगस्त से धरने पर
शहडोल में पंचायतों में कथित भ्रष्टाचार और मनमानी के खिलाफ उपसरपंच महासंघ ने 11 अगस्त से आंदोलन और धरने का ऐलान किया है। महासंघ ने सरपंच-सचिव पर नियमों की अनदेखी, बिना काम राशि निकालने के आरोप लगाए। पंचायतों में पारदर्शिता, निर्वाचित प्रतिनिधियों की भागीदारी और मानदेय बढ़ाने की मांग की है।
शहडोल में पंचायतों में कथित भ्रष्टाचार और मनमानी के खिलाफ उपसरपंच महासंघ ने 11 अगस्त से आंदोलन और धरने का ऐलान किया है। महासंघ ने सरपंच-सचिव पर नियमों की अनदेखी, बिना काम राशि निकालने के आरोप लगाए। पंचायतों में पारदर्शिता, निर्वाचित प्रतिनिधियों की भागीदारी और मानदेय बढ़ाने की मांग की है।
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शहडोल जिले की ग्राम पंचायतों में कथित मनमानी, भ्रष्टाचार और प्रशासन की उदासीनता के खिलाफ उपसरपंच महासंघ ने आंदोलन का ऐलान किया है। महासंघ 11 अगस्त से विरोध प्रदर्शन और धरना करने की बात कही है। रविवार को आयोजित प्रेसवार्ता में समिति के संचालक एवं उपसरपंच प्रभाकर कुमार तिवारी ने पंचायतों में नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा जल्द इसमें ध्यान दिया जाए नहीं हम बड़ा आंदोलन करेंगे।
तिवारी ने कहा कि पंचायतों के विकास कार्यों में सभी पंचों को विश्वास में लेकर सर्वसम्मति से निर्णय लिया जाना चाहिए, लेकिन कई पंचायतों में सरपंच और सचिव द्वारा कथित तौर पर मनमाने तरीके से कार्य कराए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद जिला पंचायत और प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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उन्होंने कहा कि कुछ पंचायतों में धरातल पर काम कराए बिना राशि निकालने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। इससे पंचायत प्रतिनिधियों में नाराजगी है। महासंघ ने पंचायतों के कामकाज में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों की भागीदारी की मांग की है।
प्रभाकर तिवारी ने सरपंचों के मानदेय का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि मानदेय बेहद कम होने के कारण दूरस्थ गांवों से पंचायत मुख्यालय तक आने-जाने में भी परेशानी होती है। इसके बावजूद पंचायत प्रतिनिधियों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। महासंघ ने चेतावनी दी है कि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को आगे और तेज किया जाएगा। प्रेसवार्ता में उपसरपंच अब्दुल जब्बार, शिव कुमार जायसवाल, उमाशंकर सिंह समेत बड़ी संख्या में पंचायत प्रतिनिधि मौजूद रहे।
