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Shahdol News: रेलवे की जर्जर दीवार ढहने से मलबे में दबे तीन बच्चे, सिर और पैर में आई गंभीर चोट

Sun, 05 Jul 2026 03:55 PM IST
शहडोल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल Published by: शहडोल ब्यूरो Updated Sun, 05 Jul 2026 03:55 PM IST
सार

शहडोल के कोतवाली क्षेत्र में रेलवे इंस्टिट्यूट के पास जर्जर रेलवे दीवार गिरने से तीन बच्चे मलबे में दब गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल उन्हें बाहर निकालकर निजी अस्पताल पहुंचाया। बच्चों के सिर और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस जांच में जुटी है, जबकि लोगों ने जर्जर ढांचों की मरम्मत की मांग की है।

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Dilapidated railway wall collapses; three children buried in debris, critically injured.
मौके पर पड़ा मलवा।

विस्तार

शहडोल शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में रविवार को बड़ा हादसा हो गया। रेलवे इंस्टिट्यूट के पास स्थित रेलवे की एक पुरानी और जर्जर दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। उस समय दीवार के पास तीन बच्चे खेल रहे थे, जो मलबे की चपेट में आ गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने शोर सुनते ही घटनास्थल की ओर दौड़ लगाई और तत्काल राहत कार्य शुरू किया।

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स्थानीय लोगों ने बिना देर किए दीवार का मलबा हटाकर तीनों बच्चों को बाहर निकाला। घायल बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें तत्काल शहडोल के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार बच्चों के सिर और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। कुछ बच्चों को फ्रैक्चर होने के साथ हेड इंजरी भी बताई गई है। फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है।
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जानकारी के अनुसार हादसे में घायल बच्चों की पहचान यश कुमार, निशांत कुमार और अंशुमन पांडे के रूप में हुई है। तीनों की उम्र करीब 10 से 12 वर्ष के बीच बताई जा रही है। हादसे की सूचना मिलते ही परिजन भी अस्पताल पहुंच गए, जहां बच्चों का इलाज जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दीवार काफी पुरानी और जर्जर थी। अचानक उसके गिरने से बच्चों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वे सीधे मलबे के नीचे दब गए। स्थानीय लोगों की तत्परता के कारण बच्चों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जानकारी जुटाई। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। वहीं स्थानीय लोगों ने रेलवे की जर्जर दीवारों और पुराने ढांचों की समय पर जांच तथा मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।

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