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Shahdol News: रेलवे फाटक पर बैरिकेड्स लगाने पर भड़का विवाद, अंडरपास की दूरी पर लोगों जताई नाराजगी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
Published by: शहडोल ब्यूरो
Updated Sun, 31 Aug 2025 12:01 PM IST
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सार
स्थानीय लोगों का कहना है कि अंडरपास काफी दूर है और रोजमर्रा की आवाजाही में कठिनाई हो रही है। पार्षद करुणेंद्र मिश्रा और नागरिकों ने विरोध जताते हुए कहा कि घर और कामकाज के लिए यह रास्ता ज़रूरी है।
रेलवे फाटक। (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : social media
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विस्तार
शहडोल रेलवे फाटक के पास रविवार सुबह रेल प्रबंधन एवं स्थानीय निवासियों के बीच एक विवाद उत्पन्न हो गया। यह विवाद तब शुरू हुआ जब रेलवे के अधिकारी और पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर फाटक के पास पैदल पार करने के रास्ते में बैरिकेड्स लगाना प्रारंभ किया। रेलवे ने पहले ही इस फाटक को बंद कर दिया था और एक अंडरपास का निर्माण किया था, जो लोगों के लिए काफी दूर स्थित है। इस स्थिति से स्थानीय लोग नाराज हो गए और उन्होंने अपनी आवाज उठाई।
स्थानीय निवासियों का तर्क है कि अंडरपास तक पहुंचना उनके लिए काफी कठिन है, क्योंकि उनके घर फाटक के दूसरी ओर स्थित हैं। इस संबंध में स्थानीय पार्षद करुणेंद्र मिश्रा ने कहा, हमारे घर फाटक के पास हैं और अब यह हमारे लिए असंभव हो गया है कि हम सुरक्षित रूप से अपने घरों तक पहुंच सकें। हमें इस स्थिति के खिलाफ विरोध करने का अधिकार है।
ये भी पढ़ें: 'शंकराचार्य मुझे गाली देते हैं', बाबा बागेश्वर के बयान से गरमाया माहौल, मिली संवाद की चुनौती
रेलवे अधिकारी इस मामले में स्पष्टता प्रदान करते हुए कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से यह कदम उठाया गया है। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी, ने बताया, हमने फाटक पर एक फीट की जगह छोड़ी है, जिसे इमरजेंसी स्थितियों में पैदल यातायात के लिए उपयोग किया जा सके। बाकी सामान्य जनता के लिए यह मार्ग प्रतिबंधित रहेगा।
इस विवाद के चलते पुलिस बल और जीआरपी के कर्मचारी मौके पर पहुंचे, लेकिन स्थानीय लोगों ने अपनी चिंताओं को व्यक्त करना जारी रखा। कई लोगों ने यह भी बताया कि रेलवे के इस फैसले से उन्हें रोजमर्रा की जिंदगी में बहुत कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिक राधिका यादव ने कहा, हम रोजाना इसी रास्ते से काम पर जाते हैं। अब हमे एक लंबा रास्ता तय करना होगा। लोगों की मांग है कि फाटक पर पैदल जाने का रास्ता चालू रखा जाए।
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स्थानीय निवासियों का तर्क है कि अंडरपास तक पहुंचना उनके लिए काफी कठिन है, क्योंकि उनके घर फाटक के दूसरी ओर स्थित हैं। इस संबंध में स्थानीय पार्षद करुणेंद्र मिश्रा ने कहा, हमारे घर फाटक के पास हैं और अब यह हमारे लिए असंभव हो गया है कि हम सुरक्षित रूप से अपने घरों तक पहुंच सकें। हमें इस स्थिति के खिलाफ विरोध करने का अधिकार है।
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रेलवे अधिकारी इस मामले में स्पष्टता प्रदान करते हुए कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से यह कदम उठाया गया है। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी, ने बताया, हमने फाटक पर एक फीट की जगह छोड़ी है, जिसे इमरजेंसी स्थितियों में पैदल यातायात के लिए उपयोग किया जा सके। बाकी सामान्य जनता के लिए यह मार्ग प्रतिबंधित रहेगा।
इस विवाद के चलते पुलिस बल और जीआरपी के कर्मचारी मौके पर पहुंचे, लेकिन स्थानीय लोगों ने अपनी चिंताओं को व्यक्त करना जारी रखा। कई लोगों ने यह भी बताया कि रेलवे के इस फैसले से उन्हें रोजमर्रा की जिंदगी में बहुत कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिक राधिका यादव ने कहा, हम रोजाना इसी रास्ते से काम पर जाते हैं। अब हमे एक लंबा रास्ता तय करना होगा। लोगों की मांग है कि फाटक पर पैदल जाने का रास्ता चालू रखा जाए।

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