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शहडोल में ‘हादसा’ बना रहस्य: कुएं में मिले तीन शवों पर ग्रामीणों ने उठाया सवाल; नशे के नेटवर्क पर गहराया शक

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल Published by: शहडोल ब्यूरो Updated Fri, 17 Apr 2026 09:05 AM IST
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सार

शहडोल में संदिग्ध सड़क हादसा अब गांजा तस्करी और तीन युवकों की रहस्यमयी मौत से जुड़ा बड़ा मामला बन गया है। क्या है नशे के बड़े नेटवर्क और रहस्यमयी मौतों की उलझी कहानी? अभी तक पुलिस ने क्या-क्या बताया है? पढ़ें पूरी खबर

Jaitpur: 200 kg of marijuana recovered, mystery of three deaths remains unsolved
मौके से मिली थी सफेद कार।
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विस्तार

शहडोल के जैतपुर थाना क्षेत्र के कमता तिराहे पर हुई संदिग्ध सड़क दुर्घटना अब महज हादसा नहीं, बल्कि नशे के बड़े नेटवर्क और रहस्यमयी मौतों की उलझी कहानी बनती जा रही है। पुलिस ने जहां 200 किलो गांजा जब्त कर दो आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा किया है, वहीं तीन युवकों की मौत को लेकर कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं।
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कुएं में तीन युवकों के शव
बीते 13-14 अप्रैल की दरमियानी रात कमता तिराहे पर हुई घटना ने पूरे जिले को झकझोर दिया है। एक ओर 50 मीटर दूर कुएं में तीन युवकों के शव मिलने से सनसनी फैली, तो दूसरी ओर उसी मामले में भारी मात्रा में गांजा बरामद होने के बाद यह घटनाक्रम और भी रहस्यमय हो गया है। पुलिस ने इस मामले में कार मालिक शंकर विश्वकर्मा और हीरा सिंह को गिरफ्तार कर उनके पास से करीब 20 लाख रुपए कीमत का 200 किलोग्राम गांजा जब्त करने की बात गुरुवार शाम को मीडिया के साथ साझा की है।
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ओडिशा से गांजा लाने की बात
पुलिस के अनुसार, सफेद लग्जरी कार के मालिक शंकर विश्वकर्मा ने पूछताछ में ओडिशा से गांजा लाने की बात स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर हीरा सिंह के घर से 160 किलो और जंगल से 40 किलो गांजा बरामद किया गया। हालांकि इतनी बड़ी खेप के परिवहन के दौरान अन्य आरोपियों का फरार होना कई सवाल खड़े करता है। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी तेज है कि कहीं यह कार्रवाई मामले को दूसरी दिशा देने की कोशिश तो नहीं।

स्थानीय लोगों ने ये सवाल उठाया
इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि कुएं में मिले तीन शवों की पहचान बिना पूरी कानूनी प्रक्रिया के कैसे कर ली गई? स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक शवों को बाहर निकालकर विधिवत जांच नहीं की गई, तब तक उनकी शिनाख्त की पुष्टि कैसे संभव हुई। इससे पुलिस की भूमिका पर संदेह और गहरा गया है। घटनास्थल से जुड़ा एक और पहलू नकदी को लेकर सामने आया है। सूत्रों के अनुसार मृतकों के पास लाखों रुपए की नकदी होने की बात कही जा रही है, जबकि पुलिस ने केवल एक लाख रुपए मिलने की पुष्टि की है। यह अंतर भी कई तरह की आशंकाओं को जन्म दे रहा है।

घटनास्थल पर मौजूद था मालिक
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, दुर्घटना के बाद कार का मालिक घटनास्थल पर मौजूद था, लेकिन पुलिस के पहुंचते ही वह भागने में सफल हो गया। ऐसे में सवाल उठता है कि पुलिस ने उसे मौके पर ही क्यों नहीं पकड़ा। इसके अलावा रात में ही दोनों गाड़ियों को जल्दबाजी में थाने ले जाने को लेकर भी शंका जताई जा रही है। लोगों का मानना है कि कहीं सबूतों से छेड़छाड़ तो नहीं की गई।

मामले में यह भी सवाल उठ रहा है कि यदि ओडिशा से इतनी बड़ी मात्रा में गांजा लाया जा रहा था, तो रास्ते में पड़ने वाले चेकपोस्ट और थानों को इसकी जानकारी क्यों नहीं लगी। क्या यह तस्करी किसी बड़े नेटवर्क के तहत संचालित हो रही थी, या फिर इसमें किसी स्तर पर संरक्षण प्राप्त था। यह जांच का विषय बना हुआ है।

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तीन युवकों की मौत को लेकर भी तस्वीर साफ नहीं हो पाई है। यदि यह महज सड़क हादसा था, तो घायलों को तुरंत मदद क्यों नहीं मिली और वे कुएं तक कैसे पहुंचे? यह अब भी रहस्य बना हुआ है। वहीं, पुलिस की हर नई थ्योरी के साथ नए सवाल खड़े हो रहे हैं, जिससे पूरे मामले की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं।

पूछताछ में और भी खुलासे होने की संभावना- एसडीओपी
इस संबंध में एसडीओपी बुढ़ार विकास पांडेय का कहना है कि मामले की जांच जारी है। दो आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है, जिसमें 200 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ है। आगे पूछताछ में और भी खुलासे होने की संभावना है।

फिलहाल, कमता तिराहे का यह मामला नशे के अवैध कारोबार, संदिग्ध मौतों और पुलिस कार्रवाई के बीच उलझा हुआ है। जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाएगा कि यह महज हादसा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी है।
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