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Shivpuri News: बैंक में 5.50 लाख जमा करने पहुंचे एक्स आर्मी अफसर, कर्मचारी ने कारण पूछा, फिर बोले-आज तो बच गया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी
Published by: शिवपुरी ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jan 2025 10:45 AM IST
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सार
साइबर ठगों ने आईपीओ में 5.50 लाख रुपए लगाने का झांसा देकर 300 प्रतिशत मुनाफे का लालच दिया था, जबकि अगले दिन उस आईपीओ के शेयर मात्र 123 प्रतिशत तक ही रहे। बैंक कर्मचारी और साइबर सेल की सतर्कता से रिटायर्ड आर्मी अफसर ठगी का शिकार होने से बच गए।
साइबर पुलिस का सम्मान करते हुए बैंक कर्मी और पेंशनर्स एसोसिएशन के सदस्य
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विस्तार
शिवपुरी जिले में एक रिटायर्ड आर्मी अफसर से 5.50 लाख रुपए की डिजिटल ठगी होने से गई। साइबर ठगों के झांसे में आकर रिटायर्ड अफसर रकम जमा कराने बैंक पहुंचे थे। ट्रांजेक्शन से पहले बैंक कर्मचारी ने उनसे वजह पूछी और संबंधित खाता चेक करते ही डिजिटल ठगी की आशंका जताई। इसके बाद साइबर सेल शिवपुरी को सूचना दी गई। साइबर सेल प्रभारी ने आरक्षक के साथ मौके पर पहुंचकर रिटायर्ड आर्मी अफसर को समझाया और उन्हें रकम जमा करने से रोक दिया।
साइबर ठगों ने आईपीओ में 5.50 लाख रुपए लगाने का झांसा देकर 300 प्रतिशत (तीन गुना) मुनाफे का लालच दिया था, जबकि अगले दिन उस आईपीओ के शेयर मात्र 123 प्रतिशत तक ही रहे। साइबर सेल की सतर्कता से रिटायर्ड आर्मी अफसर डिजिटल ठगी का शिकार होने से बच गए।
लालच देकर फंसाने का प्रयास
जानकारी के अनुसार, रिटायर्ड आर्मी अफसर अपने रिटायरमेंट के पैसों से मुनाफा कमाने के लिए ऑनलाइन सर्च कर रहे थे। इसी दौरान एक लिंक पर क्लिक करने से वे एक व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ गए। ग्रुप में शेयर बाजार के आईपीओ में निवेश कर बड़ा मुनाफा कमाने की सलाह दी जा रही थी। शुरुआत में साइबर ठगों ने मामूली रकम निवेश कराकर फायदा दिया। फिर बड़े आईपीओ में निवेश कर 300 प्रतिशत मुनाफा कमाने का झांसा दिया। ठगों ने ज्यादा लॉट में निवेश करने की सलाह दी। इसके बाद गुरुद्वारा शाखा पहुंचकर रिटायर्ड अफसर 5.50 लाख रुपए साइबर ठगों द्वारा भेजे गए बैंक खाते में जमा कराने वाले थे।
पश्चिम बंगाल का खाता देख अकाउंटेंट को हुई शंका
एसबीआई गुरुद्वारा शाखा शिवपुरी के अकाउंटेंट संजय वर्मा ने खाता चेक किया तो वह पश्चिम बंगाल के रामपुर घाट गांव का निकला। उन्होंने तुरंत मैनेजर अविनाश यादव को जानकारी दी। इसके बाद साइबर सेल प्रभारी धर्मेंद्र सिंह जाट को सूचित किया। साइबर सेल प्रभारी आरक्षक के साथ पहुंचे और जांच शुरू की। जांच के दौरान पाया गया कि जिस व्हाट्सएप ग्रुप से अफसर जुड़े थे, उसमें शामिल सभी नंबर बंद थे। केवल ऑडियो कॉल और चैट चालू थे। मोबाइल नंबरों की लोकेशन पश्चिम बंगाल, गुजरात, कर्नाटक और अन्य राज्यों की निकली।
साइबर सेल ने आर्मी अफसर को समझाया और ठगी की आशंका जताई। किसी तरह उन्हें 5.50 लाख रुपए जमा करने से रोका। अगले दिन संबंधित आईपीओ 123 प्रतिशत पर खुला, जबकि ठगों ने 300 प्रतिशत मुनाफे का झांसा देकर अपने खाते में रकम जमा कराने का प्रयास किया था।
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साइबर ठगों ने आईपीओ में 5.50 लाख रुपए लगाने का झांसा देकर 300 प्रतिशत (तीन गुना) मुनाफे का लालच दिया था, जबकि अगले दिन उस आईपीओ के शेयर मात्र 123 प्रतिशत तक ही रहे। साइबर सेल की सतर्कता से रिटायर्ड आर्मी अफसर डिजिटल ठगी का शिकार होने से बच गए।
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लालच देकर फंसाने का प्रयास
जानकारी के अनुसार, रिटायर्ड आर्मी अफसर अपने रिटायरमेंट के पैसों से मुनाफा कमाने के लिए ऑनलाइन सर्च कर रहे थे। इसी दौरान एक लिंक पर क्लिक करने से वे एक व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ गए। ग्रुप में शेयर बाजार के आईपीओ में निवेश कर बड़ा मुनाफा कमाने की सलाह दी जा रही थी। शुरुआत में साइबर ठगों ने मामूली रकम निवेश कराकर फायदा दिया। फिर बड़े आईपीओ में निवेश कर 300 प्रतिशत मुनाफा कमाने का झांसा दिया। ठगों ने ज्यादा लॉट में निवेश करने की सलाह दी। इसके बाद गुरुद्वारा शाखा पहुंचकर रिटायर्ड अफसर 5.50 लाख रुपए साइबर ठगों द्वारा भेजे गए बैंक खाते में जमा कराने वाले थे।
पश्चिम बंगाल का खाता देख अकाउंटेंट को हुई शंका
एसबीआई गुरुद्वारा शाखा शिवपुरी के अकाउंटेंट संजय वर्मा ने खाता चेक किया तो वह पश्चिम बंगाल के रामपुर घाट गांव का निकला। उन्होंने तुरंत मैनेजर अविनाश यादव को जानकारी दी। इसके बाद साइबर सेल प्रभारी धर्मेंद्र सिंह जाट को सूचित किया। साइबर सेल प्रभारी आरक्षक के साथ पहुंचे और जांच शुरू की। जांच के दौरान पाया गया कि जिस व्हाट्सएप ग्रुप से अफसर जुड़े थे, उसमें शामिल सभी नंबर बंद थे। केवल ऑडियो कॉल और चैट चालू थे। मोबाइल नंबरों की लोकेशन पश्चिम बंगाल, गुजरात, कर्नाटक और अन्य राज्यों की निकली।
साइबर सेल ने आर्मी अफसर को समझाया और ठगी की आशंका जताई। किसी तरह उन्हें 5.50 लाख रुपए जमा करने से रोका। अगले दिन संबंधित आईपीओ 123 प्रतिशत पर खुला, जबकि ठगों ने 300 प्रतिशत मुनाफे का झांसा देकर अपने खाते में रकम जमा कराने का प्रयास किया था।

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