सीधी हत्याकांड: 27 बार फोन कर बुलाया, जंगल में पहुंची छात्रा और फिर पत्थर से मारा डाला; चौंकाने वाला खुलासा
प्रियंका साकेत हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा किया है। प्रेम प्रसंग और शादी विवाद में हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस ने पवन कारपेंटर को गिरफ्तार किया। डीएनए, कॉल डिटेल और तकनीकी जांच से मामला सुलझा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सीधी जिले के चुरहट थाना क्षेत्र के कोष्टा पवाई जंगल में मिले मानव कंकाल की पहचान और हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। पुलिस जांच के अनुसार, यह मामला प्रेम संबंध और शादी को लेकर हुए विवाद के बाद हुई हत्या से जुड़ा है। पुलिस ने मामले में पवन कुमार कारपेंटर (20), निवासी चिलरी कला, थाना कमर्जी को गिरफ्तार किया है।
मृतका की पहचान प्रियंका साकेत (19), निवासी ग्राम मवई, थाना चुरहट के रूप में हुई है। प्रियंका बीए फाइनल ईयर की छात्रा थी। पुलिस के अनुसार, दोनों के बीच वर्ष 2025 से प्रेम संबंध थे। पिछले कुछ महीनों से प्रियंका शादी के लिए आरोपी पर दबाव बना रही थी, जबकि आरोपी परिवार के विरोध का हवाला देकर शादी से इनकार कर रहा था।
पुलिस जांच में सामने आया कि घटना वाले दिन आरोपी ने प्रियंका को मिलने के लिए लगातार 27 बार फोन किया। इसके बाद प्रियंका चुरहट पहुंची और दोनों कोष्टा पवाई जंगल की ओर चले गए। वहां शादी को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ।
पढे़ं: 'देश में और भी कई अहम मुद्दे हैं, जिन पर चर्चा की जानी चाहिए', सोनम वांगचुक के सवाल पर बोले विजयवर्गीय
पूछताछ में आरोपी ने क्या बताया?
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह प्रियंका को समझाने के लिए बुलाया था। आरोपी के अनुसार, बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और गुस्से में उसने पत्थर से हमला कर दिया, जिससे प्रियंका की मौत हो गई। हालांकि, पुलिस ने कहा है कि आरोपी के बयानों की जांच उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। हत्या के बाद आरोपी ने कथित तौर पर सबूत मिटाने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक, उसने मृतका का मोबाइल बंद कर दिया, उसके व्हाट्सएप से परिजनों को भ्रामक संदेश भेजे और बाद में मोबाइल को नदी में फेंक दिया।
30 जून 2026 को जंगल में मानव कंकाल मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। डीएनए परीक्षण, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस मृतका की पहचान और आरोपी तक पहुंची। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या, साक्ष्य मिटाने और एससी/एसटी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
