मध्यप्रदेश के खंडवा जिले की धार्मिक तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर के गौमुख घाट पर शनिवार को नर्मदा स्नान के दौरान एक बड़ा हादसा टल गया । यहां गुजरात के बड़ौदा स्थित प्राइवेट यूनिवर्सिटी से बीटेक कर रहे छात्र का पैर फिसलने से वह गहरे पानी में चला गया । हालांकि, गनीमत रही कि स्थानीय नाविकों, गोताखोरों और एसडीईआरएफ की तत्परता से उसकी जान बचा ली गयी और हादसा टल गया ।
मिली जानकारी के अनुसार, तेलंगाना निवासी कल्याण पिता गणेश 18 वर्ष अपने छह दोस्तों के साथ दर्शन के लिए ओंकारेश्वर आया था । ये सभी छात्र गुजरात की यूनिवर्सिटी में बीटेक द्वितीय वर्ष में पढ़ते हैं । दर्शन से पहले सभी गौमुख घाट पर नर्मदा स्नान करने नदी में उतरे थे । इसी दौरान इनमे से छात्र कल्याण का पैर फिसल गया, और वह गहरे पानी में डूबने लगा ।
इधर उसे डूबता देख घाट पर मौजूद कल्याण के अन्य साथियों में चीख-पुकार मच गई । जिसे सुनकर वहां मौजूद स्थानीय लोग तुरंत हरकत में आए । नाविक जयराम भंवरिया ने बिना देर किए एक अन्य स्थानीय युवक किशन गोलकर को बचाव कार्य के लिए आवाज लगाई । किशन ने भी तुरंत नदी में छलांग लगा दी । इसके बाद गोताखोर तुकाराम केवट भी पानी में कूदे और दोनों ने मिलकर डूबते छात्र को बाहर निकाला ।
वहीं, छात्र को पानी से बाहर निकालने के बाद घाट पर मौजूद एसडीईआरएफ के जवान नागेंद्र शर्मा, नरसिंह पवार और वीरेंद्र वर्मा के साथ फोटोग्राफर राजू मेघवाल ने तुरंत प्राथमिक उपचार शुरू किया । कुछ देर में छात्र कल्याण की सांसें वापस आ गईं । इसके बाद उसे एंबुलेंस से सिविल अस्पताल ओंकारेश्वर ले जाया गया ।
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अस्पताल में डॉ. रवि वर्मा, नर्स सपना, नर्स राधा और फार्मासिस्ट हीराल ने छात्र का उपचार किया। डॉक्टरों के अनुसार पानी जाने के कारण छात्र को सांस लेने में दिक्कत थी । ऑक्सीजन और वेंटिलेटर की सुविधा अस्पताल में उपलब्ध न होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए सनावद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेफर कर दिया गया। सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार उदय मंडलोई भी अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ओंकारेश्वर के सभी प्रमुख घाटों पर 24 घंटे गोताखोरों की तैनाती की जाए। साथ ही एसडीईआरएफ को आधुनिक रेस्क्यू उपकरण और ऑक्सीजन वेंटिलेटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि आपात स्थिति में मरीज को घाट पर ही प्राथमिक उपचार मिल सके।