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Sidhi News: रिश्वत के पैसे से जेब गर्म कर रहे थे नायब तहसीलदार, चढ़ गए लोकायुक्त के हत्थे
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सीधी
Published by: अरविंद कुमार
Updated Sat, 21 Dec 2024 06:57 PM IST
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सार
हाईकोर्ट जबलपुर से हुए आदेश के बाद किसान की जमीन का नायब तहसीलदार को नामांतरण करना था। इसकी एवज में नायब तहसीलदार ने 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी।
लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश में सीधी जिले के प्रशासनिक महकमे में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब 25 हजार की नकद रिश्वत लेते नायब तहसीलदार को लोकायुक्त पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। जिले भर में रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार किस कदर हावी है, उसकी एक बानगी सीधी के मझौली तहसील में पदस्थ नायब तहसीलदार बाल्मिक साकेत पर हुई लोकायुक्त कार्रवाई के दरमियान निकाल कर सामने आई।
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दरअसल, हाईकोर्ट जबलपुर से हुए आदेश के बाद किसान की जमीन का नायब तहसीलदार को नामांतरण करना था, जिसके एवज में नायब तहसीलदार ने 50 हजार रिश्वत की मांग की, जिसमें 25 हजार की पहली रिश्वत की किश्त लेते रीवा लोकायुक्त टीम ने गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई में जुटी है।
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आवास में ले रहे थे 25 हजार
सीधी के मझौली तहसील के एक शासकीय आवास में निवास नायब तहसीलदार बाल्मिक साकेत को रीवा लोकायुक्त पुलिस ने 25 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल, मझौली क्षेत्र निवासी प्रवेश शुक्ला का लंबे समय से जमीन विवाद जबलपुर हाईकोर्ट में चल रहा था। जहां पिछले दिनों जबलपुर हाईकोर्ट के फैसले के बाद मझौली नायब तहसीलदार बाल्मिक साकेत को किसान प्रवेश शुक्ल की जमीन का नामांतरण करना था।
इसके एवज में नायब तहसीलदार ने किसान से 50 हजार रिश्वत की मांग की। रिश्वत की पहली किस्त शनिवार के दिन तय हुआ था। हालांकि, किसान इसके पहले भी नायब तहसीलदार को सात हजार रिश्वत दे चुका था। जैसे ही सुबह शासकीय आवास में 25 हजार की नकद रिश्वत किसान ने नायब तहसीलदार को दिया, उसके ठीक बाद ही किसान की सूचना पर रीवा से पहुंची लोकायुक्त पुलिस ने नायब तहसीलदार को रिश्वत के तौर पर दिए गए नकद रुपये के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई के लिए सीधी के सर्किट हाउस लाई। जहां स्थानीय सर्किट हाउस में पिछले पांच घंटे तक लोकायुक्त रीवा की 12 सदस्य टीम की कार्रवाई चली।
चेहरा छिपाते नजर आए रिश्वतखोर अधिकारी
लोकायुक्त कार्रवाई के शिकार हुए नायब तहसीलदार कैमरे के सामने अपना चेहरा छुपा रहे थे। जैसे ही मझौली में नायब तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई हुई, उसके ठीक बाद से ही जिले के प्रशासनिक अधिकारी से लेकर क्षेत्रीय प्रशासनिक कर्मियों में हड़कंप मचा गया है। लोकायुक्त पुलिस के इस कार्रवाई के दरमियान नायब तहसीलदार बाल्मिक साकेत अपना चेहरा कहीं कागज से तो कहीं सिर झुकाकर छुपाते नजर आए। जो इस पूरी कार्रवाई के दरमियान चर्चा में है, जिसे लेकर लोकायुक्त डीएसपी भी मान रहे हैं कि अपराध किए हैं, अब तो चेहरा इसलिये छुपा रहे हैं कि मीडिया में न आएं।
लोकायुक्त डीसीपी का कहना है
डीसीपी प्रवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि नायब तहसीलदार के खिलाफ शिकायत मिली थी। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन पर टीम के साथ छापेमारी की गई, जिसमें रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। उसके बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर रीवा लोकायुक्त टीम आगे की कार्रवाई में जुटी है।
बहरहाल, सीधी के प्रशासनिक महकमों में रिश्वतखोरी भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है, जिसकी बानगी हाई कोर्ट के आदेश के बाद नामांतरण की एवज में मागी गई रिश्वत पर हुई लोकयुक्त कार्रवाई ने पोल खोल दी है। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि लगातार जारी रिश्वतखोर भ्रष्टाचार पर लोकायुक्त की यह कार्रवाई कितनी लगाम लगा पाने में सफल होती है।

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