Singrauli: कोल ब्लॉक आवंटित होते ही बनने लगी मुआवजे की फैक्ट्री! लालच में बना लिया नकली घर, प्रशासन का एक्शन
मध्यप्रदेश में सिंगरौली जिले के पचौर, कुंडा, मझौली और बंधा गांव में जेपी कंपनी को कोल ब्लॉक का आवंटन हुआ है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया की जा रही है। सरकार ने इसके लिए अधिसूचना भी जारी कर दिया है।
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मध्यप्रदेश में सिंगरौली जिले के पचौर, कुंडा, मझौली और बंधा गांव में जेपी कंपनी को कोल ब्लॉक का आवंटन हुआ है, जिसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया की जा रही है। सरकार ने इसके लिए अधिसूचना भी जारी कर दिया है। अधिसूचना जारी होते ही जिला प्रशासन ने भी जमीन की क्रय-विक्रय, नामांतरण और रजिस्ट्री पर रोक लगा दिया है। लेकिन इसके बावजूद भी मुआवजा रैकेट सक्रिय है।
यह रैकेट मुआवाजे वाले घर का निर्माण करवाता है। सरकार से मोटी रकम मुआवाजे के रूप में वसूलती है। सिंगरौली जिले में इसके लिए बकायादा दलाल तक सक्रिय हैं। जैसे ही मुआवजा गिरोह को इस बात की जानकारी होती है कि इलाके में कहीं कोई इंडस्ट्री लगने वाली है, गिरोह सक्रिय हो जाता है। यह गिरोह पहले ललितपुर और सिंगरौली रेलवे प्रोजेक्ट सक्रिय हुआ था। इसके बाद सिंगरौली प्रयागराज हाइवे में सक्रिय हुआ और अब कोल ब्लॉक में एक बार फिर से सक्रिय हो गया है।
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लेकिन अब सिंगरौली जिला प्रशासन मुआवजा रैकेट गिरोह के मंसूबे पर पानी फेर दिया। जिला प्रशासन के द्वारा आवंटित गावों में ड्रोन सर्वे कराया जा रहा है। हालांकि, इस ड्रोन सर्वे का विरोध मुआवजा रैकेट गिरोह के द्वारा किया गया। गिरोह के लोग जिला प्रशासन के सामने कलेक्टर हटाओ सिंगरौली बचाओ ने नारे भी लगाने लगे। लेकिन प्रशासन की सख्ती से आगे गिरोह ने प्रशासन के ड्रोन सर्वे के काम में कोई बाधा न डाल सके।
बताया जा रहा है कि कोल ब्लॉक में मुआवजे इंडस्ट्री पाने की होड़ में कई बड़े नेताओं और अधिकारियों ने भी जमीन खरीद रखी है। इसके साथ ही जमीन मालिक मकान बनवाने के लिए डील भी करते हैं। इस प्रोजेक्ट में भी रेलवे और हाइवे प्रोजेक्ट की तरह ही एक एग्रीमेंट के तहत जमीन का मुआवजा तुम्हारा और मकान का हमारा की तर्ज पर मुआवजा रैकेट मुआवजा इंडस्ट्री तैयार कर रहा है।
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गांव के जागरुक युवाओं ने ठाना है, यहां अब नहीं चलेगा मुआवजा रैकेट
गौरतलब है कि गांव के कुछ जागरुक युवाओं ने बाहरी हटाओ गांव बचाओ का नारा लगाते हुए कहा कि यहां बाहर के लोग आकर रोक के बाद भी मुआवजे के लिए मकानों का निर्माण करा रहे हैं, जिसमें यहां के पटवारी भी उनका साथ दे रहे हैं। युवाओं ने एक वीडियो बनाया और कलेक्टर के पास भेज दिया। सिंगरौली कलेक्टर भी वीडियो देखकर दंग रह गए। पटवारी को कलेक्टर ने निलंबित करने का फरमान जारी कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने फौरन एक टीम तैयार की और ड्रोन के जरिये सर्वे का काम शुरू कराया। इलाके में जब जिला प्रशासन की टीम के साथ 300 से ज्यादा पुलिस फोर्स पहुंची तो मुआवजा माफिया के होश उड़ गए और गिरोह के कुछ सदस्यों ने जिला प्रशासन के सामने कलेक्टर हटाओ सिंगरौली बचाओ का नारा लगाने लगे। हालांकि, प्रशासन की सख्ती के बाद मुआवजा गिरोह वहां से रफूचक्कर हो गया।
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जमीन की खरीद बिक्री पर है रोक
दरअसल, मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के पचौर, बंधा और मझौली आदि गांवों में आवंटित कोल ब्लॉक के लिए सर्वे का काम पूरा हो चुका है, जिसके बाद खरीद-फरोख्त और नामांतरण पर प्रशासन द्वारा रोक लगा दिया गया है। साथ ही अनाउंसमेंट भी करवाया गया है। लेकिन इसके बावजूद भी बड़े पैमाने पर लोग मुआवजे के लिए घर तैयार कर रहे हैं। हालांकि, जिला प्रशासन का दावा है कि मुआवजे के लिए बनाए गए मकानों का मुआवजा नहीं मिलेगा।
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सिंगरौली कलेक्टर ने कहा- मुआवजे के लिए बनाए गए मकानों का नहीं मिलेगा मुआवजा
वहीं, सिंगरौली कलेक्टर चंद्रशेखर शुक्ला ने कहा कि मुआवजे के लिए बड़े पैमाने पर बाहरी लोगों ने मकान का ढांचा तैयार कर लिया है। दूसरे के जमीन पर मुआवजा पाने की होड़ में बाहर या अन्य राज्यों से लोग आकर यहां मकानों का निर्माण करा रहे हैं, जिनका मुआवजा नहीं मिलेगा। इसलिए सभी से अपील है कि मुआवजा पाने की होड़ में आवंटित कोल ब्लॉक के क्षेत्र में मकानों के निर्माण न करें और न ही जमीन क्रय-विक्रय करें।
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