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Twisha Sharma Case: सास गिरिबाला पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार, जिस कोर्ट में थीं जज, क्या वहीं बनेंगी मुजरिम?
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Dinesh Sharma
Updated Thu, 28 May 2026 03:55 PM IST
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सार
त्विषा शर्मा मौत मामले में उनकी सास और पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। सीबीआई लगातार तीसरे दिन पूछताछ कर रही है। हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई है। समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह के बयानों में विरोधाभास भी सामने आया है।
सीबीआई की टीम ने जांच की तेज।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी भोपाल के हाईप्रोफाइल त्विषा शर्मा केस में उनकी सास सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। अभिनेत्री व मॉडल बहू त्विषा शर्मा की मौत के मामले में गिरिबाला सिंह व उनके बेटे अधिवक्ता समर्थ सिंह पर दहेज हत्या का प्रकरण दर्ज है। मामला हाई प्रोफाइल होने और हत्या जैसे संगीन आरोप लगाए जाने के बाद परिजनों की मांग पर सीबीआई मामले की जांच कर रही है। सीबीआई दिल्ली की एक विशेष टीम भोपाल में डेरा डाले हुए है।
गुरुवार को सुबह 10 बजे सीबीआई की विशेष टीम पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के घर पूछताछ करने के लिए पहुंची। टीम अभी भी गिरीवाला सिंह के घर पर ही मौजूद है। आज तीसरा दिन है, जब सीबीआई की विशेष टीम त्विषा की सास गिरिबाला सिंह एवं उसके पति अधिवक्ता समर्थ सिंह से लगातार पूछताछ कर रही है। समर्थ सिंह सीबीआई की रिमांड पर 29 मई तक है। माना जा रहा है कि आज समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह का सीबीआई आमना-सामना कराएगी, क्योंकि दोनों के पूर्व के बयानों में बड़ा विरोधाभास सामने आया है।
ये भी पढ़ें- हिरासत में ली गईं गिरिबाला सिंह? रात में रद्द हुई थी अग्रिम जमानत, सुबह से पूछताछ कर रही थी CBI
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गुरुवार को सुबह 10 बजे सीबीआई की विशेष टीम पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के घर पूछताछ करने के लिए पहुंची। टीम अभी भी गिरीवाला सिंह के घर पर ही मौजूद है। आज तीसरा दिन है, जब सीबीआई की विशेष टीम त्विषा की सास गिरिबाला सिंह एवं उसके पति अधिवक्ता समर्थ सिंह से लगातार पूछताछ कर रही है। समर्थ सिंह सीबीआई की रिमांड पर 29 मई तक है। माना जा रहा है कि आज समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह का सीबीआई आमना-सामना कराएगी, क्योंकि दोनों के पूर्व के बयानों में बड़ा विरोधाभास सामने आया है।
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गिरिबाला के घर के बाहर भारी संख्या में पुलिस तैनात
- फोटो : अमर उजाला
बयानों में विरोध
त्विषा की मौत के पहले के विवाद, मौत के बाद उठाए गए कदमों को लेकर जो बयान समर्थ सिंह ने भोपाल पुलिस की हिरासत में दिया है और गिरिबाला सिंह ने बाहर मीडिया को जो बयान दिया है दोनों में बड़ा विरोध है। ऐसे में अब गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी की आशंका बहुत प्रबल हो गई है। अब देखना होगा कि जिस भोपाल जिला न्यायालय में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से गिरिबाला सिंह ने कई फैसले सुनाए हैं, क्या इस अदालत में वे बहू की संदिग्ध मौत के मामले में दहेज हत्या की मुजरिम बनाकर पेश होंगी।
ये भी पढ़ें- किस आधार पर हाई कोर्ट ने त्विषा की सास गिरिबाला की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज की? पांच कारण
हाईकोर्ट से खारिज हुई जमानत
ज्ञात हो कि गिरिबाला सिंह को दहेज हत्या के मामले में भोपाल कोर्ट ने अग्रिम जमानत दे दी थी, लेकिन परिजनों ने इसका विरोध किया। उधर त्विषा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत से पहले मारपीट व संघर्ष के निशान शरीर पर मिले थे, इसके बाद सरकार द्वारा हाईकोर्ट में पेश की गई स्टेटस रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो गया था कि त्विषा की मौत से पहले उसके साथ मारपीट की गई थी। इसके बाद जबलपुर उच्च न्यायालय ने गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत निरस्त कर दी है। हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद गिरिबाला की गिरफ्तारी संभव मानी जा रही है ।
ये भी पढ़ें- त्विषा की सास गिरिबाला सिंह को बड़ा झटका, एमपी हाई कोर्ट ने रद्द की अग्रिम जमानत याचिका
सीबीआई गिरफ्तारी नहीं, दस्तावेजों पर अधिक काम करती है
हालांकि त्विषा के मामले में एक और बड़ी बात सामने आ रही है कि सामान्य पुलिस जहां गंभीर प्रकरण दर्ज होने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी पर ज्यादा जोर देती है, वहीं केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई या अन्य जांच एजेंसियां गिरफ्तारी से अधिक ध्यान मामले की जांच पड़ताल व दस्तावेजी कार्रवाई पर देती हैं। ऐसे में एक संभावना यह भी है कि सीबीआई गिरिबाला सिंह से पूछताछ कर उन्हें छोड़ दे या हिरासत में लेकर पूछताछ करने के बाद भोपाल ना छोड़ने की शर्त पर छोड़ दे। बाद में दिल्ली एम्स से त्विषा शर्मा की दूसरी पीएम रिपोर्ट मिलने के बाद गिरफ्तारी करे।
त्विषा की मौत के पहले के विवाद, मौत के बाद उठाए गए कदमों को लेकर जो बयान समर्थ सिंह ने भोपाल पुलिस की हिरासत में दिया है और गिरिबाला सिंह ने बाहर मीडिया को जो बयान दिया है दोनों में बड़ा विरोध है। ऐसे में अब गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी की आशंका बहुत प्रबल हो गई है। अब देखना होगा कि जिस भोपाल जिला न्यायालय में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से गिरिबाला सिंह ने कई फैसले सुनाए हैं, क्या इस अदालत में वे बहू की संदिग्ध मौत के मामले में दहेज हत्या की मुजरिम बनाकर पेश होंगी।
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हाईकोर्ट से खारिज हुई जमानत
ज्ञात हो कि गिरिबाला सिंह को दहेज हत्या के मामले में भोपाल कोर्ट ने अग्रिम जमानत दे दी थी, लेकिन परिजनों ने इसका विरोध किया। उधर त्विषा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत से पहले मारपीट व संघर्ष के निशान शरीर पर मिले थे, इसके बाद सरकार द्वारा हाईकोर्ट में पेश की गई स्टेटस रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो गया था कि त्विषा की मौत से पहले उसके साथ मारपीट की गई थी। इसके बाद जबलपुर उच्च न्यायालय ने गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत निरस्त कर दी है। हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद गिरिबाला की गिरफ्तारी संभव मानी जा रही है ।
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सीबीआई गिरफ्तारी नहीं, दस्तावेजों पर अधिक काम करती है
हालांकि त्विषा के मामले में एक और बड़ी बात सामने आ रही है कि सामान्य पुलिस जहां गंभीर प्रकरण दर्ज होने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी पर ज्यादा जोर देती है, वहीं केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई या अन्य जांच एजेंसियां गिरफ्तारी से अधिक ध्यान मामले की जांच पड़ताल व दस्तावेजी कार्रवाई पर देती हैं। ऐसे में एक संभावना यह भी है कि सीबीआई गिरिबाला सिंह से पूछताछ कर उन्हें छोड़ दे या हिरासत में लेकर पूछताछ करने के बाद भोपाल ना छोड़ने की शर्त पर छोड़ दे। बाद में दिल्ली एम्स से त्विषा शर्मा की दूसरी पीएम रिपोर्ट मिलने के बाद गिरफ्तारी करे।

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