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त्विषा शर्मा केस: गिरिबाला-समर्थ की मुश्किलें बढ़ी, एजेंसी की मांग पर 30 जून तक बढ़ाई हिरासत, सीबीआई जांच जारी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: भोपाल ब्यूरो Updated Tue, 16 Jun 2026 08:58 PM IST
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सार

त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले में सीबीआई जांच अभी जारी है। जांच एजेंसी की मांग पर अदालत ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत 30 जून तक बढ़ा दी है।

Twisha Sharma Case: Giribala, Samarth remanded till June 30; CBI probe continues into death case
गिरिबाला-समर्थ की हिरासत बढ़ाई - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में भोपाल केंद्रीय जेल में बंद सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे अधिवक्ता समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत 30 जून तक बढ़ा दी गई है। भोपाल जिला अदालत ने यह आदेश केंद्रीय जांच ब्यूरो की मांग पर जारी किया।





मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई की विशेष जांच टीम ने अदालत को बताया कि दिल्ली एम्स के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा तैयार की गई अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट और बिसरा जांच रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है। कुछ प्रारंभिक रिपोर्टें मिली हैं, जिनका अध्ययन किया जा रहा है। दोनों आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी शोभना भलावे की अदालत में पेश किया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने उनकी न्यायिक हिरासत 30 जून तक बढ़ाने का आदेश दिया।
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गौरतलब है कि त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में सीबीआई ने दहेज हत्या सहित विभिन्न धाराओं में गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था।
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सीबीआई ने हिरासत बढ़ाने के लिए रखे ये तर्क
सीबीआई की ओर से अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने अदालत में बताया कि दिल्ली एम्स द्वारा किए गए मेडिकल परीक्षण की कई रिपोर्टें अभी लंबित हैं। फॉरेंसिक और विसरा रिपोर्ट मिलने के बाद जांच को और दिशा मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण गवाहों के बयान अभी दर्ज किए जाने बाकी हैं। इसके अलावा मृतका और आरोपियों के सोशल मीडिया अकाउंट्स, चैट्स, ऑडियो मैसेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की तकनीकी जांच भी जारी है।

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सीबीआई ने अदालत को बताया कि जांच पूरी होने के बाद यदि आवश्यकता पड़ी तो आरोपियों को दोबारा रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा सकती है। अदालत ने इन तर्कों को उचित मानते हुए न्यायिक हिरासत बढ़ाने का आदेश दिया।

गिरिबाला सिंह ने रखी अपनी मांग
सुनवाई के दौरान गिरिबाला सिंह ने कुछ मामलों में अपना पक्ष भी रखा। उन्होंने अदालत को बताया कि भोपाल केंद्रीय जेल में उपलब्ध कराए जाने वाले हिंदी और अंग्रेजी समाचार पत्रों में उनके मामले से संबंधित खबरों को काटकर अलग कर दिया जाता है। उन्होंने मांग की कि ऐसा न किया जाए और उन्हें संबंधित समाचार पढ़ने की अनुमति दी जाए। इसके अलावा अधिवक्ता से मुलाकात और समाचार पत्र पढ़ने का समय बढ़ाने की भी मांग की गई। हालांकि इस संबंध में अदालत ने फिलहाल कोई नया निर्देश जारी नहीं किया।


परिजनों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट देने की मांग खारिज
त्विषा शर्मा के परिजनों की ओर से अदालत में यह मांग की गई कि दिल्ली एम्स द्वारा तैयार पोस्टमार्टम रिपोर्ट उन्हें उपलब्ध कराई जाए। इस पर सीबीआई ने दलील दी कि अभी पूरी रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है और जो रिपोर्ट मिली है, उसका अध्ययन किया जा रहा है। चूंकि मामले की विवेचना जारी है, इसलिए जांच से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किए जा सकते। अदालत ने इस मांग पर फिलहाल कोई आदेश पारित नहीं किया है।

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